• Home
  • Chhattisgarh News
  • Raipur News
  • News
  • राजधानी के करीब पहुंचने वाले बिगड़ैल हाथियों को पकड़ने अगले माह ऑपरेशन
--Advertisement--

राजधानी के करीब पहुंचने वाले बिगड़ैल हाथियों को पकड़ने अगले माह ऑपरेशन

राजधानी के करीब पहुंचने वाले बिगड़ैल हाथियों को पकड़ने का अभियान अप्रैल में शुरू किया जाएगा। कर्नाटक के कुमकी...

Danik Bhaskar | Mar 14, 2018, 04:20 AM IST
राजधानी के करीब पहुंचने वाले बिगड़ैल हाथियों को पकड़ने का अभियान अप्रैल में शुरू किया जाएगा। कर्नाटक के कुमकी हाथी यहां के जंगली माहौल में सामान्य हो चुके हैं। अगले महीने से उन्हें राजधानी के आउटर में ऑपरेशन में उतारा जाएगा। वन विभाग का फोकस अभी उन उत्पाती और बिगड़ैल हाथियों काे पकड़ना है जो राजधानी के करीब पहुंच गए थे। हाथी दल के बिगड़े हुए हाथियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। एक-दो हाथियों की पहचान भी कर ली गई है।

वन विभाग के अफसरों और विशेषज्ञों की टीम कुमकी हाथी की एक-एक गतिविधियों पर नजर रख रही है। हाथियों को महासमुद के सिरपुर के पास जंगल में कैंप बनाकर रखा गया है। वहीं उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। कर्नाटक से तीन स्पेशलिस्ट महावतों को बुलवाया गया है। वही अभी हाथियों को उत्पाती हाथियों को घेरकर पकड़ने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। अफसरों का कहना है कि यहां के 9 महावतों को भी कुमकी हाथियों को कंट्रोल करना सिखाया जा रहा है। अफसरों ने बताया कि ये प्रयास किए जा रहे हैं यहां के स्थानीय महावत हाथियों के ज्यादा करीब रहें, ताकि कर्नाटक के विशेषज्ञों के जाने के बाद वे कुमकी हाथियों के लेकर यहां के दूसरे उत्पाती हाथियों को पकड़ने ऑपरेशन चला सकें। अफसरों ने बताया कि कर्नाटक के विशेषज्ञ तुरंत नहीं लौटेंगे। उनकी निगरानी में जंगलों में एक-दो बड़े ऑपरेशन चलाए जाएंगे। वे यहां के महावतों को हाथी पकड़ना सिखाएंगे। उसके बाद ही लौटेंगे।

पहली बार महावतों की भर्ती

वन विभाग जल्द ही महावतों की भर्ती करेगा। पहली बार महावतों की भर्ती का फैसला किया गया है। इसके लिए भर्ती नियम बनवाए जा रहे हैं। अफसरों का कहना है कि हाथी अब छत्तीसगढ़ में हमेशा रहेंगे। उन्हें एकाएक भगाया नहीं जा सकता। ऐसी दशा में उन्हें कंट्रोल करने के लिए लगातार ऑपरेशन चलाए जाएंगे। इस स्थिति को देखते हुए ही तय किया गया है कि अब यहां महावतों की भर्ती की जाएगी। भर्ती का सिस्टम विभाग में होने वाली दूसरी भर्तियों की तरह होगा। गौरतलब है कि अभी वन विभाग ने सरगुजा के 9 ग्रामीणों की महावतों की ट्रेनिंग दी है। वे अभी कर्नाटक के महावतों की मदद से ट्रेनिंग प्राप्त कर रहे हैं।

पूरे राज्य में चलेगा ऑपरेशन| कुमकी हाथियों की मदद से पूरे राज्य में उत्पाती हाथियों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन चलाया जाएगा। महासमुंद के जंगलों में सबसे पहले ऑपरेशन की शुरुआत की जाएगी, क्योंकि यहां के जंगलों के हाथी पिछले साल दिसंबर में राजधानी के करीब मंदिरहसौद तक पहुंच गए थे। 18 हाथियों के इस दल में दो से अधिक उत्पाती हाथी हैं, वे जंगल में विचरण करने के दौरान रास्ते में आने वाले मकानों और खेतों को नुकसान पहुंचाते हैं। उनकी पहचान करने के बाद उन्हें पकड़ा जाएगा। इसके लिए हाथियों को बेहोश तक करने की प्लानिंग है। बेहोशी का इंजेक्शन लगाने के बाद उन्हें रेस्क्यू सेंटर में लाकर कुमकी हाथी बनाया जाएगा।

बाद में उन्हीं की मदद से बिगड़ैल हाथी कंट्रोल किए जाएंगे।