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शाही स्नान के साथ राजिम कुंभ कल्प का समापन. . साधु-संतों की निकली भव्य शोभा यात्रा

शाही स्नान के साथ राजिम कुंभ कल्प का समापन. . साधु-संतों की निकली भव्य शोभा यात्रा

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2018, 06:22 PM IST
संगम में शाही स्नान का दृश्य। संगम में शाही स्नान का दृश्य।

रायपुर। राजिम में महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के पवित्र संगम पर आयोजित एक पखवाड़े के राजिम कुंभ कल्प मंगलवार को महाशिवरात्रि पर्व पर साधु-संतों के शाही स्नान के साथ ही सम्पन्न हो गया। राजिम कुंभ मेला माघ पूर्णिमा 31 जनवरी को शुरू हुआ था। नागा साधुओं और अन्य साधु-संतों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने आज महाशिवरात्रि पर्व पर त्रिवेणी संगम पर शाही स्नान कुंड में स्नान किया। धार्मिक न्यास और धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजिम विधायक संतोष उपाध्याय, नगरपालिका गोबरा नयापारा के अध्यक्ष विजय गोयल ने भी त्रिवेणी संगम पर शाही कुंड में पुण्य स्नान किया। ऐसा था कुंभ कल्प का नजारा...

- महाशिवरात्रि की सुबह संत समागम स्थल पर सबसे पहले नागा साधुओं ने शस्त्र पूजा की। इसके बाद विभिन्न सम्प्रदायों, आश्रमों, अखाड़ों और शक्तिपीठों के साधु-संत अपने निशानों और ध्वजों के साथ शोभा यात्रा में शामिल हुए।

- धर्मस्व मंत्री, विधायक उपाध्याय तथा नगर पालिका गोबरा नवापारा अध्यक्ष भी शोभा यात्रा में शामिल हुए।

- सुबह 7:30 बजे लोमश ऋषि आश्रम के नजदीक संत समागम स्थल से नागा साधुओं सहित अन्य साधु-संतों की शोभा यात्रा निकली।

- नवापारा के नेहरू घाट से नये पुल होकर राजिम पहुंची। शोभा यात्रा राजिम में पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक से शास्त्री चौक होते हुए त्रिवेणी संगम पर शाही कुंड पहुंची।

- इसमें विभिन्न अखाड़ों, आश्रमों, शक्तिपीठों और संप्रदायों के साधु-संत अपने ध्वजों के साथ शामिल हुए। नागा साधुओं का दल सबसे आगे चल रहा था।

- अनेक आश्रमों और अखाड़ों के प्रमुख साधु-संत घोड़ों और बग्गियों में सवार होकर शोभा यात्रा के साथ चले।

- नवापारा और राजिम शहर में लोगों ने जगह-जगह शोभा यात्रा में शामिल साधु-संतों का भव्य स्वागत किया।

- नागा साधुओं के साथ अन्य साधुओं ने अपने शस्त्रों के साथ जगह-जगह आकर्षक करतब भी दिखाते रहे।

- राजिम के त्रिवेणी संगम पर स्थित कुलेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

- कुलेश्वर मंदिर, राजीव लोचन मंदिर सहित अन्य मंदिरों मे दिन भर दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।

- कुंभ मेले के दौरान तीन पुण्य स्नान तिथियों माघ पूर्णिमा 31 जनवरी, जानकी जयंती 8 फरवरी तथा महाशिवरात्रि 13 फरवरी को श्रद्धालुओं ने स्नान किया।

- इस बार के राजिम कुंभ में तीन नए अनूठे कार्यक्रम कराए गए। इन कार्यक्रमों से राजिम कुंभ मेले की शोभा और बढ़ी।

- नदियों के संरक्षण के लिए आम लोगों में जागरूकता लाने के लिए तीन फरवरी को संगम पर मैराथन का आयोजन किया गया।

- मेले मे 7 फरवरी को भव्य संत समागम के शुभारंभ अवसर पर तीन लाख साठ हजार से अधिक मिट्टी के दीए जलाए गए। उसके बाद 8 फरवरी को 2100 शंखनाद किया गया।

फोटो : सुधीर सागर

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संगम में शाही स्नान का दृश्य।संगम में शाही स्नान का दृश्य।
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