Hindi News »Chhatisgarh »Raipur »News» एग्रीकल्चर पढ़ने वालों की हफ्ते में दो दिन खेतों में क्लास

एग्रीकल्चर पढ़ने वालों की हफ्ते में दो दिन खेतों में क्लास

बीएससी एग्रीकल्चर और गार्डनिंग यानी खेती की पढ़ाई के लिए रायपुर का कृषि विवि नया प्रयोग करने जा रहा है। यहां के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:05 AM IST

एग्रीकल्चर पढ़ने वालों की हफ्ते में दो दिन खेतों में क्लास
बीएससी एग्रीकल्चर और गार्डनिंग यानी खेती की पढ़ाई के लिए रायपुर का कृषि विवि नया प्रयोग करने जा रहा है। यहां के छात्र अब ग्रेजुएशन के पहले साल ही पूरी पढ़ाई क्लास रूम में करेंगे। इसके बाद तीन साल तक उनका फोकस प्रैक्टिकल पर रहेगा। सप्ताह में दो दिन खेतों में उनकी क्लास लगेगी। यह सिस्टम जून-जुलाई से लागू होने वाला है। इसमें अलग-अलग कक्षाओं के ढाई हजार कृषि छात्र शामिल होंगे।

इंदिरा गांधी कृषि विवि के कुलपति डॉ एसके पाटील ने बताया कि इससे विद्यार्थी किताबों के अलावा खेत में जाकर बारीकियां सीख सकेंगे। यह छात्र पर निर्भर होगा कि वह अपने खेत में काम करे या दूसरे के खेतों में। छात्र खेती-किसानी को लेकर पूरी तरह स्वावलंबी हों, इसलिए यह योजना यह योजना शुरू की जा रही है जिसका नाम है-चलो गांव। योजना इस शिक्षा सत्र से शुरू हो जाएगी। जिन छात्रों के पास फार्म या खेत नहीं है उनके लिए खेतों की तलाश की जाएगी। खेतों में काम करने, आने-जाने समेत अन्य का खर्च विवि उठाएगा।

डाटा कर रहे तैयार : विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल जिन विद्यार्थियों का एडमिशन हुआ, उनकी ऑनलाइन जानकारी निकाली जा रही है। इसके लिए सभी कॉलेजों में एक-एक नोडल अफसर बनाया गया है। इसमें यह देखा जा रहा है कि संबंधित छात्र के पास खेत है या नहीं? यह है तो अभी किस स्थिति में है। जानवर है या नहीं। परिवार में कितने लोग है। इनकी आय क्या है। बाद में छात्र ने जुड़कर काम किया तो तीन साल में स्थिति कितनी बदली। क्या आय में बढ़ोतरी हुई या फिर कामयाबी नहीं मिली। सब को जांचेंगे। ताकि यह पता चल सके कि योजना को और बेहतर कैसे किया जाए। तीन साल के बाद जो विद्यार्थी खेती-किसानी के इसी काम को आगे बढ़ाएंगे, विश्वविद्यालय उनकी भी मदद करेगा।

बीएससी कृषि-उद्यानिकी के दूसरे वर्ष के छात्रों के लिए पढ़ाई का नया सिस्टम-चलो गांव, जून-जुलाई से शुरू होगा खेतों में जाना

छात्रों की मदद करेगा विवि

स्वयं की बीज कंपनी शुरू करने वाले कृषि के छात्रों की मदद विश्वविद्यालय मदद करेगा। बीते दिनों आयोजित एक कार्यक्रम में कृषि विवि के कुलपति डॉ.एसके.पाटील ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर बीज उत्पादन एवं प्रसंस्करण के लिए आवश्यक अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विवि से उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शासकीय एवं निजी क्षेत्र में नौकरियों की संख्या में लगातार कमी हो रही है। इस वजह से छात्रों को रोजगार मिलना कठिन हो गया है। इसलिए छात्रों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने हेतु उद्यमिता विकास को बढ़ावा दिया जाना जरूरी है।

दाखिले के लिए मई में परीक्षा : इंदिरा गांधी कृषि विवि से संबद्ध एग्रीकल्चर-हार्टीकल्चर कॉलेजों में दाखिले के लिए प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके तहत 27 मई को प्रवेश परीक्षा होगी। इस बार एग्रीकल्चर की सीटें बढ़ी है। इस तरह से करीब 2200 सीटों पर विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा। प्रवेश परीक्षा का आयोजन व्यापमं से किया जाएगा। दस अप्रैल से इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

Get the latest IPL 2018 News, check IPL 2018 Schedule, IPL Live Score & IPL Points Table. Like us on Facebook or follow us on Twitter for more IPL updates.
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Raipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: एग्रीकल्चर पढ़ने वालों की हफ्ते में दो दिन खेतों में क्लास
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0
    ×