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मॉडल स्टेशन रायपुर पर दिखेगी छत्तीसगढ़ी संस्कृति प्लेटफॉर्म और एंट्री गेट पर बनाएंगे लोक नृत्य के सीन

सुनील सिंह

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:05 AM IST
सुनील सिंह
रेल मंत्रालय ने देश के 600 स्टेशनों को नए लुक देने की तैयारी की है। उन राज्यों की संस्कृति के हिसाब से इंट्री गेट से लेकर प्लेटफॉर्म तक कलाकृतियां बनाई जाएगी। इसमें से छत्तीसगढ़ के तीन स्टेशनों को शामिल किया गया है। पहले नंबर पर मॉडल स्टेशन रायपुर को चुना गया है। वहीं राजनांदगांव और बिलासपुर रेलवे स्टेशन को भी छत्तीसगढ़ की संस्कृति के हिसाब से बनाया जाएगा। रेल मंत्रालय का मानना है कि इससे राज्यों की संस्कृति के संबंध में विदेश से पहुंचने वाले यात्रियों को भी वहां की संस्कृति के बारे में पता चल सकेगा। साथ ही दूसरे राज्यों से आने-जाने वालों को भी राज्यों की संस्कृतियों की जानकारियां भी मिलती रहेगी। रायपुर रेलवे स्टेशन को पुराने ऐतिहासिक संस्कृतियों से जोड़कर निर्माण किया जाएगा।




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रायपुर रेलवे स्टेशन को अब छत्तीसगढ़ी संस्कृति का लुक दिया जाएगा। एंट्री गेट से लेकर प्लेटफॉर्म तक छत्तीसगढ़ी संस्कृति की कलाकृतियां नजर आएंगी। साथ ही लोक नृत्य की कलाकृतियों को भी स्टेशनों की दीवारों पर उकेरा जाएगा। इसके अलावा बिलासपुर और राजनांदगांव के भी स्टेशन इसी तरह के लुक में दिखाई देंगे।

आरएलडीए को दी गई जिम्मेदारी

इस काम की जिम्मेदारी रेल मंत्रालय ने रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण को दी गई है। आरएलडीए चयनित स्टेशनों पर उनकी संस्कृति के हिसाब से रुपरेखा तैयार कर देगा। जिसके बाद चयनित स्टेशनों पर काम शुरु किया जाएगा।

रेलवे बोर्ड का निर्देश जल्द शुरू होगा काम

 रेलवे बोर्ड ने निर्देश जारी किया है कि रायपुर,बिलासपुर और राजनादगांव रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार पर छत्तीसगढ़ी सस्कृति को दर्शाया जाए। इसके लिए जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। पीसी त्रिपाठी, सीपीआरओ, एसईसीआर

छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने बनाई गई योजना

इस तरह के इन तीनांे रेलवे स्टेशनों पर प्रदेश की कलाकृतियां जैसे बस्तर आर्ट,चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात,प्रमुख मंदिरांे सिरपुर चंपारण,प्रमुख गुफाओं, राजिम कुंभ व स्थानीय लोक नृत्य जैसे महत्वपूर्ण संस्कृति को प्रवेश द्वार पर उकेरा जाएगा। इससे यहां आने जाने वाले लोगों को इससे संस्कृति का पता तो चलेगा ही साथ ही लोगों को पर्यटन स्थलांे के बारे में भी जानकारी होगी।

दूसरे राज्यों के स्टेशनों पर भी अंकित होगी वहां की कला और संस्कृति

औरंगाबाद स्टेशन को अजंता या एलोरा वास्तु के आधार पर विकसित किया जाएगा। इसी तरह आगरा स्टेशन को ताजमहल तथा उज्जैन को महाकालेश्वर मंदिर के वास्तु के अनुरूप ढाला जाएगा। नागपुर स्टेशन के परिसर में एक विशाल संतरे का आकार बनाया जाएगा। बेलगांव में महात्मा गांधी का आगमन हुआ था, इसलिए इसे यहां पर विशाल चरखा बनाया जाएगा।