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क्रिश्चियन फेलोशिप में ऑपरेशन कराने वाले 15 लोगों की आंखों की रोशनी जाने का खतरा

News - क्रिश्चियन फेलोशिप अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले 15 लोगों की आंखें गंभीर स्थिति में हैं। इस बात का...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 03:10 AM IST
क्रिश्चियन फेलोशिप में ऑपरेशन कराने वाले 15 लोगों की आंखों की रोशनी जाने का खतरा
क्रिश्चियन फेलोशिप अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले 15 लोगों की आंखें गंभीर स्थिति में हैं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब गुरुवार को राज्य और जिला स्तर के अफसरों की टीम ने अस्पताल में पहुंचकर मरीजों की जांच की। दैनिक भास्कर ने 1 मार्च के अंक में खुलासा किया था कि अस्पताल में ऑपरेशन कराने वाले 30 लोगों का एक के बाद एक तीन बार मोतियाबिंद ऑपरेशन कराया गया, लेकिन दिखाई किसी को नहीं दे रहा। जिसके बाद यहां पहुंचे अफसरों ने ऑपरेशन थियेटर और दवाओं के सेंपल लिए। जांच में अफसरों ने पाया कि 15 मरीजों की आंखें गंभीर रूप से बैक्टीरिया से प्रभावित हैं। 12 मरीज ऐसे पाए गए जिनकी उपचार के बाद आंखों की रोशनी लौट सकती है, 10 की आंखें सामान्य हैं। देर शाम सभी मरीजों को रायपुर के अस्पताल एमएमआई रेफर कर दिया गया। मरीजों के ब्लड सैंपल, आई ड्रॉप के साथ आंखों के अंदर के कल्चर के सैंपल कोलकाता और रायपुर लैब भेजे गए हैं। इसकी रिपोर्ट तीन दिन में आ जाएगी।





इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य संचालक को भेजी जाएगी। वहां से आगे की कार्रवाई होगी।

ये हैं वो 15 रोगी जिनकी ऑपरेशन के बाद से स्थिति गंभीर है

जांच टीम से परिजन बोले- आंखें वापस दिला दो

ओटी में बैक्टीरिया फैलने पर ऐसा होता है

डॉ. सुभाष मिश्रा ने इस इंफेक्शन को सूडोमोनास और पायोसाइनियस बैक्टीरिया से फैलने की बात कही है। उनके अनुसार ये बैक्टीरिया जब ओटी में फैल जाते हैं, तब ऐसा होता है। ये बैक्टीरिया बाहर से आते हैं। ब्लड स्ट्रीम से भी इनका आना होता है। यही मरीजों के लिए घातक हो गया।

जो ड्रॉप दिए, वो मांग लिए| हैलमकोड़ो के मरीज अमरसिंह के अनुसार अस्पताल द्वारा घर जाने के बाद आंखों में डालने के लिए जो ड्रॉप दिए गए, उसे डालने के कुछ देर बाद दिखना बंद हो गया। यहां आने के बाद वह ड्रॉप वापस ले लिए। भास्कर ने पड़ताल कर वह ड्रॉप सामने लाया तो इसमें एक ट्रॉपी और दूसरा प्रेड्स नाम का ड्रॉप था। इसका सैंपल रायपुर भेजा गया है।

एक आंख छीन ली इन्होंने

लखनलाल शर्मा ने बताया अस्पताल ने एक आंख छीन ली। मोतियाबिंद का उपचार कराने यहां आया लेकिन मायूस हो गया। मेरे बेटे भी परेशान हैं। हमें अगले दिन ही गांव से उठा लाए। 3 बार ऑपरेशन कराया पर रोशनी नहीं लौटा पाए।

पवनबाई जगवाही मानपुर, योगाबाई मुकादाह मोहला, सोनाबाई मुकादाह मोहला, हीरासिंह, रोल कवर्धा, संतराम जरहाटोला चौकी, कंचनबाई छुरिया, जिनगुराम गोटियाटोला, मानपुर, मंगलूराम गोटियाटोला, इंदिरा बाई बोरेगांव मानपुर, लक्ष्मी बाई पेंडरवानी छुरिया, देवंतिन बाई रतनभांठ, दसरीबाई मानपुर, सुरैना मिल चाल, जीत कुंवर धनगांव छुरिया, राजाराम खोभा छुरिया।

जांच दल से पिता की आंखों की रोशनी लौटाने की गुहार लगाता लखन शर्मा का पुत्र चंद्रभूषण।

ड्रॉप डालने के बाद दिखना बंद

मिलचाल निवासी सुनैना बाई के अनुसार शनिवार को पट्‌टी खुलने के बाद थोड़ा दिख रहा था, लेकिन आई ड्रॉप डालने के बाद दिखना बंद हो गया। तीसरी बार रायपुर के शंकर नगर स्थित आनंद पड़तानी के अस्पताल ले गए।

सीधी बात

10 को डिस्चार्ज कर दिया गया, 12 माइनर और 15 मेजर केस हैं


अस्पताल में 45 लोगों को आपरेशन किया गया, जिसमें 37 लोगों को आंखों में परेशानी आई थी।


ठीक होने के बाद 10 को डिस्चार्ज कर दिया गया। 12 माइनर और 15 मेजर केस हैं जिनका इलाज चल रहा है।


ये अभी जांच का विषय है। मरीजों का इलाज के दौरान ही संक्रमण का पता चल पाएगा।


नहीं, हमारी जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला। हां कल्चर जांच के लिए भेजा गया, रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण के सोर्स का पता चल पाएगा।


जो दवा मरीजों को दी गई थी उसके सैम्पल को जांच के लिए भेजा जाएगा।


मामले की जांच चल रही है। कुछ मरीजों ने बताया कि पहले ऑपरेशन के बाद पट्‌टी खोलने पर उन्हें साफ दिख रहा था। आशंका है कि बाहरी संक्रमण फैला होगा।

1 मार्च को प्रकाशित खबर।

डॉ. सुभाष मिश्रा, कार्यक्रम अधिकारी, अंधत्व निवारण

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