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क्रिश्चियन फेलोशिप अस्पताल ने 30 मरीजों के एक के बाद एक कराए 3 मोतियाबिंद ऑपरेशन, दिख किसी को नहीं रहा

शहर के क्रिश्चियन फेलोशिप अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद 30 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी चली गई।...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:35 AM IST
शहर के क्रिश्चियन फेलोशिप अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद 30 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी चली गई। अस्पताल में शुक्रवार को कुल 40 लोगों का ऑपरेशन हुआ था। शनिवार को पट्‌टी निकालने के बाद इन्हें घर भेज दिया गया। अगले दिन फलोअप में मरीजों ने न दिखने की बात कही। एक के बाद एक ऐसे मरीजों की संख्या 30 तक पहुंच गई। ये मरीज मानपुर, मुढ़पार, विचारपुर, हेलमकोड़ो, मरकाकसा सहित वनांचल के अन्य गांवों के हैं। दिखाई न देने शिकायत करने वाले मरीजों के कुल 3 ऑपरेशन हुए। राजनांदगांव के अस्पताल में में दो और रायपुर में एक हुआ। अब अस्पताल के ऊपर स्थित एक वार्ड में शिफ्ट कर गोपनीय तरीके से इनका उपचार किया जा रहा है।

23 फरवरी को हुए थे ऑपरेशन

23 फरवरी को 40 से अधिक लोगों का क्रिश्चियन फेलोशिप अस्पताल में ऑपरेशन हुआ।

मामला दबाने के लिए प्रबंधन ने मंगलवार सुबह मरीजों को निजी वाहनों से रायपुर भेजा, दो अलग-अलग गुटों में बांटकर उनका दो अलग-अलग अस्पताल में तीसरी बार ऑपरेशन कराया, फिर वापस राजनांदगांव लाए... पर रोशनी नहीं लौटी

अब अस्पताल के ऊपर वार्ड में चल रहा मरीजों का इलाज, आंखों में ड्रॉप डालकर ड्रिप लगाई गई

24 फरवरी को डॉक्टरों इन मरीजों की पट्‌टी खोली और उन्हें घर भेज दिया।

26 फरवरी को फॉलोअप में 30 मरीजों ने न दिखने की शिकायत की। इसी दिन इनका वहीं अस्पताल में फिर नाकाम ऑपरेशन हुआ।

इनका चल रहा है अस्पताल में इलाज

क्रिश्चियन अस्पताल में मरीज ग्राम मुढपार से लखनलाल शर्मा, विचारपुर कौतकी बाई, बाघनदी हेलमकोड़ो से अमर सिंह गोड़, फुलसिंह, दरियाटोला से संतराम गोड़, मरकाकसा से नुरबाई, मानपुर से इंदिरा बाई, दंगरी बाई, मुलर बाई भर्ती हैं। मरीजों ने बताया कि तीन बार ऑपरेशन कराने के बाद भी आंखों की रोशनी वापस नहीं आई। परिजन के अनुसार ऑपरेशन के बाद से एक बार भी डॉक्टर देखने नहीं आए हैं। उन्होंने आगे बताया कि शुक्रवार को मरीज का ऑपरेशन कर शनिवार को घर भेज दिया गया था। इसके बाद सोमवार को फिर ऑपरेशन कराया गया। मंगलवार को रायपुर भेज दिया गया। वहां ऑपरेशन के बाद फिर राजनांदगांव लाया गया।

मुझे तो पता ही नहीं था, आज टीम भेज जांच कराएंगे


27 फरवरी को इन्हें रायपुर लाकर वहां के निजी अस्पताल में तीसरा बार ऑपरेशन हुआ।

राजनांदगांव के इस अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के बिना प्रबंधन करा रहा इन मरीजों का गोपनीय इलाज

सीधी बात: डॉ.थामस अब्राहम प्रबंधक क्रिश्चियन फेलोशिप अस्पताल

मामले की पड़ताल के लिए हमने ही खुद एक्सपर्ट बुला लिए हैं

मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद कुछ मरीजों को दिखना बंद हो गया, क्यों?

ऐसा नहीं है, कुछ मरीजों को दिक्कत हुई थी, जिसका इलाज चल रहा है।

आंख के ऑपरेशन में इतनी बड़ी लापरवाही आखिर हो कैसे हो गई?

हम भी इस मामले की पड़ताल कर रहे हैं, एक्सपर्ट को बुलाया गया है।

क्या ऑपरेशन एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम ने नहीं किया था?

नहीं, हम विशेषज्ञ से ही ऑपरेशन कराते हैं।

तो क्या ओटी संक्रमित रहा होगा?

हम काफी पहले से ऑपरेशन करते आए हैं। उपकरणों को लेकर काफी सावधानी बरती जाती है। इसकी विभागीय जांच कराई जा रही है।

28 फरवरी को रायपुर से मरीजों को लाकर वार्ड में भर्ती कर दिया और बाहरी प्रवेश बंद कर दिया।