Hindi News »Chhatisgarh »Raipur »News» राजधानी के करीब मनोहरा और कुकेरा गांव में हर घर चिटफंड कंपनी की ठगी का शिकार

राजधानी के करीब मनोहरा और कुकेरा गांव में हर घर चिटफंड कंपनी की ठगी का शिकार

राजधानी से 50 किलोमीटर दूर। धरसींवा ब्लॉक के मनोहरा और कुकेरा गांव। दोनों गांव में सरपंच से लेकर एक-एक परिवार किसी न...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 06:20 AM IST

राजधानी के करीब मनोहरा और कुकेरा गांव में हर घर चिटफंड कंपनी की ठगी का शिकार
राजधानी से 50 किलोमीटर दूर। धरसींवा ब्लॉक के मनोहरा और कुकेरा गांव। दोनों गांव में सरपंच से लेकर एक-एक परिवार किसी न किसी तरह चिटफंड कंपनी द्वारा की गई ठगी के शिकार हैं। जल्द अमीर बनने के चक्कर में किसी ने पैतृक संपत्ति, किसी ने कर्ज लेकर मोटी रकम, कुछ ने प्राॅपर्टी बेचकर ठगों को अपनी पूंजी सौंप दी। कई महिलाएं जीवनभर की बचत जालसाजों को सौंपकर अब खाली हाथ बैठी हैं। ब्लाॅक में इन दोनों गांव के अतिरिक्त देवरी, निनोवा, रैता जैसे और कई गांव हैं। इनमें लगभग 75 से 100 प्रतिशत लोग किसी न किसी चिटफंड कंपनी के शिकार हो चुके हैं, कंपनियों के बस नाम अलग-अलग हैं। कुकेरा आैर मनोहरा में लगभग 250 से 300 घर हैं। रायपुर के एसपी कार्यालय में चिटफंड कंपनी द्वारा ठगी का शिकार हुए लोगों से शिकायत आवेदन जमा करवाने का काम पिछले कई माह से चल रहा है। भास्कर को पता चला कि ठगी का शिकार हुए लोगों में कई गांव ऐसे हैं जिसमें पूरा गांव भी शामिल है। ऐसे अधिकांश गांव धरसींवा विधानसभा के अंतर्गत आता हैं। भास्कर ने की इन गांवों की ग्राउंड रिपोर्ट...

आसपास के गांवों से 6 करोड़ से ज्यादा डूबे

गांव- मनोहरा, आबादी- 1000, घर- लगभग 200

70 वर्ष की हूं, पति की कुछ समय पहले मौत हो गई। मेरे पास अंतिम संस्कार तक के लिए पैसे नहीं थे। जिस चिटफंड कंपनी में पैसा जमा किया था वहां से पैसे मांगे लेकिन उन्होंने नहीं दिए। रिश्तेदारों से उधार लेकर अंतिम संस्कार किया। जरूरत के समय के लिए ही पैसा जमा किया जाता है, समय आने पर वही न मिले तो क्या गुजरती है यह बता नहीं सकती।’’ -कौशिल्या बाई

मनोहरा गांव में ठगी के शिकार ग्रामीण।

बेटे की शादी करना चाहती थी। बेटे ने कंपनी में पैसा जमा किया था, उम्मीद थी जरूरत के समय पैसा मिलेगा। लेकिन कई बार चक्कर काटने के बाद भी पैसे नहीं मिले। इसलिए मैंने अपने एकमात्र छोटे से खेत को गिरवी रखा और बेटे की शादी की।’’ -ठगिया बाई

गांव कुकेरा, आबादी- 2000. घर- 300

देवरी से लगभग चार किलोमीटर दूर है कुकेरा गांव। भास्कर टीम ने ग्रामीणों से जब कंपनी में पैसा जमा करने के बारे में पूछा तो पता चला कि लगभग सभी ग्रामीणों ने किसी न किसी कंपनी में पैसा जमा करवाया है। लोगों ने 2 हजार से लेकर 3 लाख रुपए तक कंपनी के पास जमा कराए हुए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि रायपुर में जमा किए गए पैसों की रसीद की फोटो कॉपी जमा करवाने दिया है। पैसा कब तक मिलेगा पता नहीं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×