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2013 में 22 स्थानों पर लगे संकल्प शिविर,18 में जीते, अब 90 क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को करेंगे रिचार्ज

प्रदेश में भाजपा के सघन जनसंपर्क अभियान के बाद अब कांग्रेस सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में संकल्प शिविर के जरिए...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 06:10 AM IST
प्रदेश में भाजपा के सघन जनसंपर्क अभियान के बाद अब कांग्रेस सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में संकल्प शिविर के जरिए कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करेगी। कांग्रेस ने यह फैसला पिछली बार के परिणामों के मद्देनजर लिया है। बताया जा रहा है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. नंदकुमार पटेल के समय कांग्रेस ने प्रदेश के 22 विधानसभा क्षेत्रों में संकल्प शिविर आयोजित किए थे। इसमें से 18 स्थानों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। इसी को ध्यान में रखकर कांग्रेस ने इस बार सभी विधानसभा क्षेत्रों में संकल्प शिविर के जरिए कार्यकर्ताओं को चुनौती देने का निर्णय लिया है। परिवर्तन का संकल्प-कांग्रेस ही विकल्प की थीम पर पहले चरण में कांग्रेस प्रदेश के दस विधानसभा क्षेत्रों में संकल्प शिविर आयोजित करेगी। 2 अप्रैल से शुरू हो रहे इस संकल्प शिविर की कमान प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, प्रभारी सचिव अरूण ऊरांव सहित पीसीसी चीफ भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत सहित अन्य वरिष्ठ नेता संभालेंगे। सभी नेता एक जुट होकर कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए प्रशिक्षित करेंगे।

तीन दिनों में दस विधानसभा : कांग्रेस 2 अप्रैल से 4 अप्रैल तक दस विधानसभाओं में संकल्प शिविर आयोजित कर रही है। इसमें बूथ, सेक्टर, जोन व वार्ड प्रभारियों को चुनावी गुर सिखाने की तैयारी है। 2 अप्रैल को बिलासपुर, रायगढ़, 3 अप्रैल को सारंगगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली और 4 अप्रैल को मस्तुरी, अकलतरा, पाली-तानाखार, लैलूंगा में प्रशिक्षण शिविर होंगे। इस बार कांग्रेस एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। इसके लिए कांग्रेस ने साफ तौर पर गाइडलाइन तय की है ताकि किसी तरह का मतभेद न होने पाए। पीसीसी ने तय किया है कि संकल्प शिविर के दौरान किसी भी नेता के नाम से जिंदाबाद के नारे नहीं लगेंगे। न ही कोई बैनर पोस्टर लगेगा। केवल एक बैक ड्राप होगा, जिसपर राहुल और सोनिया गांधी के फोटो के साथ वक्त है बदलाव का नारा लिखा होगा।

ओबीसी को ज्यादा टिकट मिले, इसकी कोशिश होगी: साहू

कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद कांग्रेस भवन में सांसद ताम्रध्वज साहू ने प्रदेश के ओबीसी विभाग की पहली बैठक ली। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण में पिछड़ा वर्ग को ज्यादा से ज्यादा प्रतिनिधित्व मिले, इसकी पूरी कोशिश रहेगी। कोशिश इस बात की भी होगी कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाने में पिछड़ा समाज की बड़ी भूमिका हो। साहू ने कहा कि पिछड़ा वर्ग को कांग्रेस से जोड़ने की रणनीति तैयार कर तेजी से क्रियान्वयन की दिशा में जुट जाएं। पिछड़ा वर्ग से जुड़ी सभी जातियों को कांग्रेस से जोड़कर संगठन को मजबूत किया जाएगा, आलाकमान ने यह जिम्मेदारी सौंपी है। साहू ने कहा कि समय आने पर बीजेपी को हम करारा जवाब देंगे। पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं दिए जाने का दोष कांग्रेस पर लगाए जाने को लेकर साहू ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी विरोध नहीं किया है, बल्कि विरोध कानून के संशोधित कंडिकाओं को लेकर रहा है, इसे बीजेपी राजनीतिक रूप दे रही है। पीसीसी चीफ बघेल के पिता नंदकुमार बघेल द्वारा 51 सीटों के संभावित प्रत्याशियों की दी गई सूची पर साहू ने कहा कि उन्होंने आवेदन दिया है। आवेदन देखने के बाद यदि जरूरत हुई तो प्रदेश नेतृत्व और आलाकमान को सूची दूंगा।

पटेल की जगह यादव होंगे प्रभारी सचिव

एआईसीसी ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिव को बदल दिया है। कमेश्वर पटेल की जगह चंदन यादव को राज्य का प्रभारी सचिव बनाया गया है. माना जा रहा है कि मध्यप्रदेश के चुनाव को देखते हुए कमलेश्वर को इस जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है। वे विधायक हैं और उन्हें भी चुनाव लड़ना है। राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने जारी आदेश में पटेल के आग्रह का भी उल्लेख किया है। नए सचिव बिहार मूल के चंदन यादव जेएनयू से पीएचडी किए हुए हैं। वे राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया विभाग के पैनलिस्ट होने के साथ बिहार कांग्रेस में महासचिव हैं।