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बोर्ड परीक्षा के कारण दोपहर में लगाई जाएंगी बाकी कक्षाएं

माध्यमिक शिक्षा मंडल माशिमं द्वारा आयोजित 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 5 मार्च से शुरू होने के कारण...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:35 AM IST
माध्यमिक शिक्षा मंडल माशिमं द्वारा आयोजित 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 5 मार्च से शुरू होने के कारण नवमीं-ग्यारहवीं और बाकी कक्षाओं का टाइमिंग बदल दिया गया है। सुबह की पाली में लगने वाली कक्षाएं परीक्षा के बाद दोपहर की पाली में लगाई जाएंगी। शिक्षा विभाग ने इस बारे परीक्षा के दौरान भी विद्यार्थियों और शिक्षकों का संपर्क बनाए रखना सिस्टम तैयार किया है। पर्चे में गैप के दौरान किसी तरह की परेशानी आने पर विद्यार्थी शिक्षकों से मिलकर अपनी शंका दूर कर सकेंगे। इसके लिए निर्देश दे दिया गया है।

शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं की टाइमिंग के अनुसार बाकी कक्षाओं का टाइम टेबल बदल दिया है। दसवीं-बारहवीं की परीक्षाएं सुबह 9 बजे से आयोजित होंगी। करीब साढ़े बारह बजे तक परीक्षा और उससे संबंधित काम होंगे। उसके बाद नवमीं-ग्यारहवीं के अलावा दूसरी कक्षाएं लगाईं जाएंगी।

इसके लिए सभी स्कूल के प्राचार्यों और संकुल समन्वयकों को निर्देश दे दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी आरएन बंजारा का कहना है ऐसे स्कूल जहां एक ही कैंपस में प्रायमरी, मिडिल और हाई व हायर सेकेंडरी की कक्षाएं लगायी जाती हैं, लेकिन दोनों के भवन अलग-अलग हैं, वहां प्रायमरी स्कूल के समय में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि छोटे बच्चों की कक्षाओं के कारण परीक्षा में किसी तरह की बाधा न आए।

नवमीं-ग्यारहवीं की कक्षाओं का टाइम टेबल बदलेगा, छात्रों की सुविधा के लिए बनाया नया सिस्टम

2,72,828 बारहवीं में छात्रों की संख्या

3,96,284

दसवीं में छात्रों की संख्या

7.60

लाख कुल छात्र बोर्ड परीक्षा में

2155

परीक्षा के लिए बनाए गए केंद्र

इस बार संवेदनशील सेंटरों की होगी वीडियोग्राफी

माशिमं के अफसरों ने राज्यभर के संवेदनशील परीक्षा सेंटरों की वीडियोग्राफी कराने का फैसला किया है। वहां परीक्षा के दौरान पूरे समय वीडियो ग्राफी होगी। अफसरों के अनुसार इससे परीक्षा में नकल नहीं की जा सकेगी।

परीक्षा में 7 लाख से ज्यादा विद्यार्थी : बोर्ड की परीक्षा में इस साल 7 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। पिछले साल की तुलना में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के कारण परीक्षा सेंटरों की संख्या भी बढ़ानी पड़ी है।

मोबाइल लाने वाले शिक्षकों पर नजर : बोर्ड परीक्षा के दौरान शिक्षकों के मोबाइल पर खास नजर रखी जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस साल परीक्षा ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के लिए मोबाइल का उपयोग पूरी तरह से बैन कर दिया है। परीक्षा शुरू होने के पहले शिक्षकों को अपने अपने मोबाइल फोन प्राचार्य के कक्ष में जमा करने होंगे।

मोबाइल के साथ ब्लूटूथ या किसी भी तरह की इलेक्ट्रानिक डिवाइस भी शिक्षक अपने पास नहीं रख सकेंगे। इस बारे में निर्देश जारी कर दिया गया है। परीक्षा केंद्र प्रभारी को इसकी मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हर परीक्षा में चार दस्ते करेंगे जांच

बोर्ड में नकल को रोकने के लिए हर परीक्षा में चार उड़नदस्ते जांच करेंगे। जिला प्रशासन का एक दस्ता रहेगा। शिक्षा विभाग और बोर्ड के उड़नदस्ते अलग होंगे। विकासखंड स्तर का दस्ता अलग रहेगा। एक-एक दस्ते का दायरा लगभग तय कर दिया गया है। इससे परीक्षा के तीन घंटों के दौरान उड़नदस्ते ज्यादा से ज्यादा परीक्षा सेंटर कवर किए जा सकेंगे। दस्तों की जांच का पूरा सिस्टम भी बना दिया गया है। बोर्ड के मंडल सदस्यों के दस्ते ज्यादातर आउटर इलाकों में जांच करेंगे।