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शहर में निर्माण-सिंचाई के लिए पानी मुफ्त लोगों को लाना होगा केवल खाली टैंकर

राजधानी के घरों में सप्लाई किया जाने वाले फिल्टर पानी अब निर्माण कार्यों या पेड़-पौधों में डालने के लिए इस्तेमाल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:05 AM IST

राजधानी के घरों में सप्लाई किया जाने वाले फिल्टर पानी अब निर्माण कार्यों या पेड़-पौधों में डालने के लिए इस्तेमाल नहीं होगा। नगर निगम ने ऐसे कार्यों के लिए फिल्टर होने के बाद बचे बैकवॉश वाटर की शहर में मुफ्त सप्लाई का ऐलान किया। फिल्टर प्लांट में साफ करने के बाद गंदे पानी के रूप में रोजाना 1 करोड़ लीटर पानी बच रहा है। रावणभाठा के पास हैडेंड लगाकर यह पानी वहीं से टैंकरों में मुफ्त भरा जाएगा। जिन्हें इस पानी की जरूरत है, उन्हें सिर्फ ढाई-तीन सौ रुपए टैंकर पर ही खर्च करने हैं। इसी कीमत पर उन्हें मकान बनाने अथवा शहर के डिवाइडरों और वृक्षारोपण को सींचने के लिए प्रति टैंकर 4 हजार लीटर पानी मिलेगा।

राजधानी में काफी समय से खुद नगर निगम डिवाइडरों और गार्डनों में पेड़-पौधों को सींचने के लिए निगम के फिल्टर किए हुए पानी का इस्तेमाल कर रहा है। बड़ी संख्या में लोग निर्माण कार्यों के लिए भी ठेकेदारों के जरिए निगम की टंकियों से पानी ले रहे थे। लाखों रुपए खर्च कर कर पानी को शुद्ध किया जाता था और इस पानी का इस तरह उपयोग से निगम को लाखों रुपए का नुकसान हो रहा था। इसे रोकने के लिए महापौर प्रमोद दुबे ने बैकवॉश वाटर के उपयोग का फैसला किया। यह पानी अभी अंतरर्राज्यीय बस टर्मिनल के पास बड़ी नाली में बहाया जा रहा है। वहां एक हैडेंड बनाया गया है, जिससे टैंकर भरेंगे। बस टर्मिनल के निर्माण में इसका उपयोग भी शुरू हो गया है।

रावणभाठा बस टर्मिनल के पास लगाया हैडेंड, निर्माण-सिंचाई का पानी वहीं से

मुंहमांगे रेट से भी राहत

बैकवॉश वाटर के उपयोग करने से मकान बनाने वालों को फायदा होगा। अभी वे एक टैंकर फिल्टर पानी के लिए डेढ़ हजार रुपए तक खर्च कर रहे थे। उनका काम 300 रुपए में हो जाएगा। यही नहीं, निगम के महंगे पानी के बजाय लोग अपने बोर वगैरह का इस्तेमाल कर रहे थे। इससे बिजली खर्च का बोझ पड़ता है, जो अब नहीं पड़ेगा क्योंकि मामूली खर्च पर उन्हें एक टैंकर पानी मिल जाएगा।

अपील शुरू करेगा निगम

निगम के जल विभाग के चेयरमैन नागभूषण राव यादव ने कहा कि लोगों से अपील शुरू की जा रही है कि निर्माण के लिए बैकवॉश पानी का ही इस्तेमाल करें। वहीं, नगर निवेश, जल विभाग के अमले को निर्देश दिए गए हैं कि वे ध्यान रखें, कहीं फिल्टर पानी का इस्तेमाल निर्माण के लिए तो नहीं हो रहा है? ऐसे केस मिले तो कड़ी कार्रवाई होगी। यह निर्देश सभी जोन को दिया गया है।

बचेगा फिल्टर पानी

बैकवॉश वाटर के उपयोग का फार्मूला कारगर है। शहर के सभी डिवाइडरों में अब यही पानी इस्तेमाल होगा। लोगों से भी अपील करेंगे कि निर्माण के लिए यही पानी ले जाएं। इससे फिल्टर वाटर भी बचेगा, लोगों पर बोझ भी नहीं पड़ेगा। प्रमोद दुबे, महापौर रायपुर

400 परिवारों के लिए ऐसे बचेगा फिल्टर पानी

4 हजार लीटर वाले टैंकर रोजाना इन कार्यों के लिए औसतन 40 बार भरे जाते हैं।

इस तरह, निर्माण व सिंचाई में रोज 4 लाख ली. साफ पानी खर्च हो रहा है।

1 हजार लीटर प्रति परिवार के हिसाब से इतना पानी 400 घरों में दे सकते हैं।

निगम के पास 1 करोड़ लीटर बैकवॉश वाटर यानी 250 टैंकर मुफ्त उपलब्ध है।

4 हजार लीटर वाले टैंकर रोजाना इन कार्यों के लिए औसतन 40 बार भरे जाते हैं।

इस तरह, निर्माण व सिंचाई में रोज 4 लाख ली. साफ पानी खर्च हो रहा है।

1 हजार लीटर प्रति परिवार के हिसाब से इतना पानी 400 घरों में दे सकते हैं।

निगम के पास 1 करोड़ लीटर बैकवॉश वाटर यानी 250 टैंकर मुफ्त उपलब्ध है।

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