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28 लाख खर्च कर बनाया ऑक्सीजोन बिल नहीं पटाने पर काटी बिजली पानी नहीं मिलने से पेड़-पौधे सूखे

News - पैसों के अभाव में गोकुलनगर की 19 एकड़ जमीन में बनाया गया ऑक्सीजोन सूखी झाड़ियों के जंगल में तब्दील हो गया है। बिल नहीं...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 03:10 AM IST
28 लाख खर्च कर बनाया ऑक्सीजोन बिल नहीं पटाने पर काटी बिजली पानी नहीं मिलने से पेड़-पौधे सूखे
पैसों के अभाव में गोकुलनगर की 19 एकड़ जमीन में बनाया गया ऑक्सीजोन सूखी झाड़ियों के जंगल में तब्दील हो गया है। बिल नहीं पटाने के कारण यहां की बिजली भी काट दी गई है, जिससे सिंचाई नहीं हो पा रही है। इस कारण अधिकतर पेड़-पौधे सूखने लगे हैं। इस पर लगभग 28 लाख रुपए खर्च किए गए थे।

संतोषी नगर से लगे गोकुल नगर में करीब डेढ़ साल पहले एरिया का काफी बड़ा हिस्सा सुनसान आैर जंगली-झाड़ियों से घिरा था। इसके कारण यहां असामाजिक तत्वाें का जमावड़ा हो रहा था। झाड़ियों के कारण अक्सर यहां छेड़खानी भी होती थीं। लोगों की शिकायत के बाद यहां पर घनी झाड़ियों की छंटाई कर सफाई कराई गई। इसके बाद नगर निगम की इस जमीन पर वन विभाग के अफसरों ने ऑक्सीजोन बनाने की प्लानिंग की। पूरे एरिया को साफ-सफाई करने के बाद यहां अप्रैल 2017 में पीपल समेत अनेक प्रजाति के पांच हजार पेड़ लगाए गए। यह शहर का पहला ऑक्सीजोन था, लेकिन अब ये रखरखाव न होने से पेड़ सूखने की कगार पर हैं।

अंदर बनाया गया तालाब भी सूखा

ऑक्सीजोन को पार्क की तरह डेवलप किया गया है। यहां पर झील आैर तालाब भी बनाया गया है, लेकिन पानी नहीं होने के कारण तालाब पूरी तरह सूख गया है। इसे इसलिए बनाया गया था, ताकि पेड़-पौधों के साथ झील आैर तालाब का आकर्षण मिले। पास से गुजर रहे नाले से सिंचाई के लिए पानी ले सकते हैं, लेकिन मना कर दिया गया है।

वन विभाग ने नहीं चुकाया पैसा

ऑक्सीजोन का करीब डेढ़ लाख रु. का बिजली बिल वन विभाग ने नहीं चुकाया है। इसके बाद विद्युत मंडल द्वारा नोटिस जारी की गई। बजट नहीं होने से बिल नहीं चुकाया गया। इससे वहां का बोर बंद हो गया है। गर्मी बढ़ने के साथ ही पेड़ अब सूखने लगे हैं।

एक नजर में ऑक्सीजोन







सिंचाई के लिए न फंड न ही कोई व्यवस्था की

भास्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ कि ऑक्सीजोन के रखरखाव आैर सिंचाई के लिए फंड ही जारी नहीं किया गया है। यही वजह है कि अप्रैल 2017 में आॅक्सीजोन के उद्घाटन के बाद लगभग तीन महीने ही यहां के पेड़ों को पानी दिया जा सका। क्योंकि इसके बाद लगभग डेढ़ लाख रुपए का बिल नहीं पटाने के कारण विद्युत मंडल ने यहां की बिजली काट दी है। इससे यहां के बोर बंद हैं आैर पेड़ों को पानी तक नहीं दिया जा रहा है। बताते हैं कि विभाग द्वारा पैसा नहीं दिया जा रहा है जिसके कारण यहां की स्थिति खराब हो गई है। न रखरखाव किया जा रहा है आैर न ही पौधों को पानी के लिए व्यवस्था की गई है।

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28 लाख खर्च कर बनाया ऑक्सीजोन बिल नहीं पटाने पर काटी बिजली पानी नहीं मिलने से पेड़-पौधे सूखे
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