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बेटियों को मारने के बाद मां ने लिखा सुसाइड नोट, हर पन्ने पर लगाया उनका खून

बेटियों को मारने के बाद मां ने लिखा सुसाइड नोट, हर पन्ने पर लगाया उनका खून

Danik Bhaskar

Dec 21, 2017, 05:28 PM IST
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महासमुंद। अपनी दो मासूम बेटियों की हत्या करने वाली स्कूल टीचर का सुसाइड नोट पुलिस के हाथ लग गया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि अपने कलेजे के टुकड़ों को बेरहमी से मारते हुए मुझे बहुत दर्द हुआ है। सुसाइड नोट के हर पन्ने पर खून लगा हुआ है। ऐसा अनुमान है कि टीचर ने बेटियों की हत्या के बाद सुसाइड नोट लिखा है। टीचर ने लिखा है कि वो अपने पति से बहुत प्यार करती है पर आपसी मतभेद के चलते उसके साथ रहना दुश्वार हो गया था। ऐसे में उसने ये स्टेप लिया। सुसाइड नोट के कुछ अंश...


- स्कूल टीचर ने बाकायदा प्वाइंट बनाकर सुसाइड नोट लिखा है। टीचर ने पति से अपील की है कि यदि उसकी सांसें बाकी हो तो उसे प्लीज बचाना नहीं।
- यदि बेटियां बच जाए जो उन्हें अनाथ समझकर अनाथ आश्रम में दे देना। ये मेरी आखिरी इच्छा समझ इसे पूरी कर देना।
- आखिर में टीचर ने अपने पति के लिए बेस्ट ऑफ लक योर ब्राइट फ्यूचर लिख खुद का सिग्नेचर किया है।

‘‘शादी एक पवित्र बंधन होता है जो प्यार और विश्वास पर टिका होता है। लेकिन जिसमें प्यार और विश्वास ना हो वो शादी, शादी नहीं बस दुनिया को दिखाने की वजह बन जाती है। मैं ये नहीं जानती है कि आप शादी से पहले से ऐसे थे या शादी के बास ऐसे हो गए। शादी के एक साल तो हंसी खुशी बीत गए, लेकिन शादी के दूसरे साल से आपने मेरे ऊपर तानों की बौछार कर दी। क्योंकि शादी होते ही मुझे बीएड कराया और बीएड में जो भी खर्चा हुआ उसका बार-बार मुझे ताना सुनना पड़ा। आप एक सनकी इंसान है। सनकी इंसान के साथ जीना मुश्किल है। रोज-रोज मरने से अच्छा एक बार ही मर जाओ। मुझे माफ कर देना लेकिन एक बात सच है मैं आप से बहुत प्यार करती हूं। हमारे इस झगड़े का असर मेरे बच्चों पर हो रहा था। आप से अलग होकर जीना भी मेरे लिए बहुत मुश्किल है, क्योंकि मैं आपके बगैर जी नहीं सकती। इसलिए मैं आज आपको आजाद कर रही हूं हमेशा-हमेशा के लिए। एक खुशहाल जिंदगी के लिए। सोचती थी कि अपने पिता के जिंदा रहते तक जी लूं, लेकिन नहीं जी पाऊंगी। बहुत दर्द हुआ जब मैंने अपने बच्चों के साथ ये सब किया। लेकिन मेरे पास दूसरा कोई रास्ता नहीं था। आपके लिए तो आपकी बहन और उसके बच्चे सबकुछ थे। मेरे बच्चे तो बस दुनिया को दिखाने के लिए थे। मुझे बचाने की कोशिश मत करना। अगर मेरे बच्चे बच जाते हैं तो उन्हें अनाथ आश्रम में दे देना। मेरी आखिरी इच्छा समझकर पूरी कर देना। बेस्ट ऑफ लक योर ब्राइट फ्यूचर।’’


बेटियों को मार खुद मरने की बताई ये वजह


- 30 वर्षीय टीचर यमुना पांडे ने सुसाइड नोट में लिखा है- ' मुझे माफ कर देना, लेकिन एक बात सच है कि मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं। हमारे इस झगड़ का असर मेरी बच्ची पर हो रहा था। आपसे अलग होकर भी जीना मेरे लिए बहुत मुश्किल है क्योंकि मैं आपके बगैर नहीं जी सकती। इसलिए आपको आजाद कर रही हूं हमेशा-हमेशा के लिए। आपकी खुशहाल जिंदगी के लिए। सोची थी पिता के जिंदा रहने तक जी लूं पर नहीं जी पा रही हूं।'


ये सब करते बहुत दर्द हुआ पर क्या करूं...


- ' बहुत दर्द हुआ जब ये सब मैंने अपने बच्चों के साथ ये सब किया। मेरे पास दूसरा कोई रास्ता नहीं था
- आपकी मां कहती थी कि जिसके साथ आपकी शादी होगी उसका दिन रोते-रोते गुजरेगा और वक्त के साथ अपने ये साबित भी कर दिया।
- मुझे लगा कि एक बच्चा और हो जाने के बाद आप बदल जाएंगे पर आपका रवैया वैसा का वैसा ही रहा।'

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फोटो : रत्नेश सोनी


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