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डायरी के लिए दिल्ली में विनोद वर्मा के घर पहुंचे दो लोग, कौन थे- रहस्य गहराया

पेशी के दौरान बेटे ने मिलकर बताया तो विनोद ने कहा मैंने किसी को नहीं भेजा।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 14, 2017, 06:28 AM IST

  • डायरी के लिए दिल्ली में विनोद वर्मा के घर पहुंचे दो लोग, कौन थे- रहस्य गहराया

    रायपुर।सीडी कांड में सोमवार को पेशी के दौरान नया खुलासा हुआ है। पत्रकार विनोद वर्मा के दिल्ली स्थित निवास पर दो लोग पहुंचे। उन्होंने उनके परिवार वालों से कहा-विनोद वर्मा ने अपनी डायरी मंगवायी है। उन्होंने परिवार वालों से डायरी मांगी। उन्होंने नहीं दी।

    - पेशी के दौरान विनोद वर्मा से मिलने पहुंचे उनके बेटे ने यह बात बतायी। विनोद वर्मा ने कहा- उन्होंने कुछ नहीं मंगवाया है। इधर पुलिस अफसरों का कहना है कि एक-दो दिनों के भीतर कोई टीम दिल्ली नहीं गई है। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि विनोद वर्मा के घर उनकी डायरी मांगने जाने वाले कौन हैं? पत्रकार वर्मा से मिलने दिल्ली से उनका बेटा पुरनवसु वर्मा पहुंचा है।

    - कोर्ट में पेशी के पहले और बाद में भी उसने थोड़ी-थोड़ी देर के लिए पिता से बात की। पेशी के दौरान भी वह कोर्ट के अंदर भी मौजूद रहा। कोर्ट से निकलने के बाद पिता उससे घर के बाकी सदस्यों के बारे में जानकारी ली और हालचाल पूछा। इसी दौरान पुरन ने पिता को बताया कि कुछ दिन पहले दो सिविलियन आए थे।

    - खुद को पुलिस का स्टाफ बता रहे थे। उन्होंने उनकी डायरी और कुछ दस्तावेज की मांगे। वे कह रहे थे कि आपने डायरी मंगाई है। वर्मा ने बेटे को बताया कि उन्होंने किसी पुलिस वाले से घर से किसी भी तरह के दस्तावेज या डायरी लाने को नहीं कहा है। उन्होंने बेटे से कहा कि वे वकीलों से बिना अनुमति कोई भी दस्तावेज किसी को न दें। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी तरह की जानकारी भी किस को न दें।


    - विनोद वर्मा की पुलिस रिमांड की अवधि सोमवार को पूरी हुई। इस वजह से उन्हें कोर्ट लाया गया था। कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें पहले ही हाफ में सुबह 10:30 बजे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में केवल 5-7 मिनट में उनके केस की सुनवाई हुई।

    - कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर फिर जेल भेज दिया है। अब उन्हें 27 नवंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसी दिन उनकी ओर से लगाई गई अर्जी पर सुनवाई होगी। पुलिस की ओर से उनकी अर्जी पर जवाब पेश किया जाएगा।

    - सोमवार को सुनवाई शुरू होते ही पुलिस की ओर से सरकारी वकील ने हैंड राइटिंग का सैंपल लेने की अनुमति का आवेदन पेश किया। पत्रकार के वकील फैजल रिजवी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि पुलिस ने उन्हें आईटी एक्ट के आरोप में गिरफ्तार किया है।

    5-7 मिनट में हो गई सुनवाई, 27 को दुबारा होंगे पेश
    अलग गाड़ी में लाया गया, उसी में भेजा जेल: सुबह जेल से वर्मा को आम बंदियों से अलग अकेले ही एक गाड़ी में कोर्ट लाया गया था। पेशी के बाद उन्हें उसी गाड़ी में जेल भेजा गया। वर्मा की ओर से वकील ने अर्जी लगाई थी कि उन्हें आम कैदियों के साथ एक ही गाड़ी में कोर्ट नहीं लाया जाए। उनकी जान को खतरा है। उन्हें अलग से गाड़ी में लाया जाए।

    क्या है वर्मा की अर्जी में

    - बचाव पक्ष के वकीलों ने पत्रकार वर्मी की ओर से कोर्ट में 13 बिंदुओं में अर्जी लगाई है। उसमें कहा गया है कि पुलिस ने वर्मा को साजिश में फंसाया गया। उनकी ओर से दावा किया गया है कि अंतागढ़ टेप कांड में अहम गवाह होने की वजह से वर्मा के खिलाफ षड्यंत्र किया गया। यही नहीं, केस की धाराओं पर भी सवाल उठाए गए हैं।

    - वकीलों की ओर से लगाई अर्जी में वर्मा ने पुलिस से पूछा है कि उन्होंने किसी को कॉल नहीं किया फिर धमकी और वसूली का केस क्यों लगाया गया है। इस पर पुलिस को जवाब देना था। पुलिस जवाब पेश नहीं कर पाई है। इसके पहले भी वर्मा की अर्जी पर एक बार सुनवाई हो चुकी है। उस समय भी पुलिस ने जांच अधूरी होने का हवाला देकर जवाब नहीं दिया था।

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