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नक्सली

नक्सली

Dainik Bhaskar

Mar 09, 2018, 11:53 AM IST
गुरुवार को सुबह जवानों के पार् गुरुवार को सुबह जवानों के पार्

कांकेर। रावघाट थाना के मसपूर पहाड़ी में बुधवार शाम फंसी 27 जवानों की टुकड़ी पर हमले की कहानी एक प्रत्यक्षदर्शी जवान ने बयां की। जवान ने dainikbhaskar.com को बताया कि अपनी जाल में फंसाने के लिए नक्सली जवानों को ललकार रहे थे और गंदी गालियां दे रहे थे, ताकि वे आपा खो दें और आगे बढ़ जाएं। हालांकि जवानों ने हौसला व धैर्य नहीं खोया और जवाबी कार्रवाई करते रहे। नक्सलियों का पैतरा काम नहीं आया और मैदान छोड़ भागना पड़ा।ध्यान देने वाली बात है इस मुठभेड़ में नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट करा दिया जिससे एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत एक जवान शहीद हो गए। गुरुवार को दोपहर 1 बजे तक जवानों का पार्थिव शरीर कांकेर पहुंचा और वहां उन्हें गॉड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि दी गई। जानिए इस हमले की पूरी घटना...

- बुधवार 7 मार्च को रावघाट से गश्त पर 200 से अधिक जवानों की 7 टुकड़ियां मसपुर की ओर रवाना हुई थी।

- अलग अलग दिशाओं से आगे बढ़ रही टुकड़ियों में बीएसएफ 134वीं बटालियन के सहायक कमांडेड गजेंद्र सिंग के नेतृत्व में चल टीम मसपूर पहाड़ी चढ़ गई।

- प्रत्यक्षदर्शी जवानों ने बताया सबसे आगे असिस्टेंट कमांडेंट गजेंद्र सिंह फिर बीएसएफ जवान अमरेश कुमार चल रहे थे।

- पीछे डीएफ व बीएसएफ जवान थे। टीम दोपहर 3.30 बजे पहाड़ की ढलान उतर रही थी की घात लगाए नक्सलियों ने हमला कर दिया।

- जवानों ने भी मोर्चा लिया। सामने चल रहे असिस्टेंट कमांडेंट व जवान के शहीद होने के बाद नक्सली लगातार फायरिंग कर गोंडी व छत्तीसगढ़ी में जवानों को गालियां देकर सामने आने ललकार रहे थे।

- शाम 5.30 बजे तक नक्सली फायर करते रहे। फायरिंग बंद होने के बाद जवानों ने घटनास्थल की सर्चिंग शुरू की। अंधेरा होने के कारण नक्सली भाग गए।

नक्सलियों ने लगाया था समानांतर एंबुश


- फोर्स को घेरने नक्सलियों ने 692 मीटर ऊंची मसपूर पहाड़ी के ढलान में पैरलल एंबुश लगाया था। 50 से अधिक नक्सली नाला के दोनों ओर ऊंचाई में घात लगाए बैठे थे।

- ढलान उतरने के दौरान आगे चल रहे सहायक कमांडेंट व जवान दोनों पहाड़ी नाला पार करने खुले में आ गए। नक्सलियों ने मौका मिलते ही वहां लगी आईडी में ब्लास्ट कर फायरिंग कर दी जिसमें दोनों शहीद हो गए। हमला किसकोड़ो दलम ने किया।


सात बार किया ब्लास्ट, एरो बम भी चलाए


- नक्सली पूरी तैयारी के साथ घात लगाए बैठे थे। फोर्स के रास्ते के अलावा हमले में मोर्चा लेने वाली जगहों पर भी नक्सलियों ने टिफिन, पाइप व कुकर बम लगाया था।

- नक्सलियों ने एक के बाद एक 7 बम विस्फोट किया।ऑटोमैटिक हथियारों से फायरिंग भी की। बीच बीच में देशी मेड एरो बम चलाया। घटनास्थल से एक जिंदा पाइप, एरो बम, तार के गुच्छे मिले हैं।


सुबह 6 बजे पहाड़ी से उतारा शहीदों का पार्थिव शरीर


- हमले की सूचना मिलते ही 6 टुकड़ियों के अलावा अलग से और फोर्स भेजी गई। मसपुर पहाड़ी को चारोंओर से घेरा गया। अंधेरा व पहाड़ी के कारण शहीदों के पार्थिव शरीर को नीचे लाना मुश्किल था। पहाड़ में बीएसएफ जवानों की टीम ने पार्थिव शरीर को अपने कब्जे में ले रखा था। सुबह 6 बजे उजाला होने के बाद सर्पोटिंग टीम के साथ पार्थिव शरीर को नीचे उतारा गया।


सहायक कमांडेंट की गोली से, जवान की छर्रे से मौत


- गुरूवार सुबह 11 बजे जवानों का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम करने कांकेर जिला अस्पताल लाया गया। डॉ. केके शोरी ने बताया असिस्टेंट कमांडेंट को पेट में गोली लगी है जो पीछे से आरपार निकल गई जिससे वे शहीद हो गए। डाॅ. प्रदीप देवांगन ने बताया जवान अमरेश कुमार के पेट वाले हिस्से में बम के छर्रे मिले हैं। लोहे के टुकड़े व छर्रे लगने से काफी खून बह गया जो मौत का कारण बना।


पुलिस लाइन में शहीदों को दी सलामी


- पोस्ट मार्टम के बाद गुरुवार को दोपहर दो बजे शहीदों का पार्थिव शरीर सलामी के लिए पुलिस लाइन लाया गया।

- यहां डीजी एएन उपाध्याय, आईजी विवेकानंद सिन्हा, डीआईजी रतन लाल डांगी, बीएसएफ के अफसर, एसपी कांकेर के एल ध्रुव, कलेक्टर टामन सिंह के अलावा अन्य पुलिस अधिकारी व जवान, जनप्रतिनिधी तथा आम लोगों ने श्रद्धांजलि दी।

- शहीद असिस्टेंट कमांडेंट गजेंद्र सिंह निवासी खरक कलान, जिला भिवानी हरियाणा तथा आरक्षक अमरेश कुमार निवासी मंझौला बल्लाम जिला बेगुसराई बिहार का पार्थिव शरीर हेलिकाप्टर से रायपुर रवाना किया गया। जहां से उसे प्लेन से दिल्ली व वहां से उनके गृहग्राम रवाना किया जाएगा।

फोटो : खालिद अख्तर खान

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गुरुवार को सुबह जवानों के पार्गुरुवार को सुबह जवानों के पार्
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