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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर करेंगे महानदी जल बंटवारे के विवाद की सुनवाई

वे इसके लिए बनाए गए ट्रिब्यूनल के चेयरमैन बनाए गए हैं।

John rajesh Paul | Last Modified - Mar 14, 2018, 06:08 PM IST

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर करेंगे महानदी जल बंटवारे के विवाद की सुनवाई

रायपुर।सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर महानदी जल के बंटवारे के विवाद की सुनवाई करेंगे। वे इसके लिए बनाए गए ट्रिब्यूनल के चेयरमैन बनाए गए हैं। पटना हाइकोर्ट के जज डॉ. जस्टिस रविरंजन और दिल्ली हाइकोर्ट की जज जस्टिस इंदरमीत कौर कोचर ट्रिब्यूनल के मेंबर होंगे।


- मालूम हो कि ओडिशा सरकार ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। इसकी सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल का गठन किया है।

- महानदी के पानी व इस पर हो रहे छह बैराजों के निर्माण को लेकर ओडिशा व छत्तीसगढ़ में लंबे समय से विवाद चल रहा है।

- ओडिशा ने बैराजों का निर्माण रोकने की गुहार सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी। हालांकि उसने निगोशिएशन करने से मना कर दिया था।

- इस वजह से सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल का गठन किया है। इसका कार्यकाल तीन साल का होगा।

- दोनों राज्यों को वहां अपना पक्ष रखना होगा। छत्तीसगढ़ के लिए सबसे राहत की बात यह मानी जा रही है कि उच्चतम न्यायालय ने बैराजों के निर्माण पर रोक नहीं लगाई है।

- जल संसाधन विभाग के सचिव सोनमणि वोरा ने कहा कि जिस तरह हमने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा था, ट्रिब्यूनल में भी रखेंगे।

- राज्य सरकार जो भी बैराज बना रही है वह जनता व किसानों के हित में है। इससे पानी का उचित दोहन तो होगा ही प्रदेश में सिंचाई का रकबा भी बढ़ेगा। सरकार जनता के हितों का संरक्षण कर रही है।

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Web Title: suprim kort ke jstis eem khaanvilkar karengae mhaanadi jl bntvaare ke vivad ki sunvaaee
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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