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अब प्रदेशभर की गर्भवती महिलाओं को मिलेंगे पांच-पांच हजार

अब प्रदेशभर की गर्भवती महिलाओं को मिलेंगे पांच-पांच हजार

Danik Bhaskar | Mar 07, 2018, 05:58 PM IST

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मद्देनजर महिलाओं की सराहना की है। इस मौके पर उन्होंने ऐलान किया कि प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना राज्य में अब सभी 27 जिलों में संचालित होगी। प्रत्येक गर्भवती महिला को इस योजना के तहत तीन किश्तों में पांच हजार रुपए सहायता देने का प्रावधान है।


- राज्य के नये बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे अब तक तीन जिलों -धमतरी, बस्तर तथा कोंडागांव में चल रही इस योजना का विस्तार नए वित्तीय वर्ष में सभी 27 जिलों में हो जाएगा।

- राज्य सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए नए वित्तीय वर्ष2018-19 में 1929 करोड़ 42 लाख रुपए का बजट प्रावधान किया है, जो वर्तमान वित्तीय वर्ष 2017-18 के मुकाबले 119 करोड़ रुपए ज्यादा है।

- मुख्यमंत्री ने संदेश में कहा है कि यह दिवस पूरी दुनिया में महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के स्वाभिमान का प्रतीक बन गया है।

- राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में विगत 14 वर्ष में कई सार्थक कदम उठाए हैं। त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव में उन्हें 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि खुशी की बात है कि इससे कहीं अधिक संख्या में महिलाएं ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला पंचायतों में निर्वाचित होकर आ रही हैं।

- जनता का नेतृत्व करते हुए पंचायती राज को सुदृढ़ बनाकर गांवों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छ छत्तीसगढ़ के निर्माण में भी प्रदेश की महिलाएं उत्साह के साथ काम कर रही हैं।

- नशे की सामाजिक बुराई के खिलाफ जनजागरण, साक्षरता अभियान और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में भी प्रदेश की महिलाएं अग्रणी हैं।

- हाईस्कूल कक्षाओं में बालिकाओं को निशुल्क साइकिल वितरण के लिए संचालित सरस्वती साइकिल योजना से स्कूलों में बालिकाओं की दर्ज संख्या 65 प्रतिशत से बढ़कर 93 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

- राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों की योजनाओं में महिलाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार ने जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम से होने पर उन्हें स्टाम्प शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी है।

- यह प्रावधान वर्ष2008 से लागू किया गया है और अब तक पांच लाख 60 हजार से ज्यादा रजिस्ट्री के दस्तावेजों में महिलाओं को 431 करोड़ 79 लाख रुपए की छूट का लाभ मिला है।