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सीडी कांड में दूसरी बार भी जवाब पेश नहीं कर पाई पुलिस, पत्रकार वर्मा की रिमांड 27 तक बढ़ी

वर्मा ने हाईकोर्ट में लगाई जमानत अर्जी, भाटिया ने कहा-मैं फरार नहीं।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 14, 2017, 06:13 AM IST

  • सीडी कांड में दूसरी बार भी जवाब पेश नहीं कर पाई पुलिस, पत्रकार वर्मा की रिमांड 27 तक बढ़ी

    रायपुर।मंत्री राजेश मूणत की कथित सीडी के मामले में गिरफ्तार दिल्ली के पत्रकार विनोद वर्मा की अर्जी पर सोमवार को पुलिस ने जवाब तो पेश नहीं किया, अलबत्ता उनकी हैंड राइटिंग का नमूना जांच के लिए मांग कर नई बहस जरूर छेड़ दी। विनोद वर्मा के वकीलों ने इसका विरोध करते हुए तर्क दिया कि पूरा मामला आईटी एक्ट का है। इसमें हैंड राइटिंग जांच की कोई जरूरत नहीं।

    - विनोद वर्मा की अर्जी पर पुलिस की ओर से कहा गया कि अभी कुछ बिंदुओं पर जवाब देना संभव नहीं है। कोर्ट ने 27 नवंबर तक का समय दे दिया। कोर्ट में इस बहुप्रतीक्षित सुनवाई के दौरान केवल 5-7 मिनट ही चर्चा हुई। इस दौरान कोर्ट में पत्रकार मौजूद थे।

    - पत्रकार विनोद वर्मा की तरफ से बिलासपुर हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगाई गई। इसमें कहा गया कि चर्चित झीरम कांड और अंतागढ़ रिश्वत मामले में उनके पास अहम सबूत होने की वजह से पुलिस ने फर्जी और गलत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की है।

    हाईकोर्ट में लगाई अर्जी

    - दुर्ग निवासी विजय भाटिया ने भी हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई । पुलिस का कहना है कि इस मामले में भाटिया फिलहाल फरार चल रहे हैं, जबकि भाटिया के मुताबिक वे फरार नहीं है। कोर्ट में पुलिस ने गलत जानकारी दी है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने 27 अक्टूबर को पत्रकार विनोद वर्मा को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था।

    -पुलिस का दावा है कि उनके पास से मंत्री राजेश मूणत की कथित सीडी जब्त की गई है। पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा था। पुलिस ने पहले तीन दिन और बाद में 14 दिन के लिए रिमांड पर सौंपा था। सोमवार को उनकी रिमांड की अवधि 27 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी गई है।

    - रायपुर के जेएमएफसी और सेशन कोर्ट से उनकी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। सोमवार को उनकी तरफ से अधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा ने जमानत अर्जी लगाई है। जमानत अर्जी के साथ जरूरी शपथ पत्र वर्मा के जीजा टूकेंद्र वर्मा ने प्रस्तुत किया है।

    - जमानत अर्जी में कहा गया है कि झीरम कांड में खोजी पत्रकारिता से सरकार के खिलाफ कई अहम सबूत इकट्ठा करने के साथ ही अंतागढ़ रिश्वत मामले में कई जानकारियों के खुलासे के कारण ही उनके खिलाफ दुर्भावनावश कार्रवाई की गई है।

    - पुलिस ने उनके पास से कोई सीडी जब्त नहीं की है। जमानत अर्जी में इस मामले को सीबीआई को सौंपने के फैसले पर भी सवाल उठाते हुए कहा गया है कि अंतागढ़ रिश्वत मामले में रायपुर की पूर्व मेयर किरणमयी नायक और विकास उपाध्याय ने थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी, लेकिन उस मामले में कार्रवाई नहीं की गई है। वर्मा की जमानत अर्जी पर बुधवार को प्रारंभिक सुनवाई की उम्मीद है।

    भाटिया की तरफ से भी लगाई गई रिट पिटीशन क्रिमिनल
    - पुलिस ने कोर्ट में बयान दिया था कि दिल्ली में ईशू नारंग ने 1 हजार सीडियां बनवाई थीं, इसमें से 500 भिलाई के नेहरू नगर में रहने वाले विजय भाटिया को दी थीं। वहीं, 500 सीडी विनोद वर्मा से जब्त की गई हैं। पुलिस ने 8 नवंबर को कोर्ट में बताया था कि फिलहाल भाटिया फरार चल रहा है।

    - वहीं, भाटिया की तरफ से प्रस्तुत याचिका में बताया गया है कि 27 अक्टूबर को पुलिस ने उन्हें एयरपोर्ट से वापस बुलाकर उनके घर की तलाशी ली थी, लेकिन कोई सीडी नहीं मिली थी। पुलिस ने कोर्ट में उनके फरार होने की गलत जानकारी दी है, जबकि वे 9 नवंबर को ही दुर्ग के एसपी से मिले थे। हाईकोर्ट में प्रस्तुत याचिका में कोर्ट में गलत जानकारी देने पर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

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