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लूना 200, हीरो पुक 450 और मॉडर्न बाइक बिकी 25 हजार में, 10 लाख से ज्यादा का राजस्व मिला

जिले भर की गाड़ियां थानों में ही खड़ी थीं, लेकिन नीलामी की प्रक्रिया पुलिस लाइन में की गई।

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 07:31 AM IST
Auction of unclaimed Vehicles more than 10 lakh revenues

रायपुर. पुलिस लाइन में गुरुवार की सुबह 200 में लूना और साढ़े चार सौ में हीरो पुक बिकी। सन्नी और वेस्पा भी एक हजार से कम में लोगों को मिल गई। एक लाख की कीमत वाली एवेंजर 25 हजार में बिक गई। लावारिस हालत में शहर के अलग-अलग इलाकों में मिलीं ऐसी 510 मोटरसाइकिलें और मोपेड बीस-बीस साल से थानों में खड़ीं थी। खुले में पड़े रहने से गाड़ियां कबाड़ जैसी हो गईं थीं। पुलिस की ओर से उन्हें नीलाम किया गया। इससे पुलिस विभाग को दस लाख से ज्यादा राजस्व मिला। अफसरों के अनुसार पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नीलामी की गई।

ज्यादातर गाड़ियां कंडम, इसलिए कबाड़ वालों ने खरीदा

जिले भर की गाड़ियां थानों में ही खड़ी थीं, लेकिन नीलामी की प्रक्रिया पुलिस लाइन में की गई। सुबह 10 बजे से ही नीलामी में शामिल होने वाले पुलिस लाइन पहुंच गए थे। डीएसपी गुरजीत सिंह ने उसी समय से बोली शुरू करवा दी। गाड़ियों की किसी भी तरह की बेस प्राइज तय नहीं की गई थी। पुलिस अफसर एक-एक गाड़ी का नंबर या उसके चेचिस नंबर का उल्लेख करते जा रहे थे, उसी आधार पर खरीददार बोली लगा रहे थे। ज्यादातर गाड़ियां इतनी कंडम हो चुकी थीं कि कबाड़ का कारोबार करने वालों ने उसे खरीदा। सबसे ज्यादा बुरी स्थिति लूना, वेस्पा, हीरापुक और सन्नी जैसी बाइक व मोपेड की थी। करीब पंद्रह बीस साल पहले इन गाड़ियों का निर्माण बंद हो चुका है।

इस वजह से कोई खरीददार सामने नहीं आ रहे थे। कबाड़ियों ने लोहे के वजन के हिसाब से बोली लगायी और उसी आधार पर बिक्री की गई। सिटी एसपी विजय अग्रवाल का कहना है कि वीवीआई का मूवमेंट होने के बावजूद एसएसपी अमरेश मिश्रा ने नीलामी की प्रक्रिया नहीं टाली। उन्होंने अलग विंग के माध्यम से इसे पूरा करवाया।

कोर्ट के माध्यम से जारी की आम सूचना
पुलिस अफसरों ने जिले के सभी थानों में लावारिस हालत में मिली गाड़ियों की सूची मंगवायी। उसके बाद जिन गाड़ियों के नंबर थे, उनके नंबर और जिनके नहीं थे, उनके चेचिस नंबर के आधार पर आम सूचना प्रकाशित करवायी। कोर्ट के माध्यम से सूचना में आग्रह किया गया कि गाड़ियां अगर किसी की हैं, तो वे अपना दावा पेश कर सकते हैं। इसके लिए एक महीने का समय दिया। इस समय अवधि के गुजरने के बाद विज्ञापन प्रकाशित किया गया।

खरीददारों से कहा थाने में जाकर देख लें
पुलिस की ओर से सभी गाड़ियों की जानकारी के साथ विज्ञापन प्रकाशित किया गया कि जिन्हें मोपेड या बाइक खरीदनी है वे थाने में जाकर स्थिति देख लें। उसके बाद बोली में शामिल हों। लोगों को थाने में खड़ी गाड़ियों को देखने की अनुमति दे दी गई थी।

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