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आयकर रिटर्न नहीं भरने पर हो सकती है सात साल की सजा प्रदेश में बड़ी संख्या में कर्मचारी नहीं भर रहे

आयकर रिटर्न नहीं भरने पर हो सकती है सात साल की सजा प्रदेश में बड़ी संख्या में कर्मचारी नहीं भर रहे

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 12:36 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग ने कर्मचारियों को आगाह किया है कि उन्हें ढाई लाख से अधिक आय होने पर आयकर रिटर्न भरना जरूरी है। उनकी तनख्वाह से टैक्स की कटौती हो जाने के बावजूद रिटर्न भरना ही होगा। ऐसा न करने पर उन्हें तीन से सात साल तक की सजा हो सकती है। उन्हें पांच हजार रुपए जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। विभाग ने वित्त विभाग से कर्मचारियों की सूची भी तलब की है।


- आयकर विभाग ने कहा कि यह देखा जा रहा है कि कर्मचारियों में यह धारणा है कि पांच लाख रुपए तक वेतन वाले कर्मचारियों को व्यक्तिगत रिटर्न भरने की जरूरत नहीं है।

- छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी हैं जो विवरणी नहीं भर रहे हैं। वे यह मानते हैं कि वेतन से करों की कटौती हो जाने के बाद रिटर्न भरना जरूरी नहीं है।

- ऐसा नहीं है। आयकर विभाग ने इस संबंध में वित्त विभाग से कहा कि वह उचित पहल करे। संयुक्त आयकर आयुक्त अजीत कुमार लश्कर ने स्पष्ट किया है कि आयकर अधिनियम में यह प्रावधान है कि हर व्यक्ति जिसकी आय निर्धारित रकम से अधिक है तो उसे रिटर्न भरना ही होगा।

- यह काम उसे नीयत तारीख से पहले ही करना होगा। यदि वह ऐसा नहीं करता तो आयकर अधिनियमों के अनुसार उसे पांच हजार रुपए जुर्माना लगेगा।

- वर्ष 2017-18 के दौरान जिन व्यक्तियों की कुल कर योग्य आय ढाई लाख रुपए से ज्यादा है उन्हें इसी 31 मार्च तक रिटर्न भरना होगा।

- इसके बाद उन्हें पेनाल्टी लग सकती है। तीन महीने से सात साल तक की जेल हो सकती है। लश्कर ने वित्त विभाग से कहा है कि आपके संगठन में कार्यरत सभी कर्मचारियों के संज्ञान में यह बात लाएं।

- उन्हें वित्तीय वर्ष 2016-17 व वर्ष 2017-18 के लिए अपना रिटर्न जल्द से जल्द भरने को प्रोत्साहित करें। आयकर विभाग ने एक प्रोफार्मा जारी किया है।

- इसमें कर्मचारियों का नाम, पैन नंबर, आईटी रिटर्न फाइल करने का वर्ष आदि का उल्लेख है। इस प्रोफार्मा को पांच दिन में भरकर मंगवाया गया है। कर्मचारियों की सूची भी मांगी है।
- आयकर विभाग की सख्ती से मंत्रालय समेत सरकारी महकमों में हलचल है। वित्त विभाग के अपर सचिव सतीश पांडेय ने भी आयकर विभाग के पत्र व नियमों का हवाला देकर कर्मचारियों से कहा कि रिटर्न समय पर दाखिल कर दें। ताकि परेशानी से बचा जा सके।

- कर्मचारी चाहें तो मोबाइल ऐप आयकर सेतु का उपयोग करके भी वेबसाइट पर रजिस्टर होकर विवरण दाखिल कर सकते हैं।