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सड़क पर चमत्कार दिखाकर ठगी, पांच राज्यों में वांटेड गिरोह पुलिस के जाल में

News - फर्जी बाबा बनकर सरेराह महिलाओं से ठगी करने वाले अंतर्राज्जीय गिरोह का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 03:10 AM IST
सड़क पर चमत्कार दिखाकर ठगी, पांच राज्यों में वांटेड गिरोह पुलिस के जाल में
फर्जी बाबा बनकर सरेराह महिलाओं से ठगी करने वाले अंतर्राज्जीय गिरोह का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के छह गिरोहबाजों को पकड़ा। ये गिरोह छत्तीसगढ़ के अलावा पांच देश के राज्यों में रोड पर ही चमत्कार दिखाने का झांसा देकर पांच करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुका है। पांचों राज्यों में गिरोह वांटेड हैं, लेकिन अब तक कभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। पहली बार पूरा का पूरा गिरोह पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये गिरोह पांच राज्यों के 20 से अधिक शहरों में वारदातें कर चुका है।

रायपुर में पिछले महीने 6 फरवरी को जालसाजों ने समता कालोनी की सुभांगी कोन्हेर के साथ ठगी की। शाम को वे अपनी रिश्तेदार के साथ खरीदी के लिए जा रही थीं। रास्ते में फर्जी बाबा और उसके गिरोह के सदस्यों ने उन्हें घेरा और करीब एक लाख के जेवर ले गए। जेवर के बदले जालसाज उन्हें कंकड़ पत्थर की पुड़िया थमाकर ले गए। महिलाएं जब घर पहुंची तब उन्हें ठगी जानकारी हुई। क्राइम एसपी अजातशत्रु बहादुर सिंह और सिटी एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि उनकी रिपोर्ट पर पुलिस जांच शुरू की। इसी दौरान पता चला कि रायपुर में वारदात के एक दिन पहले बिलासपुर की महिला इसी तरह से ठगी की शिकार हुई है। इतना ही नहीं रायपुर में ठगी करने के बाद उन्होंने दुर्ग में इसी फार्मूले से लोगों को ठगा। तीनों वारदातों से स्पष्ट हो गया कि एक ही गिरोह सरेराह लोगों से ठगी कर रहा है। इस आधार पर जांच शुरू की गई और पूरा गिरोह सामने आ गया।

मामले का खुलासा करती पुलिस टीम।

ऐसे करते थे वारदात

गिरोह का सरगना सलीम खान बाबा का रुप धारण करता था। गिरोहबाज पूरी प्लानिंग से एक जगह इकट्ठा होते और दूर से ही महिलाओं पर नजर रखते थे। एक या दो महिला आती देखकर गिरोह सक्रिय होता। पहले एक सदस्य महिलाओं के सामने से गुजरता और उनसे पूछता कि उन्होंने बाबा को देखा है क्या? महिलाएं इसके पहले कि कुछ कहतीं, वह उन महिलाओं के सामने बाबा के चमत्कारों का गुणगान करने लगता। इसी बीच बाबा यानी सलीम खान दूर से आने लगता। उसे देखते ही पूछताछ करने वाला उसके गिरोह का साथी बाबा...बाबा... चिल्लाते हुए उनके पैरों पर गिर जाता और कहता बाबा आपने मुझसे जो कहा था मैंने आपकी बात नहीं मानी।



मुझे नुकसान हो गया। फिर बाबा उससे कहते कि जा तेरा कल्याण होगा। वह खुश होता, उसी समय गिरोह का तीसरा सदस्य वहां पहुंचता और बाबा के पैरों में गिरकर उनका गुणगान करने लगता। फिर बाबा को अपनी तकलीफ बताता, बाबा उससे उसकी अंगूठी और चेन सहित जो भी जेवर उसके पास होता, उसे मांगकर पुड़िया बनाते और जेब में रखने के अंदाज में कहता ये मैं रख लूं। उनका साथी जो भक्त बनने का नाटक कर रहा होता है वो कहता हां बाबा रख लीजिए। सब आपका ही तो दिया है। उसके बाद बाबा पुड़िया लौटा देते और कहते, इसे घर पर खोलना और गंगाजल के पास रखना। पूरा घटनाक्रम उन महिलाओं के सामने किया जाता, जो वहां कौतूहल वश खड़ी रह जाती हैं। पूरा गिरोह इतने पेशेवर तरीके से काम करता कि ज्यादातर महिलाओं को विश्वास हो जाता कि वो सिद्ध पुरुष हैं। उसके बाद वे भी बाबा के प्रभाव में आकर अपनी तकलीफें गिनाने लगतीं। बाबा उनके भी जेवर उतरवाता और पुड़िया बनाकर दे देता। महिलाओं से कहा जाता कि वे घर जाकर ही पुड़िया खाेलें। पुड़िया देते समय वे कंकड़ और पत्थर वाली उन्हें थमा देते और जेवर वाली अपने पास रख लेते थे।

सीसीटीवी फुटेज से मिला क्लू

रायपुर पुलिस को जब पता चल गया कि इसी गिरोह ने बिलासपुर और दुर्ग में वारदात की है, तब सीसी टीवी फुटेज से जांच शुरू की गई। इस दौरान रायपुर और बिलासपुर के फुटेज से क्लू मिला। उसके बाद उनकी गाड़ी के नंबर की तलाश की गई। टोल नाकों से फुटेज के आधार पर गाड़ी नंबर का मिलान किया गया। नाके से गुजरने वाली एक-एक गाड़ी का फुटेज चेक किया गया। उसमें से पहचान होने के बाद उस गाड़ी का नंबर निकलवाया गया। उससे साफ हो गया कि गाड़ी चूंकि यूपी की है, इसलिए गिरोह वहीं का होगा। उसी आधार पर वहां के जालसाजों की हिस्ट्री चेक की गई और गिरोह सामने आ गया।

रायपुर-बिलासपुर रोड पर फंसे

पुलिस की टीम यूपी स्थित उनके संभावित ठिकानों पर पहुंचती तब पता चला कि वे अपनी कार से वारदात करने निकल चुके हैं। गाड़ी का नंबर पुलिस के पास था, इसी आधार पर चेकिंग प्वाइंट लगाया गया और रायपुर बिलासपुर रोड पर एक ही गाड़ी से गिरोह का मास्टर माइंड सलीम खान, मोहर्रम अली, रिशाद अली, मो. सलीम उर्फ बबलू, सिकंदर खान और अमर सिंह सोनी को पकड़ा गया। अमर सिंह उनसे ठगी का सोना खरीदकर खपाता था।

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