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शासकीय भूमि का भू-अर्जन कर 36 लाख रुपए की धोखाधड़ी, अब तक कार्रवाई नहीं

News - आरंग। ग्राम समोदा में बैराज निर्माण के पश्चात डूबान में प्रभावित किसानों की निजी भूमि का राजस्व विभाग द्वारा...

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2018, 04:25 AM IST
शासकीय भूमि का भू-अर्जन कर 36 लाख रुपए की धोखाधड़ी, अब तक कार्रवाई नहीं
आरंग। ग्राम समोदा में बैराज निर्माण के पश्चात डूबान में प्रभावित किसानों की निजी भूमि का राजस्व विभाग द्वारा षड्यंत्रपूर्वक कुल 197 खसरा रकबा 25.480 हेक्टेयर भूमि का भू-अधिग्रहण किया गया है। जिसका पर्दाफाश परमानंद जांगड़े पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने किया।

समोदा के कोटवारी शासकीय सेवा भूमि पटवारी हल्का नंबर 47 आरंग खसरा नं. 413, 449, 450, 458, 1174 जिसका कुल रकबा 1.33 हेक्टेयर था। दीपिका देवदास की सेवा भूमि का भू-अधिग्रहण करके शासन से 36 लाख 2 हजार 308 रुपए जमीन एवं वृक्ष का मुआवजा दिया गया। मामले का खुलासा होने पर तत्काल प्रशासन ने पटवारी गज्जू यादव सहित कोटवार दीपिका देवदास को निलंबित किया। साथ ही प्रदान की गयी राशि जो बैंक में जमा थी, उसे फ्रीज की कार्रवाई की गई। जबकि अधिकतर राशि को आरोपी द्वारा बैंक से निकाल उपयोग कर लिया गया था। तत्कालीन एसडीएम से कोटवार ने कबूल किया था कि पंचायत सरपंच, पटवारी, आरआई व अन्य कई सहभागियों के बीच रकम की बंदरबाट की गई है। कोटवार एवं पटवारी से रकम लौटने के नाम पर आज 11 महीने हो गए, जिसमें फर्जीवाड़ा करने वालों से राशि की वसूली नहीं की गई। मुख्य सरगना पटवारी एवं तहसीलदार को बर्खास्त नहीं किया गया है, जो विभाग की दोहरी नीति को दर्शाता है। जो फर्जीवाड़ा हुए हैं, उसमें पटवारी ने उक्त जमीन पर प्रतिवेदन रिपोर्ट दिया है, इकरारनामा में गवाही है।



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