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छोटे उद्योगों के लिए जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट योजना, प्रोडक्ट को बेहतर बनाने और मार्केटिंग का तरीका सिखाएंगी कॉर्पाेरेट एजेंसियां

रायपुर

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:05 AM IST

छोटे उद्योगों के लिए जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट योजना, प्रोडक्ट को 
बेहतर बनाने और मार्केटिंग का तरीका सिखाएंगी कॉर्पाेरेट एजेंसियां
रायपुर डीबी स्टार

दरअसल नोटबंदी और जीएसटी के बाद से प्रदेश के 80 फीसदी छोटे उद्योगों को भारी नुकसान हुआ। ऐसे उद्योग बंद होने के कगार पर आए गए थे। लिहाजा वहां काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरी भी खतरे में आ गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार से राज्य सरकार मदद लेकर जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट योजना शुरु करने जा रही है। इससे छोटे उद्योगों को दोबारा शुरु किया जा सकेगा। प्रदेश के छोटे उद्योगों के संचालक से लेकर कर्मचारियों को बिजनेस प्लान बताने और प्रोडक्ट में क्वालिटी लाने के लिए महाराष्ट्र की स्ट्रेट‘जी’ एंड बिजनेस सोल्यूशन कंपनी से करार हुआ है। यही कंपनी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देगी।

छत्तीसगढ़ सरकार ने महाराष्ट्र की कंपनी से किया करार, नोटबंदी और जीएसटी से प्रभावित छोटे उद्योगों को उबरने मिलेगी मदद



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प्रदेश के छोटे उद्योग अब अपना प्रोडक्ट देशभर में बेच सकेंगे। ज्यादातर फैक्ट्रियां फिर से चालू होंगी। क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार छोटे उद्योगों के लिए जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट योजना बनाई है। इस योजना को मार्च अंत में शुरू किया जाएगा। छोटे उद्योगों के प्रोडक्ट को बेहतर बनाने और मार्केटिंग का तरीका बताने के लिए राज्य सरकार ने महाराष्ट्र की एक कंपनी से एमओयू किया है। इससे लाखों लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।

कंपनी ये ट्रेनिंग देगी...

उद्योगों को नुकसान से कैसे बचाएं

प्रोडक्ट को कैसे बेहतर बनाए

प्रोडक्ट की मार्केटिंग कैसे करें

उद्योगों का सफल संचालन कैसे करें

उद्योगों द्वारा निर्मित उत्पादों की अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं निर्माण प्रक्रिया का वातावरण पर हानिकारक प्रभाव न पड़े

छोटे उद्योग बंद न हों इसलिए शुरू की गई योजना

 छोटे उद्योगों के संचालन में लगातार गिरावट आ रही थी। जिसे देखते हुए इस योजना की शुरुआत की गई है। इससे छोटे उद्योग संचालकांे को प्रोडक्ट की मैनूफैक्चरिंग से लेकर मार्केटिंग तक के बेहतर गुण सिखाएं जाएगें। ओपी चौधरी, कलेक्टर, रायपुर

प्रोडक्ट को बेहतर बनाने देंगे ट्रेनिंग

छोटे उद्योगों के संचालक से लेकर कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के लिए देशभर से स्पेशलिस्ट को बुलाया जाएगा। प्रोडक्ट को बेहतर बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही उन्हें प्रोडक्ट बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। फिर ऐसे प्रोडक्ट को देशभर में छोटी कंपनियां भी बेच सकेगी। वैसे अभी तक राज्यों में ही प्रोडक्ट की सप्लाई होती थी।

प्रशिक्षण के लिए महाराष्ट्र की कंपनी से एमओयू

प्रदेश सरकार ने महाराष्ट्र की कंपनी स्टेट्रजी एंड बिजनेस सोल्यूशन जो कि उद्योगों के सफल संचालन को लेकर देश विदेश में कार्यक्रम आयोजित करती है। उस कंपनी से करार किया है। ये कंपनी पूरे प्रदेश में जिले-जिले के उद्योग संचालक और कर्मचारियों को ट्रेनिंग देगी और उद्योगों को फायदा भी मिलेगा।

2 लाख से ज्यादा उद्योग फिर आएंगे पटरी पर

जीएसटी और नोटबंदी के बाद से दो लाख से ज्यादा उद्योग बंद होने के कगार पर थे। इन्हें जब तक ट्रेनिंग दी जाएगी, तब तक प्रोडक्ट बेहतर क्वालिटी का न निकाले और न ही उसकी मार्केटिंग बेहतर तरीके से कर सके। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को पटरियों पर लाने तक ट्रेनिंग दी जाएगी। इन उद्योगों में प्रोडक्ट की मेनुफैक्चरिंग का काम भी किया जाएगा।

जिलेवार दिया जाएगा प्रशिक्षण

 महाराष्ट्र की कंपनी से प्रदेश सरकार ने करार किया है। ये प्रदेश के सभी जिलों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के संचालकों को नुकसान से बचाने जिलेवार पूरे प्रदेश में प्रशिक्षित करेंगे। छगन लाल मूंदड़ा, चेयरमेन, सीएसआईडीसी

पोर्टल से भी ले सकते हैं ऑनलाइन मदद

इसके लिए जेड पोर्टल भी बनाया गया है। इसमें उद्योग संचालक को अपना पंजीयन कराना होगा। इससे उसे प्रशिक्षण कार्यक्रम की तो जानकारी मिलेगी ही। साथ ही उसे अगर किसी प्रकार की समस्या या सलाह की जरूरत होगी तो उसका भी समाधान किया जाएगा।

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