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पाट जात्रा के साथ बस्तर दशहरा शुरू, 75 दिन चलेगा

5 मोंगरी मछली, 1 अंडा और 1 बकरे की दी बलि

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2018, 11:24 AM IST
पाट जात्रा पूजा विधान के दौरान पाट जात्रा पूजा विधान के दौरान

जगदलपुर। 75 दिनाें तक चलने वाला प्रसिद्ध बस्तर का दशहरा शनिवार को पाट जात्रा के साथ शुरू हो गया। इससे पहले पाट जात्रा पूजा विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस दौरान 5 माेंगरी मछली, 1 अंडा और 1 बकरे की बलि दी गई। इसके बाद रथ निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान बिलौरी से साल के ठुरलू खोटला की पूजा की गई और इसमें कील लगाकर रथ निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई।

- राजमहल के सामने बिलौरी गांव से लाई गई ठु़रलू खोटला (सरगी लकड़ी का गोला) और रथ निर्माण के औजार की परंपरानुसार पूजा की गई। इस दौरान बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष सांसद दिनेश कश्यप, उपाध्यक्ष लच्छू राम कश्यप सहित अन्य मौजूद रहे। मान्यता के अनुसार बिलौरी से लाई गई लकड़ी की पूजा झारउमरगांव के मुखिया और बेड़ाउमरगांव के ग्रामीणों ने की।

- बस्तर दशहरा और माई दंतेश्वरी की पूजा अर्चना के दौरान करनाल और मोहरी बाजा बजाया गया। इस अवसर पर रथ निर्माण करने वाले कारीगरों के साथ मांझी, चालकी, मेंबरीन और टेंपल कमेटी के सदस्य मौजूद थे।

पाट जात्रा में होती है लकड़ी की पूजा
- इस रस्म में लकड़ी की पूजा की जाती है। बस्तर के आदिवासी अंचल में लकड़ी को पवित्र माना जाता है। जन्म से लेकर मृत्यु तक लकड़ी मनुष्य के काम आती है, इसलिए आदिवासी संस्कृति में इसका विशिष्ट स्थान है।

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पाट जात्रा पूजा विधान के दौरानपाट जात्रा पूजा विधान के दौरान
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