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ब्रेन डेड लोगों के अंगों का होगा प्रत्यारोपण, केंद्र से मांगी अनुमति

प्रदेश के जरूरतमंद लोगों को ब्रेन डेड लोगों का अंग मिलने लगेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र सरकार से...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:30 AM IST
प्रदेश के जरूरतमंद लोगों को ब्रेन डेड लोगों का अंग मिलने लगेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र सरकार से अनुमति मांगी है। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैडेबर आर्गन डोनेशन शुरू करने का निर्णय लिया गया। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य सुब्रत साहू ने बताया कि केंद्र से बजट आते ही कैडेबर आर्गन डोनेशन शुरू कर दिया जाएगा।

प्रदेश में कैडेबर यानी ब्रेन डेड लोगों के जरूरी अंग किडनी, लीवर, फेफड़ा व आंख निकाला जा सकेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से अनुमति मांगी है। आर्गन डोनेशन पॉलिसी पिछले साल ही बनी है। इससे जरूरतमंद लोगों को जरूरी अंग मिल पाएंगे। प्रदेश में वर्तमान में आंख व किडनी का ट्रांसप्लांट हो रहा है। डॉक्टरों के अनुसार आंख यानी कार्निया व किडनी के अलावा लीवर, फेफड़ा व हार्ट का ट्रांसप्लांट किया जा सकता है। हालांकि एम्स दिल्ली में ही हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा है।



इसके लिए डॉक्टरों की पूरी टीम की जरूरत होती है। प्रदेश में हर साल 100 से ज्यादा लोगों में कार्निया लगाई जाती है।



यह सुविधा अंबेडकर अस्पताल के अलावा दो निजी अस्पतालों में है। वहीं किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा यहां बड़े निजी अस्पतालों में है। अंबेडकर अस्पताल अंतर्गत डीकेएस में कुछ दिनों में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने वाली है। इसकी तैयारी की जा रही है। लीवर ट्रांसप्लांट के लिए हैदराबाद या दूसरे बड़े शहर जाना पड़ रहा है। साहू ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी एनएचएम को 28 लाख 90 हजार रुपए का बजट मिलते ही कैडेबर आर्गन डोनेशन का काम शुरू कर दिया जाएगा।

कैंसर रोकने तीन ब्लॉक में स्क्रीनिंग

कैंसर, डायबिटीज, हार्ट संबंधी बीमार वाले लोगों को खोजने अभनपुर, कुरुद व पाटन में स्क्रीनिंग की जा रही है। तीनों जिले के 118 उप स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारी लोगों की पहचान कर इलाज के लिए अंबेडकर अस्पताल भेज रहे हैं।