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बंटवारा नामा बनाने ७ साल पहले तहसीलदार ने लिया ८ हजार, कोर्ट ने दो लाख जुर्माना और सश्रम कठोर कारावास की सजा

बंटवारा नामा बनाने ७ साल पहले तहसीलदार ने लिया ८ हजार, कोर्ट ने दो लाख जुर्माना और सश्रम कठोर कारावास की सजा

Danik Bhaskar | Jan 05, 2018, 06:06 PM IST

रायपुर। भ्रष्टाचार के एक मामले में रायपुर कोर्ट ने तहसीलदार को 4 साल का कठोर कारावास और दो लाख जुर्माना की सजा दी है। 7 साल पहले आरोपी तहसीलदार ने एक बंटवारानामा बनाने के लिए किसान से 8 हजार रुपए रिश्वत लिए थे। एसीबी ने आरोपी को रंग हाथ पकड़ा था। आरोपी से केमिकल लगा नोट भी जब्त किए गए थे। एसीबी ने यूं पकड़ा था तहसीलदार को...

- सात साल से मामला विचाराधीन था, जिस पर सुनवाई करते हुए स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण जितेंद्र कुमार जैन ने सजा सुनाई है।

- लोक अभियोजक योगेंद्र ताम्रकार और मिथलेश शर्मा ने बताया कि कुरुद चटौद गांव के बसंत साहू और उनके भाईयों में 23 सितंबर 2011 को बंटवारा हुआ था।

- उन्होंने तहसील ऑफिस में बंटवारानामा और ऋण पुस्तिका के लिए आवेदन लगाया था। कुरुद में उस समय डॉ. राम विजय शर्मा तहसीलदार थे।

- उन्होंने दस हजार रुपए मांगे थे, तब बंटवारानामा देने की बात कहीं थी। बसंत ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो में की थी।

- एसीबी के अफसरों ने जाल बिछाया और बसंत को पैसे लेकर भेजा। बसंत ने तहसीलदार शर्मा को 8 हजार दिए और बाकी पैसे बाद में देने की बात की।

- तहसीलदार ने पैसे लेकर अपने पैंट की जेब में रख लिया। उसी समय एसीबी की टीम आ गई। आरोपी के हाथ धोया गया तो लाल रंग निकला।

- आरोपी से पैसे भी जब्त कर लिए। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। एसीबी ने कोर्ट में पर्याप्त सबूत पेश किए। उस आधार पर आरोपी को सजा दी गई है।