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(अपडेट) महानदी के पानी के विवाद की सुनवाई करेंगे खानविलकर ट्रिब्यूनल बनने से छत्तीसगढ़ को राहत, सुको ने नहीं रोका बैराजों का निर्माण

(अपडेट) महानदी के पानी के विवाद की सुनवाई करेंगे खानविलकर ट्रिब्यूनल बनने से छत्तीसगढ़ को राहत, सुको ने नहीं रोका बैराजों का निर्माण

Danik Bhaskar | Mar 14, 2018, 02:34 PM IST
प्रतीकात्मक। प्रतीकात्मक।

रायपुर। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर महानदी जल के बंटवारे के विवाद की सुनवाई करेंगे। वे इसके लिए बनाए गए ट्रिब्यूनल के चेयरमैन बनाए गए हैं। पटना हाइकोर्ट के जज डॉ. जस्टिस रविरंजन और दिल्ली हाइकोर्ट की जज जस्टिस इंदरमीत कौर कोचर ट्रिब्यूनल के मेंबर होंगे।


- मालूम हो कि ओडिशा सरकार ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। इसकी सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल का गठन किया है।

- महानदी के पानी व इस पर हो रहे छह बैराजों के निर्माण को लेकर ओडिशा व छत्तीसगढ़ में लंबे समय से विवाद चल रहा है।

- ओडिशा ने बैराजों का निर्माण रोकने की गुहार सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी। हालांकि उसने निगोशिएशन करने से मना कर दिया था।

- इस वजह से सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल का गठन किया है। इसका कार्यकाल तीन साल का होगा।

- दोनों राज्यों को वहां अपना पक्ष रखना होगा। छत्तीसगढ़ के लिए सबसे राहत की बात यह मानी जा रही है कि उच्चतम न्यायालय ने बैराजों के निर्माण पर रोक नहीं लगाई है।

- जल संसाधन विभाग के सचिव सोनमणि वोरा ने कहा कि जिस तरह हमने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा था, ट्रिब्यूनल में भी रखेंगे।

- राज्य सरकार जो भी बैराज बना रही है वह जनता व किसानों के हित में है। इससे पानी का उचित दोहन तो होगा ही प्रदेश में सिंचाई का रकबा भी बढ़ेगा। सरकार जनता के हितों का संरक्षण कर रही है।