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होटलों-ढाबों में अचानक छापे, मिली 3 दिन की ग्रेवी, बासी चावल

दो महीने से जांच बंद रखी थी निगम ने, सोमवार को अचानक जांच हुई तो फ्रीजर में मिली सामग्री।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 14, 2017, 06:24 AM IST

  • होटलों-ढाबों में अचानक छापे, मिली 3 दिन की ग्रेवी, बासी चावल

    रायपुर।राजधानी के होटलों और ढाबों में खाद्य पदार्थों की क्वालिटी को लेकर जून-जुलाई में शुरू हुई छापेमारी सितंबर से बंद हो गई। ग्राहकों को परोसे जाने वाले भोजन की जांच बंद होने का नतीजा ये हुआ कि कुछ होटलों-ढाबों में फिर बेफिक्र बासी भोजन परोसा जाने लगा है। इसका खुलासा तब हुआ, जब शिकायत के बाद निगम के फूड दस्ते ने सोमवार को रिंगरोड के एक होटल में छापा मारा।

    - जांच में वहां तीन दिन पुरानी ग्रेवी और दो दिन का बासी चावल मिला। फ्रीजर में रखकर दोनों चीजें ग्राहकों को परोसी जा रही थीं। दिलचस्प बात ये है कि निगम की टीम ने ग्रेवी और चावल को नष्ट करवाया और होटल पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया। इस कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

    - मिलावट और खराब खाद्य सामग्री की सप्लाई के केस फूड एंड ड्रग कंट्रोलर को सौंपे जाते हैं। सूत्रों के अनुसार सोमवार को हुए छापे की जानकारी इस विभाग को दी ही नहीं गई। इसीलिए पकड़ी गई बासी ग्रेवी और राइस का सैंपल जब्त नहीं किया जा सका।

    - नतीजतन, केस 5 हजार रुपए के जुर्माने में ही छूट गया। निगम के आला अफसरों ने बताया कि यह छापा जोन-5 कमिश्नर हेमंत शर्मा की मौजूदगी में पड़ा था। इसमें जोन का स्वास्थ्य और टाउन प्लानिंग अमला भी मौजूद था।

    हमारा काम सफाई पर काबू

    - बासी खाद्य सामग्री के मामले में निगम अफसरों का कहना है कि उनके पास खाद्य सामग्री में खराबी पर कार्रवाई का अधिकार नहीं है। नगर निगम की खाद्य टीमें जहां भी छापेमारी करती हैं, वहां की हाईजीनिक कंडीशन और साफ-सफाई का आंकलन करने के बाद जुर्माना ही कर सकती हैं, सैंपल नहीं ले सकतीं। यह छापा भी इसी तरह की कार्रवाई का हिस्सा था, इसलिए होटल संचालक पर केवल जुर्माना ही लगाया जा सका।

    त्योहार करीब आता है तभी लेते हैं सैंपल
    खाने-पीने की चीजों में मिलावट या क्वालिटी में किसी भी तरह की गड़बड़ी का पता लगाने के लिए खाद्य व औषधि प्रसासन विभाग है। राजधानी में अक्सर विभाग के अफसर साल में सिर्फ त्योहार के समय ही सक्रिय होते हैं। इस दौरान इक्का-दुक्का मिठाई दुकानों और होटलों की जांच की खानापूर्ति की जाती है। सेंपलों की जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।
    एफआईआर के प्रावधान
    खाद्य व औषधि प्रशासन विभाग के अफसरों के अनुसार बासी खाना शरीर के लिए हानिकारक है। इससे जान को भी खतरा हो सकता है। खाद्य विभाग के नियमों के तहत यह आपराधिक मामला है। सेंपल की जांच में यदि खाद्य पदार्थों में मानव शरीर के लिए हानिकारक चीजें मिलीं तो सेवा या वस्तु प्रदाता के खिलाफ एफआईआर कराए जाने का नियम है। तब मामला सीधे कोर्ट में चलता।

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