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दिल्ली में जोगी से मिलीं बसपा प्रमुख मायावती छत्तीसगढ़ में नए सियासी समीकरण के संकेत

दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे बातचीत हुई।

Danik Bhaskar | Jul 05, 2018, 12:33 AM IST

रायपुर. कांग्रेस और बसपा के बीच गठजोड़ की अटकलों पर विराम लगने के बाद बुधवार को एक नए समीकरण के संकेत मिले। दिल्ली में बसपा प्रमुख मायावती ने जोगी कांग्रेस के प्रमुख अजीत जोगी से मुलाकात कर गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे बातचीत हुई। इस दौरान विधायक अमित जोगी भी मौजूद थे। माना जा रहा है दोनों पार्टियों के बीच 2018 के विधानसभा चुनाव और 2019 के आम चुनाव को लेकर चर्चा हुई। बता दें कि बसपा के पूर्व अध्यक्ष स्व. कांशीराम से अजीत जोगी के गहरे रिश्ते रहे हैं। जोगी की मायावती से भी निकटता रही है। जोगी की प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग में खासी पैठ है वहीं यह वर्ग बसपा का भी बड़ा वोट बैंक रहा है ।

पिछली चारों ही विधानसभाओं में बसपा के एक-दो विधायक चुनकर आते रहे हैं। वहीं कई सीटों पर भाजपा और कांग्रेस की हार के कारण बनती रही है। इस बार बसपा की तरफ से कांग्रेस के साथ गठबंधन की चर्चाएं थी। पीसीसी चीफ भूपेश बघेल ने आफर भी दिया था। पर पिछले माह कांग्रेस प्रभारी पुनिया ने गठबंधन की अटकलों को खारिज कर दिया। ऐसे में जोगी बसपा के साथ तालमेल कर सकते हैं।


सूत्रों के मुताबिक बीते कुछ महीने से महागठबंधन को लेकर मायावती ने सक्रियता बढ़ाई है। इसके वे विभिन्न दलों के राजनेताओं से मुलाकात कर रही हैं। हालांकि बसपा ने छत्तीसगढ़ में गठबंधन को लेकर अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। ऐसे में दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं की मुलाकात को लेकर गठबंधन के कयास भी लग रहे हैं। हालांकि पार्टी सूत्रों के मुताबिक गठबंधन को लेकर किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगा। क्योंकि अभी तक बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रभारियों से इस बारे में कोई रिपोर्ट नहीं मांगी है। वैसे भी इसको लेकर अंतिम फैसला मायावती को ही करना है। हालांकि इसको लेकर जब भास्कर ने बसपा के प्रदेश प्रभारी एमएल भारती ने बताया कि उन्हें इस तरह की मुलाकात की जानकारी नहीं है।