• Home
  • Chhattisgarh News
  • Raipur News
  • News
  • होलिका दहन : 800 स्थानों पर जलेगी होली, सिर्फ 300 जगह ही डाली मुरुम
--Advertisement--

होलिका दहन : 800 स्थानों पर जलेगी होली, सिर्फ 300 जगह ही डाली मुरुम

कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर रायपुर। होलिका दहन के मौके पर गुरुवार को राजधानी में 800 से ज्यादा स्थानों पर होली...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:25 AM IST
कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर

रायपुर। होलिका दहन के मौके पर गुरुवार को राजधानी में 800 से ज्यादा स्थानों पर होली जलाई जाएगी। होलिका दहन की मुहूर्त रात 11.22 से 1.38 तक रहेगा।

निगम की ओर से शहर में सिर्फ 300 स्थानों पर मुरुम डाली है। मुरुम की मात्रा इतनी कम है कि सड़कें खराब होना तय है। बुधवार को दोपहर फूल चौक पर मुरुम डाली जा रही थी। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। होली पर नगर निगम हर साल रस्म के बतौर सड़कों पर थोड़ा सा मुरुम डालता रहा है। इससे हर साल सड़कें खराब हो रही हैं। लोग भी नगर निगम के भरोसे रहते हैं और अपनी सुविधा से सड़क पर ही होली जलाते हैं। नगर निगम ने जरूर यह कहा है कि सड़कों अथवा बिजली तार के नीचे होली न जलाएं। इसके बावजूद लोगों की लापरवाही के कारण सड़कें लगातार खराब हो रही हैं। मेन रोड के अलावा गली-मोहल्लों की सड़कों पर होली जलाने का प्रचलन है। होलिका दहन के कारण डामर वाली रोड ही नहीं सीसी रोड भी खराब होती रही है। अधिकारियों का कहना है कि लोग भी डामर वाली सड़क पर होलिका दहन न करें तो सड़कों को खराब होने से बचाया जा सकता है।

30 साल बाद संयोग

इस बार शुक्रवार को शुक्र प्रधान में होली मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्करे बताते हैं कि ऐसा संयोग 30 साल बाद पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होलिका दहन किया जाता है। दूसरे दिन चैत्र मास की प्रतिपदा को होली मनाई जाएगी। इसे बसंत उत्सव के नाम से भी जाना जाता है। 23 फरवरी से होलाष्टक शुरू हुआ था। अशुद्धता होने की वजह से इस अवधि में सारे मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध था। 1 मार्च को होलाष्टक का प्रभाव खत्म हो जाएगा। यानी 2 मार्च से सारे मांगलिक कार्य फिर से शुरू किए जा सकेंगे।

इस होलिका का दहन गुरुवार रात कालीबाड़ी चौक में किया जाएगा। इसे मूर्तिकार पुजारी ने हफ्तों की मेहनत के बाद तैयार किया है।

शहर में होने वाले कार्यक्रम

अपेक्स बैंक में आज खेलेंगे फूलों की होली: अपेक्स बैंक में गुरुवार दोपहर 2 बजे फूलों की होली खेली जाएगी। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक कर्मचारी यूनियन ने किया है। अध्यक्ष अशोक बजाज ने बताया है कि इसके लिए विशेष तौर पर टेसू के फूलों की व्यवस्था की है।

पारीक महासभा: संगठन की ओर से गुढियारी स्थित परशुराम भवन में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया है। संयोजक संतोष तिवारी और किशन पारीक ने बताया कि मेलजोल बढ़ाने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर यहां कई सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया है।

अग्रवाल सभा: समाज का होली मिलन समारोह शुक्रवार को जवाहर नगर स्थित अग्रसेन भवन में अायोजित किया गया है। उपाध्यक्ष कर्तव्य अग्रवाल ने बताया कि इस मौके पर फूलों की होली खेली जाएगी। कार्यक्रम की समाप्ति हाई-टी के साथ होगी।

ट्रांसफॉर्मर और तार के नीचे होलिका न जलाने की अपील: विद्युत विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे ट्रांसफॉर्मर और बिजली तारों के नीचे होलिका न जलाएं। पावर कंपनी के उप महाप्रबंधक विजय मिश्रा ने बताया कि लोगाें को विद्युत उपकरणों से सावधानी रखनी चाहिए। जरा सी लापरवाही बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है। उपभोक्ता सुविधा के लिए होली वाले दिन विभाग के सभी कर्मचारी काम पर रहेंगे। इसके अलावा किसी भी तरह की परेशानी होने पर 1912 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

प्रदेशभर में जलाएंगे

कुरीतियों की होली

प्रदेश में सामाजिक बहिष्कार और टोनही प्रताड़ना जैसे मामले अब भी सामने आते रहते हैं। अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति इसके खिलाफ पूरे राज्य में अभियान चला रही है। इस होली समिति ने लोगों से अंधविश्वास को न मानने की अपील की है। इसी के तहत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में समिति के सदस्य कुरीतियों की होली जलाकर लोगों को जागरूक करेंगे। समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि टोनही, डायन या काला जादू जैसी किसी भी चीज का कोई अस्तित्व नहीं है। लोग अब भी दहेज प्रथा पर विश्वास करते हैं और सामाजिक बहिष्कार जैसे मामलों पर चुप्पी साधे रहते हैं। ऐसी बुराइयां धीरे-धीरे व्यक्ति और समाज को खोखला कर रही हैं। 22वीं सदी में भी अगर 17वीं और 18वीं सदी की मान्यताओं पर लोग विश्वास करेंगे और खाप पंचायतों के

फैसले पर होने वाले अन्याय को सहेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को भी यह दंश झेलना पड़ेगा। ऐसे में समिति लोगों से अपील करती है कि अंधविश्वास और खाप पंचायतों का खुलकर विरोध करें और इस होली नए रंगों के साथ नए और बेहतर समाज के निर्माण मे अपनी भूमिका निभाएं।