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कार पोल से टकराई, सीट बेल्ट नहीं बंधा था एयरबैग नहीं खुला, पूर्व बीएमओ की मौत

मंगलवार रात 11 बजे जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर ग्राम करहीभदर मोड़ के पास डौंडी के पूर्व बीएमओ 69 वर्षीय डॉ. रूकमांगत...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:35 AM IST
मंगलवार रात 11 बजे जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर ग्राम करहीभदर मोड़ के पास डौंडी के पूर्व बीएमओ 69 वर्षीय डॉ. रूकमांगत रामटेके की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। कार में पीछे बैठे उनकी प|ी 61 वर्षीय डॉ. शालिनी रामटेके, बेटा डॉ. अक्षय रामटेके व ड्राइवर रोहित कोठारी घायल हो गए। जिन्हें गंभीर अवस्था में रायपुर रेफर किया गया। सभी डिजायर कार से रायपुर से अपने घर दल्लीराजहरा लौट रहे थे। कार उनका ड्राइवर रोहित कोठारी चला रहा था।

करहीभदर के पास मोड़ से पहले कार अनियंत्रित हुई और सड़क से नीचे उतरकर नालियों से गुजरते हुए हाईटेंशन के पोल में जा टकराई। घटना के बाद तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग दौंड़े और सभी को कार से बाहर निकाला। जिसके बाद रात 11.27 बजे 108 संजीवनी के माध्यम से चारों को जिला अस्पताल लाया गया। तब तक दल्लीराजहरा के भिलाई इस्पात, कमला व शहीद अस्पताल की एबुंलेंस बालोद में आकर खड़ी हो चुकी थी। सभी को अलग-अलग एबुंलेंस से रायपुर ले जाया जा रहा था।



लेकिन झलमला में पहुंचते ही डॉ. आर रामटेके ने दम तोड़ दिया। जांच के बाद वापस जिला अस्पताल ले आए।

आखिरी समय में भी चिंता: सीनें की चार हडि्डयां टूटी, फिर भी प|ी व बेटे का हाल पूछते रहे

दल्लीराजहरा में आरोग्य से डॉ. अमित तिवारी, अक्षय के दोस्त हैं। रात को घटना होने के बाद पहली फोन अमित को ही आया। अमित ने बताया कि अक्षय फोन करके बताया कि उनकी कार एक्सिडेंट हो चुकी है। मां-पापा सभी घायल हैं। मुझे तत्काल मदद चाहिए। मैं दल्लीराजहरा के प्रमुख डॉक्टरों को सूचित करके एंबुलेंस लेकर निकला। रास्ते में मुझे और कॉल आए जिसमें राहगीर बात कर रहे थे। हम बालोद पहुंचे इसके बाद 108 पहुंची। मैं बीएमओ आर रामटेके सर के साथ था। वह बार-बार हमें पूछ रहे थे कि शालू (प|ी) और अक्षु (बेटा) कैसे हैं। उन्हें पसीना आ रहा था।



डॉ. साहब बोले की मुझे घबराहट हो रही है। सिर में गहरी चोंट, सीने की हडि्डयां टूटने के बाद भी वह बात कर रहे थे। जिला अस्पताल में प्रारंभिक इलाज के दौरान भी सभी समस्याओं को बता रहे थे। लेकिन जब रेफर किए तो बीच रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।