--Advertisement--

भ्रष्टाचार पर कोर्ट की सख्ती, स्टूडेंट्स के स्कॉलरशिप के बदले रिश्वत मांगने वाला बीइओ को दो साल की कठोर सजा ठ्ठह्वद्यद्य

भ्रष्टाचार पर कोर्ट की सख्ती, स्टूडेंट्स के स्कॉलरशिप के बदले रिश्वत मांगने वाला बीइओ को दो साल की कठोर सजा ठ्ठह्वद्यद्य

Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 04:58 PM IST

रायपुर। भ्रष्टाचार के एक मामले में कोर्ट ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को दो-दो साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी बीईओ ने छात्रों की छात्रवृत्ति की फाइल पास करने के लिए 10 हजार की रिश्वत की मांग की थी। एसीबी ने बीईओ को रंगे हाथ पकड़ा था। उसे जेल भेज दिया था। आरोपी 62 दिन जेल में रहने के बाद बेल पर रिहा हो गया था। जानिए पूरी घटना...


- सरकारी वकील योगेंद्र ताम्रकार ने बताया कि 2013 में दल्ली राजहरा के लवन सिंह चुरेंद्र गरियाबंद में विकासखंड शिक्षा अधिकारी थे।

- उनके पास मदनपुर छात्रावास के अधीक्षक बैजनाथ नेताम आवेदन लेकर आए थे कि उनके छात्रावास में रहने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है।

- उनकी फाइल अनुमोदित कर दे। फाइल पास करने के लिए उन्होंने 10 हजार रुपए की मांग की।

- अधीक्षक ने पहले उन्हें दो हजार दिया और बाकी पैसे बाद में देने की बात की। फिर एसीबी में संपर्क किया। शिकायत पर एसीबी के अधिकारी वहां पहुंचे और आरोपी को रंग हाथ पकड़ लिए।

- उनके जेब से केमिकल लगा नोट जब्त किया गया। उनके हाथों में केमिकल का रंग पाया गया। चार साल से मामला कोर्ट में विचाराधीन था।

- विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जीतेंद्र जैन ने फैसला सुनाते हुए दो-दो साल की कठोर कारावास की सजा दी है। इसके अलावा जुर्माना लगाया है। दोनों सजा एक साथ काटी जाएगी।