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लापरवाही / अंबिकापुर में कृमिनाशक दवा खाने से एक बच्ची की मौत



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आंगनबाड़ी केंद्र से दवा खाकर घर पहुंची बच्ची की बिगड़ी तबीयत

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 04:06 AM IST

अंबिकापुर. बतौली थाना अंतर्गत ग्राम गहिला में कृमिनाशक दवा खाने के बाद एक बच्ची की घर में तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे मेडिकल काॅलेज अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची व उसके भाई को आंगनबाड़ी केंद्र में दवा खिलाने के बाद मां घर ले आई थी। डाॅक्टरों ने दवा के कारण मौत होने से इनकार किया है।

 

डाॅक्टरों के अनुसार बच्ची को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इससे वे आशंका जता रहे हैं कि दवा खाने के बाद सांस नली में पानी व दवा का कुछ अंश चला गया होगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस ने बताया कि ग्राम गहिला निवासी सुनीता दास सोमवार को अपनी दो वर्षीय बेटी अाराधना व चार वर्षीय पुत्र अमन को गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में कृमिनाशक दवा खिलाने ले गई थी। 

 

 

दोनों बच्चों को दवा खिलाने के बाद वह ले आकर आ गई। इसके कुछ समय बाद अाराधना की तबीयत खराब हो गई। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। एक बाइक सवार की मदद से वह बेटी को लेकर बतौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। डाॅक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे अंबिकापुर मेडिकल काॅलेज अस्पताल रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत रात में मौत हो गई।

 

बच्ची की मां ने गांव के स्वास्थ्य केंद्र की नर्स व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर बच्ची की तबीयत खराब होने के बाद उसे इलाज के लिए ले जाने में मदद नहीं करने का आरोप लगाया है। उसने बताया कि बाइक सवार से मदद लेकर उसे बतौली अस्पताल ले गई।

 

कृमिनाशक दवा से नहीं होता है नुकसान : मेडिकल काॅलेज अस्पताल में बच्ची का इलाज करने वाले शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. केपी विश्वकर्मा ने बताया कि कृमिनाशक के लिए एल्बेंडाजोल दवा दी जाती है। यह नुकसानदायक नहीं होती है। बच्ची को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इससे उसकी सांस नली में कोई पानी या दवा के फंसने की आशंका है। उन्होंने बताया कि पीएम के बाद ही सही कारण का पता चलेगा।

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