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फाइनेंशियल ईयर के आखिरी दिन बैंकों में देर रात तक चला काम

प्रशासनिक रिपोर्टर | रायपुर वित्तीय साल का आखिरी दिन होने की वजह से शनिवार को कई तरह के टैक्स के लिए सरकारी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 06:20 AM IST

फाइनेंशियल ईयर के आखिरी दिन बैंकों में देर रात तक चला काम
प्रशासनिक रिपोर्टर | रायपुर

वित्तीय साल का आखिरी दिन होने की वजह से शनिवार को कई तरह के टैक्स के लिए सरकारी दफ्तरों में लोगों की भीड़ लगी रही। निगम में प्रापर्टी टैक्स पटाने काउंटर पर लंबी कतार रही। बैंकों में भी कारण देर रात तक चालान स्वीकार किया गए। आयकर विभाग में इंकम टैक्स और रजिस्ट्री दफ्तर में मकान-जमीन की रजिस्ट्री कराने सुबह से शाम तक लोग वहां परिसर में डटे रहे।

इंकम टैक्स समेत कई तरह के चालान की अदायगी के लिए बैंकों में कैश काउंटर खुले रहे। लोग काउंटरों से रुपए तो नहीं निकाल पाए, लेकिन सभी तरह के टैक्स का भुगतान होता रहा। इस वजह से आम लोगों को खासतौर पर कारोबारियों को इससे बड़ी राहत मिली। अब 1 अप्रैल रविवार और 2 को वार्षिक लेखाबंदी की वजह से बैंक बंद रहेंगे। बुधवार से वित्तीय काम सामान्य दिनों की तरह होगा। शनिवार को हालांकि लोगों की सुविधा के लिए सिविल लाइन स्थित आयकर दफ्तर में भी अफसर ड्यूटी करते रहे। लोगों को रिटर्न संबंधी जानकारी देने के लिए विशेष शिविर भी लगाया गया।

चार दिनों में 10 करोड़ की रजिस्ट्री :वित्तीय साल के आखिरी दिन रजिस्ट्री दफ्तर में करोड़ों की रजिस्ट्री हुई। विभाग के अफसरों के अनुसार 27 से 31 मार्च तक 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की रजिस्ट्री हुई है। लोगों की भीड़ की वजह से रात में भी रजिस्ट्री होती रही। राज्य सरकार ने रायपुर जिले को इस साल 498 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य दिया था, जिसमें करीब 400 करोड़ का टारगेट पूरा कर लिया गया।



जो पिछले साल से थोड़ा ज्यादा है। 1 अप्रैल से जमीन की नई सरकारी कीमत तय कर दी गई है। 1 अप्रैल को रविवार होने की वजह से अब 2 अप्रैल को नई गाइडलाइन दफ्तरों में पहुंचाई जाएगी।

आयकर दफ्तर में लगाया गया शिविर, दो साल के रिटर्न के लिए मिली सलाह

रजिस्ट्री दफ्तर में लगी भीड़।

आठ जोन दफ्तरों में भी पहुंचे लोग

2017-18 के संपत्ति कर के भुगतान के लिए 31 मार्च की तारीख होने के कारण सभी जोन दफ्तरों में राजस्व अफसरों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। 1 अप्रैल से संपत्ति कर में 17 फीसदी सरचार्ज लगने की वजह से लोग सुबह से देर शाम तक संपत्ति कर का भुगतान करते रहे। आखिरी दिन निगम को भी संपत्ति कर के रुप में बड़ा कैश कलेक्शन मिला। 1 अप्रैल को रविवार होने की वजह से निगम के सभी दफ्तर बंद रहेंगे।

निगम ने वसूले 120 करोड़ रु.

निगम ने शुक्रवार तक लगभग 120 करोड़ टैक्स वसूल लिया है। संपत्तिकर जमा करने के आखिरी दिन यानी शनिवार को करीब दस करोड़ अतिरिक्त मिलने की संभावना है। निगम के जोन दफ्तरों में देर रात तक इसकी गिनती चलती रही। अफसरों का कहना है कि मंगलवार तक स्थिति स्पष्ट होगी कि वास्तव में निगम को इस साल कितना राजस्व मिला है। निगम ने इस साल 130 करोड़ रुपए राजस्व वसूली का टार्गेट रखा था। शुक्रवार तक 120 करोड़ वसूल किए जा चुके थे। आखिरी दिन 31 मार्च को निगम के जोन दफ्तरों में अपेक्षाकृत भीड़ नहीं थी लेकिन फिर भी करीब दस करोड़ वसूली होने की उम्मीद है। निगम में राजस्व विभाग के उपायुक्त आरके डोंगरे ने बताया कि मार्च में इस साल लगभग 50 करोड़ का राजस्व वसूला गया है।

फरवरी तक करीब 75 करोड़ रुपए वसूले जा चुका थे।

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