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बारिश और ओला प्रभावितों को मुआवजा ० केबिनेट का फैसला

बारिश और ओला प्रभावितों को मुआवजा ० केबिनेट का फैसला

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2018, 02:44 PM IST
प्रतीकात्मक। प्रतीकात्मक।

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज विधानसभा परिसर स्थित मुख्य समिति कक्ष में मंत्री परिषद की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश के कुछ जिलों में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के तहत मुआवजा वितरण जल्द से जल्द करने के निर्देश राजस्व विभाग को दे दिए।

- उन्होंने राजस्व विभाग से कहा कि फसल क्षति का सर्वेक्षण जल्द पूर्ण कर मुआवजा देने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

- ध्यान देने वाली बात है कि फसलोंं की क्षति के बाद मुआवजे की मांग की गई थी।

बेमौसम बारिश ने यूं मचाया कहर

- बदले मौसम की वजह से दो दिनों तक राज्य के अलग अलग हिस्सों में आंधी बारिश का कहर देखने को मिला पर ज्यादा नुकसान कवर्धा के लोरमी पंडरिया बोड़ला के साथ बिलासपुर, रायपुर जिले में हुआ है।

- सर्वाधिक नुकसान खेतों में खड़ी फसलों के साथ खरीदी केंद्रों में भंडारित धान को उठाना पड़ा है। इस समय खेतों में चना के साथ गेंहूं की फसल बोई गई है।

- ग्रीष्मकालीन धान के लिए पानी नहीं दिए जाने के कारण कवर्धा, बलौदाबाजार, बिलासपुर और रायपुर के किसानों से गेहूं की फसल ली थी।

- इस बारिश ने गेंहूं के फूल को बर्बाद कर दिया है। किसानों के मुताबिक अब गेहूं के दाने कम वजनी निकलेंगे। इसी तरह से चना भी ओलावृष्टि से काले पड़कर सड़ने की कगार पर पहुंच गया है। इसके अलावा तिवरा,अलसी,सरसों, मूंग-मसूर लेने वाले किसानों को भी बड़ा झटका लगा है। इनके पौधे गिरकर खेतों को घास के मैदान का रुप दे चुके हैं।

आम इमली को बड़ा नुकसान


- राज्य के बिलासपुर,जशपुर रायगढ़ महासमुंद और बस्तर में चली आंधी ने आम और इमली को भी नुकसान पहुंचाया है।

- 40 से 60 किमी की रफ्तार से चली आंधी से आम -इमली के पेड़ों के बौर गिर गए हैं। खासकर बस्तर की पहचान माने जाने वाले चूसनी आम को बड़ा नुकसान हुआ है।

- आम की फसल भी इस बार 30 से 40 फीसदी तक कम हो सकती है। वहीं बस्तर से सालाना 600 करोड़ के इमली के कारोबार को भी इस बड़ा झटका लगने के संकेत हैं।

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प्रतीकात्मक।प्रतीकात्मक।
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