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रेलवे को रंगा ट्राई कलर्स से, कटते पेड़ और बढ़ती बिल्डिंग को बताया घातक

शहर में तीन अलग-अलग जगहों पर आयोजित पेंटिंग कॉम्पिटीशन में प्रतिभागियों ने सेव एन्वायरमेंट, वुमसं एंपावरमेंट और...

Danik Bhaskar | Mar 14, 2018, 04:25 AM IST
शहर में तीन अलग-अलग जगहों पर आयोजित पेंटिंग कॉम्पिटीशन में प्रतिभागियों ने सेव एन्वायरमेंट, वुमसं एंपावरमेंट और इंडियन रेलवे की खूबसूरत छवि उकेरी। केंद्रीय भूमि जल बोर्ड ने "जल बचाएं जीवन सुरक्षित करें', महाकोशल कला वीथिका ने वुमंस और रेलवे ने भारतीय रेल विषय पर पेंटिंग कॉम्पिटीशन आयोजित किया। रेलवे के स्टेट लेवल कॉम्पिटीशन में सुधाकर राव ने रेलवे ट्रैक को ट्राई कलर्स और सूरज को अशोक चक्र का रूप देकर पेंटिंग तैयार की। इस थॉटफुल पेंटिंग के लिए उन्हें फर्स्ट प्राइज मिला। उनकी इस पेंटिंग ने नेशनल कॉम्पिटीशन में भी पुरस्कार जीता।

डेवलपमेंट को दिया ड्रैगन का रूप

पानी के बिना जीवन की कल्पना भी मुश्किल है। पेड़ काटकर और जल स्रोत सुखाकर किया जा रहा डेवलपमेंट देश में ड्रेगन की तरह आग बरसा रहा है। जहां पानी हाेता है, वहां जिंदगी होती है। वो क्षेत्र हरा भरा और वहां के लोग स्वस्थ और खुशहाल होते हैं। दंतेवाड़ा से आए 6वीं के स्टूडेंट जागेंद्र कश्यप ने अपनी पेटिंग के जरिए ये मैसेज दिया। क्रिएटिव पेंटिंग और सोशल मैसेज के लिए उन्हें फर्स्ट प्राइज से सम्मानित किया गया।

मौका था केंद्रीय भूमि जल बोर्ड की ओर से "जल बचाएं जीवन सुरक्षित करें' विषय पर आयोजित पेंटिंग कॉम्पिटीशन का। प्रदेशभर से चुने गए 50 पार्टीसिपेंट्स ने कैनवास पर कूची से जल संरक्षण का मैसेज दिया। दूसरे स्थान पर रायपुर की 8वीं की स्टूडेंट पीहू दुबे रहीं। उन्होंने पानी को मां बताते हुए दिखाया कि कैसे पानी उसका उपयोग किया जा रहा है और कैसे यूज करना चाहिए। तीसरे स्थान पर रहे 7वीं क्लास के एम एविओम सिंह ने पानी को जीवन का स्रोत बताते हुए दिखाया कि सभी जीव की उत्पत्ति पानी से ही होती है और जहां पानी नहीं है वहां जीवन ही नहीं है। कार्यक्रम में रविवि के प्रोफेसर एन बोधनकर, उत्तर मध्य छग क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ ओ एन तिवारी, नोडल अधिकारी वरिष्ठ वैज्ञानिक महेश एम सोनकुसरे व अन्य मौजूद रहे।

पेटिंग्स में उकेरे नारी के रूप, सिक्योरिटी और सेल्फ डिपेंड होने किया अवेयर

महाकोशल कला वीथिका में महाकोशल ललित कला कॉलेज और लायंस क्लब की ओर से वुमंस थीम पर अखिल भारतीय कोलाज कला प्रदर्शनी-2018 का आयोजन किया गया। देशभर से सलेक्टेड आर्टिस्ट की लगभग 50 पेंटिंग्स यहां एग्जिबिट की गईं। पेंटिंग्स में महिलाओं के कई रूप देखने मिले। किसी ने मॉ की ममता को दिखाया तो किसी ने लड़की का मुंह बंदकर उसकी आवाज को दबाने, कुचलने वालों को उकेरा। इसके जरिए नारी पर होते शोषण को दिखाया गया। पेंटिंग्स से वेस्टर्न कल्चर को बहुत ज्यादा फॉलो कर अपने लिए मुश्किलें खड़ी करने वाली वुमंस को अलर्ट भी किया गया। साथ ही भारतीय समाज में नारी को देवी और मां के तौर पर जो महत्व दिया गया है, वो भी रेखांकित किया गया। पेंटिंग्स में वुमंस सिक्योरिटी, सेल्फ डिफेंस और सेल्फ डिपेंड, बच्चे को दुलारती, स्कूल के लिए तैयार करती, घर की जिम्मेदारियां संभालती महिला के कई रूप भी देखने को मिले।

गिरधारी और ईश्वर ने भी जीता प्राइज

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल की ओर से पेंटिंग कॉन्टेस्ट का आयोजन खारुन रेल विहार, इंजीनियरिंग कॉलोनी में किया गया। इसमें रेलवे एम्पलॉयी को हुनर दिखाने का मौका दिया गया। इसमें सुधाकर राव ने दो तरह की पेंटिंग बनाई। एक में उन्होंने तीन ट्रैक को ट्राई कलर्स केसरिया, सफेद और हरे रंग में रंगा। सूरज को अशोक चक्र का रूप दिया। दूसरी पेंटिंग में तीन रेलवे ट्रैक पर सरपट दौड़ती रेल ट्राई कलर्स में उकेरी। इस कांटेस्ट में भारतीय रेल टॉपिक पर ही प्रतिभागियों को पेंटिंग करनी थी। सुधाकर फर्स्ट, गिरधारी सेकेंड और ईश्वर रेड्डी थर्ड पोजिशन पर रहे। विनर्स को सुनील सिंह ने प्राइज दिया।