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(अपडेट) डैम की जमीन पर तान दिए होटल-ढाबे, अब फंसेंगे संचालक इरीगेशन डिपार्टमेंट ने मांगी रिपोर्ट, संदिग्ध गतिविधियों की भी मिली जानकारी

(अपडेट) डैम की जमीन पर तान दिए होटल-ढाबे, अब फंसेंगे संचालक इरीगेशन डिपार्टमेंट ने मांगी रिपोर्ट, संदिग्ध गतिविधियों की भी मिली जानकारी

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2018, 02:34 PM IST
प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।

रायपुर। राज्य में बांधों के आसपास अवैध व संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। कई प्रमुख डैम के नजदीक जमीनों पर कब्जा करके रसूखदारों ने अवैध निर्माण करा लिए हैं। इनमें होटल, ढाबे और अवैध पार्किंग भी शामिल है। इस बारे में इरीगेशन विभाग ने इंजीनियर इन चीफ से लेकर सभी जिम्मेदार अफसरों से सात दिनों में सर्टिफाई रिपोर्ट मांगी है। कब्जेधारियों में वन विभाग और पर्यटन विभाग के भी नाम सामने आ रहे हैं।


- इरीगेशन डिपार्टमेंट को लंबे समय से लगातार यह फीडबैक मिल रहा है कि प्रदेश के बड़े व मध्यम बांधों के आसपास विभाग की जमीन का दुरुपयोग हो रहा है।

- कई संस्थाओं और व्यवसायियों ने बांधों की जमीन की अवैध प्लाटिंग की है। उन पर मकान बनाए जा रहे हैं। विशेष बात यह कि इसमें न सिर्फ प्राइवेट संस्थाएं शामिल हैं बल्कि सरकारी विभाग भी शामिल हैं। - इसके अलावा बांधों व उसके नजदीक पिकनिक व सैर-सपाटे के नाम पर संदिग्ध व गलत गतिविधियां भी हो रही हैं। शनिवार और रविवार को यहां मौज-मस्ती की जाती हैं।
- विभाग इस बात की तहकीकात कर रहा है कि ये सब कब से चल रहा है और उसमें उसके ही विभाग के तो लोग शामिल नहीं हैं।

- इस वजह से इरीगेशन विभाग ने अधिकारियों से तय फाॅर्मेट में प्रामाणिक व हस्ताक्षरयुक्त रिपोर्ट मांगी है। यह भी पता किया जा रहा है कि बांधों को अलाट जमीन पर किसने व किसके संरक्षण में कब्जे किए। - यदि किसी वजह से विभाग ने अनुमति भी दी है तो उसका आधिपत्य कब से हैं। विभाग को सही-सही रिपोर्ट मिली तो संभावना है कि कई डैमों के नजदीक बने होटल-ढाबे ढहा दिए जाएंगे।


इन बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट


- जल क्षेत्र में वैध-अवैध क्रिया-कलापों की जानकारी, वैध-अवैध गतिविधियां किस तरह की हैं, ये गतिविधियां कब से चल रही हैं, इनमें संलिप्त संस्था, विभाग या व्यक्ति कौन है, यदि इरीगेशन विभाग ने अनुमति दी है तो उसका डिटेल, अब तक ऐसे अवैध क्रिया-कलापों के खिलाफ विभाग ने क्या-क्या कार्रवाई की है।


अवैध निर्माण की जानकारी ऐसे मांगी


- डैम का नाम वृहद या मध्यम।
- जल संसाधन विभाग के नाम से अथवा आधिपत्य की भूमि?
- निर्माण की जानकारी वैध है या अवैध?
- निर्माण किस प्रकार का है भवन, दुकान, ठहरने की सुविधा या अन्य तरह का?
- निर्माण करने वाले व्यक्ति, संस्था, विभाग का नाम।
- इसे कब बनाया गया? विधिवत अनुमति दी गई है तो उसकी जानकारी।
- अब तक अवैध निर्माण के खिलाफ विभाग ने क्या कार्रवाई की है?

वर्जन


'बांधों के आसपास क्रियाकलापों को लेकर विभाग गंभीर है। इसकी सात दिनों में रिपोर्ट संबंधित इलाके के सुपरीटेंडेंट इंजीनियर व चीफ इंजीनियर से सर्टिफाई करके मंगवाई है। जो दोषी होंगे उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।' - सोनमणि वोरा, सचिव इरीगेशन डिपार्टमेंट।


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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।
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