--Advertisement--

अब ट्रांसजेंडर लेंगे माओवादियों से लोहा, राज्य सरकार ने लिया ये यूनीक फैसला

अब ट्रांसजेंडर लेंगे माओवादियों से लोहा, राज्य सरकार ने लिया ये यूनीक फैसला

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2017, 01:24 PM IST
प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।

रायपुर। अब ट्रांसजेंडर केवल ट्रेन में लोगों से पैसे वसूलते और घर-घर बधाई गीत गाते नहीं दिखेंगे। वे अब वर्दी में रायफल लेकर शहरों और गावों में लोगों की सुरक्षा करते और जंगलों में नक्सलियों को धूल चटाते भी देखे जाएंगे। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट को ध्यान में रखते हुए पुलिस से ट्रांसजेंडर्स को हायर करने के बाबत कहा है। अगले दो महीने में होने वाली भर्तियों में ट्रांसजेंडर्स को भी मौका मिलेगा। जानिए कितने पदों पर होगी भर्ती...

- सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2014 के एक जजमेंट के मुताबिक ट्रांसजेंडर को भी थर्ड जेंडर के तौर पर दूसरे जेंडर की भांति ट्रीट किया जाना चाहिए।
- इसी जजमेंट को ध्यान में रखते हुए अगले दो महीने में होने वाली भर्तियों में ट्रांसजेंडर को भी मौका दिया जाएगा।
- इन्हें भी रिटेन एग्जाम के साथ फिजिकल पास करना होगा। अभी 35 हजार कांस्टेबल की भर्ती होनी है जिसमें राज्य के 27 जिलों में से 17 नक्सल प्रभावित जिले हैं।
- फिलहाल पुलिस विभाग ट्रांसजेंडर की भर्ती के लिए उनके फिजिकल पैरामीटर को तय करने में लगा है।
- ध्यान देने वाली बात है कि इससे पहले तमिलनाडु और राजस्थान में एक-एक ट्रांसजेंडर को पुलिस विभाग का हिस्सा बनने का मौका मिला है।


पहले लोगों के लिए गाली थे, अब देंगे उनको सुरक्षा


- मितवा की चेयर पर्सन और थर्ड जेंडर वेलफेयर बोर्ड की मेंबर विद्या राजपूत का कहना है कि पहले ट्रांसजेंडर लोगों के लिए गाली थे। अब यही वर्दी पहन लोगों को सुरक्षा का अहसास देंगे।
- इन्होंने कहा कि तमिलनाडु और राजस्थान में भी उस जॉब को पाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा था। पर छत्तीसगढ़ ऐसा पहला राज्य बन रहा है जहां भर्ती प्रक्रिया में सीधे ट्रांसजेंडर को शामिल करने की बात की जा रही है।
- पहले इस समाज को लोग उपेक्षित नजरों से देखते थे और मजाक उड़ाते थे। ऐसे में मजबूरीवश ट्रांसजेंडर भिक्षावृत्ति और वेश्यावृत्ति करते थे।
- अब इन्हें आम लोगों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का मौका दिया जा रहा है। ये काफी सराहनीय फैसला है। इसके लिए भी पिछले 3 साल से शासन से लड़ाई लड़ी जा रही थी।


कैसे करें एप्लाई और प्रिपरेशन


- विद्या राजपूत का कहना है कि ये न्यूज हर जिलों में रह रहे समाज के लोगों तक जाए और उन्हें ये भी पता चले कि एप्लाई कैसे करना है और इसके लिए प्रिपरेशन कैसे करना होगा।
- ऐसे में पुलिस और सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक स्टेट लेवल का वर्कशॉप प्लान करने की तैयारी हो रही है।
- जल्द ही वर्कशॉप में सभी ट्रांसजेंडर्स को पुलिस गाइड करेगी और इस प्लेटफॉर्म पर दूसरी लाइवलीहुड के ऑप्शंस पर भी बात होगी।


मेल और फीमेल पुलिस से इसलिए हैं बेहतर


- विद्या राजपूत ने कहा कि पुरुष और महिलाओं पर फैमिली और बच्चों की जिम्मेदारी होती है।
- वे त्यौहार और शादी-विवाह समेत अनेक फंक्शन में शरीक होना पसंद करते हैं।
- ऐसे में पुलिस की नौकरी की चुनौतियां कई बार उनके सामने आती हैं।
- पर हमारे साथ ऐसा नहीं है। बस हम नि:स्वार्थ भाव से इस सेवा को करेंगे।

आगे की स्लाइड्स में क्लिक करके देखिए खबर से जुड़ी और Photos...

X
प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..