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दिल्ली की टीम गई, नई कंपनी का इंतजार इस चक्कर में शहर की सफाई फिर ढीली

राजधानी में पिछले एक महीने से अभियान के रूप में चलाया जा रहा सफाई का काम फिर ढीला पड़ गया है। घरों में कचरे के लिए...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 03:25 AM IST

दिल्ली की टीम गई, नई कंपनी का इंतजार 
इस चक्कर में शहर की सफाई फिर ढीली
राजधानी में पिछले एक महीने से अभियान के रूप में चलाया जा रहा सफाई का काम फिर ढीला पड़ गया है। घरों में कचरे के लिए बांटे जाने वाले डस्टबिन अब भी गोदामों में भरे हुए हैं। पिछले 10 दिन से इन्हें बांटने का काम रुक गया है। कई वार्डों में घरों से कचरा इकट्ठा नहीं होने की शिकायतें भी निगम को मिलने लगी हैं। भास्कर की पड़ताल में पता चला कि कचरा कलेक्शन निजी कंपनी को करना है और नालियों की सफाई नगर निगम को। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत यह काम निजी कंपनी को 1 अप्रैल से शुरू करना है, लेकिन इस वजह से निगम अमले ने अभी से कचरा कलेक्शन से हाथ खींच लिए हैं। जानकारों का दावा है कि पिछले एक-डेढ़ माह से सफाई की मुस्तैदी के पीछे की वजह से दिल्ली से आने वाली टीम का सर्वे था। उसके जाने के बाद यह काम फिर कुछ ढीला होने लगा है।

भास्कर से कांग्रेस और भाजपा, दोनों की दर्जनभर पार्षदों ने कहा कि घरों से कचरा कलेक्शन का जो काम रोजाना या एक दिन के आड़ में हो रहा था, पिछले 10 दिन से चार या पांच दिन में होने लगा है। यही नहीं शहर की मुख्य सड़कों को छोड़ दिया जाए तो मोहल्लों और गलियों में झाड़ू लगनी भी कम हो गई है। कई पार्षदों की शिकायत है कि उनके यहां लगे डस्टबिन से कचरा नियमित रूप से नहीं उठाया जा रहा है। इस मामले में कुछ अफसरों ने भी स्वीकार किया कि दिल्ली की टीम के जाने के बाद फिलहाल सफाई को लेकर उच्चस्तर से भी नए निर्देश नहीं मिले हैं। यह भी काम ढीला होने की वजह हो सकती है।

भास्कर पड़ताल

बांसटाल रोड पर लगा डस्टबिन दूसरे दिन ही ढेर

कचरा उठने में भी देर

रोजाना गलियों मोहल्लों तक में सफाई का काम कर रहे ठेकेदार अब डोर टू डोर कचरे का कलेक्शन करने वाली नई ठेका एजेंसी के इंतजार में अभी से पीछे हट रहे हैं। निगम ने हाल ही में इस कंपनी के साथ कांट्रेक्ट के पेपर साइन किए हैं। कंपनी अप्रैल में काम शुरू करेगी। तब ठेकेदारों को कचरा कलेक्शन छोड़ना ही है, इसलिए अभी से ढिलाई बरती जा रही है। यही नहीं, निगम ने आठों जोन में कम्पोस्ट खाद बनाने के लिए और वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 13 जगह सिटी वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर बनाए गए हैं। इन्हें अब तक अच्छी तरह से मेंटेन किया जा रहा था, लेकिन अब यहां से कचरा उठने में भी देरी होने लगी है।

नहीं बंटे पूरे डस्टबिन : आठों जोन दफ्तरों में अभी भी डस्टबिन बांटने का काम भी पूरी तरह नहीं हो पाया है। पूरे शहर में अभी तक करीब 70 फीसदी डस्टबिन ही बंट पाई है। कुछ जोन दफ्तरों में मंगवाई डस्टबिनों की कमी हो गई है, तो कुछ जोन दफ्तरों के परिसर में डस्टबिन का अंबार लगा है।

डस्टबिन क्यों नहीं बांटे जा रहे हैं।



इस पर सफाई के नोडल अधिकारी हरेन साहू का कहना है कि कहीं-कहीं विलंब हुआ है, लेकिन जल्द ही सौ फीसदी डस्टबिन बांटने का टारगेट पूरा कर लिया जाएगा। संबंधित जोन कार्यालयों में इसके लिए बोला जा चुका है।

सफाई सर्वे के दौरान कृत्रिम तरीके से शहर की सफाई को दिखाया गया, मुझे ये सच्चाई स्वीकार करने में जरा भी हिचक नहीं है। क्योंकि हर साल इसी तरह हो रहा है, दिल्ली की टीम आने से पहले स्वच्छता के लिए जो पहल की जाती है, उसे शहर में बाद में कायम नहीं रखा जाता है। श्रीकुमार मेनन, अध्यक्ष, स्वास्थ्य विभाग समिति, नगर निगम

ट्विन डस्टबिन भी डेमेज हुई

शहर में सूखे और गीले कचरे को अलग अलग रखने के लिए लगाई गई नीले और हरे रंग की डस्टबिन भी रखरखाव की कमी के चलते अभी से डेमेज हो गई है। ज्यादातर डस्टबिन जल्दबाजी में लगाई गई इसकी वजह से ये डेमेज हो गई है। दरअसल सफाई सर्वे के लिए दिल्ली की टीम के आने से पहले शहर की सड़कों पर शहर में स्वच्छता दिखाने के लिए ये इंतजाम किया गया था। डस्टबिन लगाते वक्त इस बात का ख्याल नहीं रखा गया कि इन्हें पंद्रह दिन बाद भी लंबे वक्त तक स्थाई रखना है। शहर में कई इलाके ऐसे हैं जहां डस्टबिन अब सीधी नजर नहीं आ रही है। जबकि कई जगह इनमें टूट-फूट भी दिख रही है।

मॉनिटरिंग भी सुस्त

सर्वे से पहले आठों जोन समेत निगम सेंट्रल के भी बड़े अधिकारी सुबह सात बजे से अपने इलाकों में सफाई की मॉनिटरिंग करते थे। दिन में एक नहीं कई बार सफाई का सूरत ए हाल देखने अलग अलग अधिकारियों की टीमें शहर में मुस्तैदी से घूमती थी। लेकिन दिल्ली की टीम जाने के बाद ये काम भी अब सुस्त हो गया है। बीते कई दिनों से मॉनिटरिंग अधिकारी इलाकों का दौरा ही नहीं कर रहे हैं।



इसके कारण सफाई के काम में लापरवाही हो रही है। मोहल्लों और गलियों में भी सफाई का काम बुरे दौर से गुजर रहा है। इससे भी जाहिर होता है कि सफाई सर्वे के दौरान शहर में जो काम किया जाता है वो केवल दिखावटी होता है।

वर्जन



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