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बेसमेंट में पार्किंग ही नहीं बनाई, कई काम्प्लेक्सों में इनकी जगह दुकानें बनाकर बेचीं, अगले हफ्ते से शुरू होगी कार्रवाई

News - होली त्योहार के बाद शहर में बेसमेंट पार्किंग का कामर्शियल उपयोग करने के मामलों में नगर निगम बड़ी कार्रवाई करने की...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 03:10 AM IST
बेसमेंट में पार्किंग ही नहीं बनाई, कई काम्प्लेक्सों में इनकी जगह दुकानें बनाकर बेचीं, अगले हफ्ते से शुरू होगी कार्रवाई
होली त्योहार के बाद शहर में बेसमेंट पार्किंग का कामर्शियल उपयोग करने के मामलों में नगर निगम बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। बुधवार को कुछ होटलों की बेसमेंट पार्किंग सील करने के साथ ही इस अभियान की शुरुआत कर दी गई है। निगम ने होली के बाद यानी सोमवार से इस मुद्दे पर शहर में बड़ा अभियान छेड़ने की रणनीति बना ली है। ट्रैफिक सुधारने की मुहिम में जुटी पुलिस की कड़ी चिट्ठी के बाद निगम ने यह अभियान शुरू करने का फैसला लिया है।

कामर्शियल कांप्लेक्स या होटल सहित अन्य बहुमंजिला या बड़े भवनों को बेसमेंट में पार्किंग बनाने का निर्देश है। नगर निगम ऐसे भवनों का नक्शा भी इसी आधार पर करता है लेकिन ज्यादातर व्यावसायिक कांप्लेक्स मे देखा गया है कि नक्शे में बेसमेंट को पार्किंग बनाकर उसका कामर्शियल उपयोग किया जा रहा है। कुछ कांप्लेक्स में बेसमेंट में दुकानें निकाल दी गई। कुछ भवन ऐसे हैं जहां बेसमेंट में होटल और किचन तक संचालित किया जा रहा है। यही नहीं बेसमेंट को पूरी तरह कामर्शियल उपयोग किया जा रहा है। यह सब नगर निगम की आंखों के सामने चल रहा है लेकिन मामला सिर्फ चेतावनी और धमकी तक ही सिमट जाता है। आलम यह है कि निजी ही नहीं सरकारी योजनाओं में भी यही हाल रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण रविभवन रहा है। यहां बिल्डर ने बेसमेंट को ही बेच दिया था। बैंक को किराए पर दिया गया और दुकानें तक संचालित हो रही थी। पिछले साल जब रविभवन में आग लगी तब निगम प्रशासन जागा और अवैध कब्जों को खाली कराया गया। रोड की दूसरी तरफ जयराम कांप्लेक्स का भी यही हाल है। यहां भी बेसमेंट को बेच दिया गया है।

घने शहर में भी नहीं बनाई पार्किंग

जयस्तंभ चौक की आधा किलोमीटर की परिधि में सभी मुख्य व बाइसपास सड़कें व्यावसायिक या अर्धव्यावसायिक हो चुकी हैं। यहां कुछ गिने-चुने बड़े कांप्लेक्स को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर भवनों और कांप्लेक्स में बेसमेंट पार्किंग बनाई ही नहीं गई है।







इन भवनों का व्यावासियक उपयोग हो रहा है। सदर बाजार के 90 प्रतिशत भवनों और कांप्लेक्स में बेसमेंट पार्किंग है ही नहीं।







ज्यादातर कारोबारियों के ग्राहकों की गाड़ियां सड़कों पर ही खड़ी रहती हैं। इसी तरह एमजी रोड, रामसागर पारा, मालवीय रोड, पुरानी बस्ती तथा केके रोड शामिल है।

पुलिस की चिट्‌ठी निगम को

शहर में इन दिनों ट्रैफिक दुरुस्त करने को लेकर पुलिस का बड़ा अभियान चल रहा है। शहर में सड़कों के बीच ट्रांसफार्मर हटाए गए। पेड़ काटे गए और अब बेसमेंट पार्किंग पर कार्रवाई भी पुलिस की सिफारिश पर की जा रही है। रायपुर पुलिस ने नगर निगम को शहर में बेसमेंट पार्किंग का अन्य उपयोग किए जाने संबंधी पत्र लिखा है। उन्होंने पार्किंग का उपयोग सिर्फ पार्किंग के लिए करने के अभियान में निगम से मदद की अपील की है। बताया जा रहा है कि इसी के बाद नगर निगम अब बड़े पैमाने पर कार्रवाई करेगा। कार्रवाई इतनी सख्त होगी कि कोई दबारा बेसमेंट का दूसरा उपयोग नहीं करेगा।

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- सभी होटल संचालक कामर्शियल कांप्लेकस और भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किया गया है। जांच के दौरान बेसमेंट में कब्जा पाया गया तो सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

रजत बंसल, कमिश्नर नगर निगम

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पुलिस की चिट्ठी के बाद जुटा निगम प्रशासन

मल्टीलेवल पार्किंग का इस्तेमाल ही बहुत कम

जयस्तंभ चौक के चारों तरफ व्यावसायिक क्षेत्र की पार्किंग की दिक्कत दूर करने के लिए नगर निगम ने करीब 11 करोड़ रुपए की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग बनाई है। उम्मीद थी कि सड़कों पर पार्किंग कम होगी। बावजूद ज्यादातर अब भी सड़क में ही गाड़ियां रख रहे हैं। यहां 200 कारें तथा 400 दुपहिया वाहनों की पार्किंग की क्षमता है। निगम अफसरों का कहना है कि अभियान के दौरान मल्टीलेवल पार्किंग के आसपास भी सड़कों पर वाहन रखने वाले कारोबारियों और ग्राहकों की गाड़ियां जब्त की जाएंगी।

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