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लाइटर जला कॉपी का कंटेंट यूं उड़ा देते थे ये मुन्ना भाई, साथ में लड़कियां करती थीं ये सब

लाइटर जला कॉपी का कंटेंट यूं उड़ा देते थे ये मुन्ना भाई, साथ में लड़कियां करती थीं ये सब

Danik Bhaskar | Jan 20, 2018, 04:35 PM IST
लाइटर से जलाकर कॉपी पर लिखी ची लाइटर से जलाकर कॉपी पर लिखी ची


रायपुर। राजधानी में एक ऐसे गैंग का खुलासा हुआ है जो दावा करता था कि आप घर बैठिए, डिग्री आपके हाथों में पहुंच जाएगी। आप बिना पढ़े-लिखे और बिना एग्जाम में एपियर हुए फर्स्ट डिवीजन पास हो जाएंगे। एग्जाम कोई और देगा और कॉपी में सही उत्तर रात में बंद कमरे में लिखा जाएगा। इसमें गर्ल्स भी मदद करेंगी। dainikbhaskar.com की टीम ने इस पूरे गैंग का स्टिंग ऑपरेशन के जरिए पर्दाफाश कर दिया। जानिए क्या है ये पूरा मामला...


- dainikbhaskar.com की टीम बोगस ग्राहक बन गैंग के सदस्यों से संपर्क किया। उसने राजधानी के एक इलाके में स्थित कमरे में रात में मीटिंग की।
- इस दौरान उनके काम के तौर-तरीकों को देखा और उनसे 10वीं और 12वीं की फर्स्ट डिवीजन की मार्कशीट की लिए डील की।
- इस पूरे घटना का स्टिंग किया गया। फिर अगले दिन फोन आया कि एडमिट कार्ड के लिए फोटो भेजिए।
- फोटो भेजने के तुरंत बाद ही ह्वाट्सएप पर एक फर्जी एडमिट कार्ड आ गया। उसने कहां परीक्षा में बैठो पर सवाल लिख आंसर के लिए स्पेस छोड़ देना।
- उसी रात को कालीबाड़ी स्थित डिग्री गर्ल्स कॉलेज के स्पोर्ट्स टीचर विकेश राठौड़ दिन में जमा की गई कॉपी लेकर उस कमरे में पहुंचा।
- उसने एक व्हाट्सएप नंबर दिया। ये मुकेश सिंह का था जो राजस्थान से था। मुकेश सिंह ने मैसेज से पूछा कौन सा पेपर था। उसने उस पेपर का पूरा आंसर सेंड कर दिया।
- अब उसी से (स्टिंग टीम के एक मेंबर से) पूरा आंसर लिखवाया गया जिसने सुबह में कॉपी पर क्वेश्चन लिखे थे, ताकि हैंड राइटिंग सेम हो। इस काम के लिए टीम के एक मेंबर को 500 रुपए दे दिए।
- कॉपी में कई जगह बेवजह की लाइन थी जिसे लाइटर जलाकर उसने बड़े शातिराना अंदाज में मिटा दिया।
- इसी रात टीम ने पुलिस को ब्रीफ किया और पुलिस कंट्रोल रूम में मीटिंग की गई।
- गैंग को पकड़ने के लिए पुलिस ने dainikbhaskar.com की टीम के साथ पूरी योजना बनाई।
- अगले दिन हमारी टीम के दो कैंडिडेट एग्जाम दे रहे थे। इसी दौरान पुलिस की टीम पहुंची और हमारे टीम के सदस्यों ने उन्हें इशारा किया।
- पूरे परीक्षा कक्ष को घेर लिया गया। इस दौरान वहां से 7 फर्जी लोग जो एग्जाम दे रहे थे और गैंग के चार मास्टर माइंड थे सभी पकड़े गए।


ऐसे देते थे काम को अंजाम


- देवेंद्र सिंह, सौरभ सिंह, सागर सिंह , शिव पहन, स्वाति वर्मा और स्वीटी सिंह दूसरे के बदले एग्जाम देने का करती थीं।
- यदि लड़की का एग्जाम तो स्वाति और स्वीटी को लगाया जाता था और लड़के का हो तो देवेंद्र सिंह, सौरभ सिंह, सागर सिंह , शिव पहन इस काम में मदद करते थे।
- इसके लिए इन्हें प्रति व्यक्ति 500 रुपए का भुगतान किया जाता था।
- इस काम के मास्टर माइंड राजस्थान के मुकेश सिंह और यूपी का विकेश राठौड़ थे। विकेश रायपुर में गर्ल्स डिग्री कॉलेज में स्पोर्ट्स टीचर है।
- अरूण कुजूर की परीक्षा हॉल में जुगाड़ से ड्यूटी लगवाई जाती थी। ये अपने सदस्यों को कोऑपरेट करता था।
- अनुज कंसल्टेंसी एजेंसी चलाता था। इसी के ऑफिस में रात में कॉपी आया करती थी।


ये था इनका रेट चार्ट


- यदि किसी को केवल 10वीं पास करना हो तो उससे 20-25हजार की डील होती थी। वहीं यदि 12वीं पास करना हो तो 30 हजार रुपए तक डील हो जाती थी।
- फर्स्ट डिवीजन के लिए 40-50 हजार रुपए तक चार्ज करते थे। इन पैसों का बंटवारा ऊपर से नीचे तक कई हिस्सों में होता था।

- एक एग्जाम टाइम में इनका टारगेट 10 लाख रुपए तक कमाने का होता था।


ओपन स्कूल परीक्षा सिस्टम पर भी सवाल...


- पुलिस अफसरों ने बताया कि राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान की आयोजित 10वीं-12वीं की परीक्षा में पुलिस को dainikbhaskar.com आधे से ज्यादा (कुल 12 में से) परीक्षार्थियों के फर्जी होने की सूचना मिली थी।
- आरोपियों के पकड़े जाने के बाद इनके खिलाफ धारा 420 और 409, 34 के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
- इधर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगा है। हालांकि इसके रीजनल डायरेक्टर एके भट्ट का कहना है कि ओपन स्कूल परीक्षा सिस्टम से ली जा रही थी। फर्जी परीक्षार्थी कैसे बैठे, इसकी हम भी जांच कराएंगे।


कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं इसके तार


- शनिवार को पुलिस ने बताया कि इस गैंग में कई राज्यों के लोगों के जुड़े होने की संभावना है। आशंका है कि कई स्कूलों के लोग भी इसमें शामिल हैं। फिलहाल पुलिस पूरे गहनता से जांच कर रही है।


फोटो/ वीडियो : विंदेश श्रीवास्तव


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