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बाल वाचनालय में हैं एक हजार से ज्यादा कॉमिक्स, पांचवीं के बच्चे भी पढ़ सकते हैं सेंट्रल लाइब्रेरी में बुक्स

आज इंटरनेशनल चिल्ड्रंस बुक डे है। बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि शहर की लगभग सभी लाइब्रेरी में बच्चों के लिए भी कई...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:05 AM IST

आज इंटरनेशनल चिल्ड्रंस बुक डे है। बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि शहर की लगभग सभी लाइब्रेरी में बच्चों के लिए भी कई तरह की किताबें उपलब्ध हैं। यही नहीं, शहर में एक ऐसी लाइब्रेरी भी है, जो सिर्फ बच्चों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। हम बात कर रहे हैं शंकरनगर स्थित बाल वाचनालय की। यहां किसी भी उम्र के बच्चे सुबह से शाम तक मनपसंद काॅमिक्स, कहानियां, एकेडमिक बुक्स पढ़ सकते हैं।

पिछले सात सालों से संचालित इस लाइब्रेरी में अलग-अलग विषयों, कहानी, कॉमिक्स की 1 हजार से ज्यादा बुक्स हैं। अब तक 500 से ज्यादा लोग लाइब्रेरी की मेंबरशिप ले चुके हैं। बच्चों के अलावा शहर का कोई भी व्यक्ति यहां किताबें निशुल्क पढ़ सकता है। बहुत कम वक्त में हजारों यंगस्टर्स की सबसे फेवरेट लाइब्रेरी में शुमार हो चुकी सेंट्रल लाइब्रेरी में भी बच्चों के पढ़ने के लिए खास व्यवस्था की गई है।

कॉलेज स्टूडेंट्स या आम इंसान के अलावा यहां 5वीं या उससे बड़ी क्लास में पढ़ने वाला कोई भी स्टूडेंट मेंबरशिप ले सकता है। बच्चों के लिए यहां काॅमिक्स और कहानियों की 400 आैर एकेडमिक सब्जेक्ट की 1 हजार से ज्यादा किताबें उपलब्ध हैं। लेकिन अवेयरनेस की कमी के कारण बहुत कम स्कूली बच्चे सेंट्रल लाइब्रेरी आते हैं।

For Children's

बच्चों को लाइब्रेरी भेजने के लिए पैरेंट्स को करेंगे अवेयर

बच्चों को बुक्स पढ़ने के लिए मोटिवेट करने के मकसद से 10 अप्रैल से महाराष्ट्र मंडल कैंपेन शुरू कर रहा है। इसके तहत शहर की कॉलोनियों में घर घर जाकर बच्चों को बुक्स पढ़ने के फायदे बताए जाएंगे। मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने बताया, मराठी कहावत पढ़ोगे तभी बढ़ोगे... बताकर बच्चों और पैरेंट्स को सप्ताह में कम से कम तीन दिन लाइब्रेरी भेजने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए शंकर नगर स्थित बाल वाचनायल में संस्कार केंद्र भी शुरू किया जाएगा। इसके तहत पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, बड़ों से कैसे बात करें, कैसे व्यवहार करें, सुबह-शाम की प्रार्थनाओं के साथ अच्छी कहानियों के माध्यम से बच्चों को संस्कारी बनाया जाएगा।

ऐसे बनें सेंट्रल लाइब्रेरी के मेंबर

सेंट्रल लाइब्रेरी की लाइब्रेरियन माधुरी खलखो ने बताया, 5वीं या बड़ी क्लास में पढ़ने वाला कोई भी बच्चा सेंट्रल लाइब्रेरी पढ़ने आ सकता है। उनके लिए कोई भी रूल्स अलग से नहीं बनाए गए हैं। आधार कार्ड की कॉपी, दो फोटो, एक हजार रुपए कॉशन मनी, 200 रुपए मंथली फीस जमा कर बच्चे मेंबर बन सकते हैं। आमतौर पर लाइब्रेरी में 10वीं या बड़ी क्लास के बच्चे ही पढ़ने आते हैं।

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Web Title: बाल वाचनालय में हैं एक हजार से ज्यादा कॉमिक्स, पांचवीं के बच्चे भी पढ़ सकते हैं सेंट्रल लाइब्रेरी में बुक्स
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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