--Advertisement--

शिक्षाकर्मी

शिक्षाकर्मी

Danik Bhaskar | Dec 02, 2017, 10:49 AM IST
शिक्षकर्मियों को गिरफ्तार कि शिक्षकर्मियों को गिरफ्तार कि

रायपुर। एक बार फिर सरकार और शिक्षाकर्मियों के बीच वार्ता विफल होने के बाद बड़े आंदोलन का ऐलान हो गया है। शिक्षाकर्मी अपनी पत्नी, बच्चों समेत पूरे परिवार के साथ शनिवार को राजधानी की सड़कों पर उतरने वाले हैं। इधर सरकार ने भी आंदोलन को कुचलने की पूरी तैयारी कर ली है। सरकार के निर्देश पर पुलिस की टीमें शिक्षाकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देनी शुरू कर दी हैं। जानिए क्या कर रही है सरकार...

- शिक्षाकर्मियों के आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार ने आलाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें शिक्षाकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशे देनी शुरु कर दी हैं।

- केदार जैन, ताराचंद जायसवाल, मनोज समड्या, पवन सिंह, बसंत चतुर्वेदी को गिरफ्तार करके सेंट्रल जेल भेज दिया गया है, जबकि कई टीमें वीरेंद्र दुबे और संजय शर्मा की तलाश में घूम रही हैं।

- दूसरी ओर प्रदेश के अलग-अलग जगहों से सैकड़ों की संख्या में शिक्षाकर्मी पहुंच चुके हैं। हजारों की संंख्या में शिक्षाकर्मी रास्ते में हैं।

- सरकार के इस रुख ने शिक्षाकर्मियों की नाराजगी और बढ़ा दी है। कई जगहों पर रायपुर आ रही महिला शिक्षाकर्मियों को रोका गया है।

- ये सारी कार्रवाई उस वक्त की जा रही है जब सरकार आंदोलन से जुडे़ सभी बड़े नेताओं को चिन्हित करके बर्खास्तगी की तैयारी कर रही है।

- दूसरी तरफ रायपुर में आंदोलन के लिए सरकार ने कोई जगह नहीं दी। सरकार के इस कड़े रुख के बाद शिक्षाकर्मी नेताओं के हौसले थोड़े ढीले पड़ गए थे।

- शिक्षाकर्मियों के भीतर चर्चा इस बात की हो रही थी कि पिछली बार की तरह शून्य घोषित कर 12 दिनों से चले आ रहे आंदोलन को खत्म कर दिया जाए।

- दूसरा विकल्प ये था कि जब प्रशासन इतनी सख्ती कर रही तो वापिस ब्लॉकों में आंदोलन केंद्रित किया जाए, लेकिन गिरफ्तारी की कार्रवाई ने शिक्षाकर्मियों को भड़का दिया है।

शिक्षाकर्मियों का मामला : सरकार से वार्ता एक बार फिर हुई विफल, हो सकता है बड़ा आंदोलन