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सीरियल से लिया ढ्ढस्रद्गड्ड, गंदे नीयत वालों को यूं छकाया, अब क्करू मोदी करेंगे अवार्ड

सीरियल से लिया ढ्ढस्रद्गड्ड, गंदे नीयत वालों को यूं छकाया, अब क्करू मोदी करेंगे अवार्ड

Dainik Bhaskar

Dec 16, 2017, 02:34 PM IST
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रायपुर। दुष्कर्म की नीयत से अगवा करने वालों को इस नाबालिग ने दमखम से नहीं बल्कि अपनी सूझबूझ से छका दिया और उनके चंगुल से बच निकली थी। वर्ष 2016 में राज्य वीरता पुरस्कार पाने के बाद लक्ष्मी के नाम का चयन अब राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए हुआ है। 26 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी लक्ष्मी को 20 हजार की धनराशि के साथ प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। जानिए पूरा मामला...

- घटना 2 अगस्त 2016 की है। रायपुर के शक्तिनगर इलाके की रहने वाली लक्ष्मी यादव दोपहर में स्कूल अपने एक दोस्त से बात कर रही थी। तभी वहां तीन लोग मोटरसाइकिल से आए। ये तीनों लक्ष्मी के घर के पास ही रहते थे। दो लोगों ने लक्ष्मी के दोस्त को पहले बहुत मारा और उसे वहां से भगा दिया। एक ने जबरदस्ती डांटकर मोटरसाइकिल पर बैठाया और कहा कि चल तुझे घर छोड़ दूं। यहां लड़के साथ क्या कर रही है। जब लक्ष्मी ने मना किया तो उसे थप्पड़ मारा और डराकर बैठा दिया।
- लक्ष्मी ने बताया कि मोटरसाइकिल वाले आरोपी का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। ऐसे में वो डर गई और मोटरसाइकिल पर बैठ गई। आरोपी उसे सुनसान इलाके में ले जाने लगा। लक्ष्मी ने कहा कि ये रास्ता घर का नहीं है तो आरोपी ने उसे चुपचाप बैठने की बात की और कहा कि वो उसे जान से मार देगा। अब लक्ष्मी को पूरा माजरा समझते देर न लगी। चूंकि लक्ष्मी सावधान इंडिया सीरियल देखती थी। ऐसे में उसे आइडिया आया और वो आरोपी से बोली कि कोई बात नहीं है। वो उसके साथ कहीं भी चलने को तैयार है। ऐसे में आरोपी रिलैक्स हो गया और उसे लेकर एक खंडहर में गया। वहां लक्ष्मी ने उसके बाइक की चाबी धीरे से निकाल ली। आरोपी को लगा कि चाबी बाइक में ही है। फिर उसने लक्ष्मी से कहा कि चाबी उसमें से ले आओ।
- आरोपी इस बात से आश्वस्त था कि लक्ष्मी उसके साथ है और उसमें इंट्रेस्टेड है। उसे में लक्ष्मी ने चाबी को अपने दुपट्टे के छोर में बांध लिया और तेजी से भागी।
- आरोपी उसके पीछे दौड़ा पर वो नशे में होने की वजह से पीछे रह गया। इधर रास्ते में लक्ष्मी ने कई लोगों से मदद मांगी पर किसी ने उसकी ओर ध्यान नहीं दिया और इग्नोर करते रहे।
- ऐसे में वो दौड़ते हुए मोवा थाने पहुंची और वहां पुलिस को घटनाक्रम के बारे में बताया। चूंकि बाइक की चाबी लक्ष्मी के पास थी इसलिए आरोपी वहां से भाग नहीं पाया और पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
- अगले दिन उसके साथ पुलिस की गिरफ्त में आ गए। लक्ष्मी की इस बहादुरी की चर्चा शहर में जोरों पर रही और उसे राज्य वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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