Hindi News »Chhattisgarh News »Raipur News» Son Killed His Father And Mother At Morning On New Year, Bhilai, Chhattisgarh

मां से करता था प्यार, हुआ ऐसा कि दिल पे पत्थर रख न्यू ईयर पर ही बरसा दी गोलियां

मां से करता था प्यार, हुआ ऐसा कि दिल पे पत्थर रख न्यू ईयर पर ही बरसा दी गोलियां

Brijesh Upadhyay | Last Modified - Jan 02, 2018, 12:44 PM IST


भिलाई।मां-पिता की हत्या करने वाले बेटे ने ये स्वीकार किया है कि उसे उसकी मां बहुत प्यार करती थी। वो हमेशा बेटा का फेवर लेती थी। घटना के एक दिन पहले भी मंदिर में जल चढ़ाने को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हुआ था। उस वक्त बेटे का फेवर लेने के चलते मां को पति से मार भी खाना पड़ा था। इस वजह से मारी मां को गोली...


- सोमवार को सुबह 6:30 बजे नगपुरा पार्श्वनाथ तीर्थ के फाउंडर 72 साल के रावलमल जैन और उनकी 67 साल की सुरजी देवी की उनके ही 40 साल के बेटे संदीप जैन ने हत्या कर दी।
- जब मामले का खुलासा हो गया तो बेटे संदीप ने माना कि वो मां को नहीं मारना चाहता था। उसने बताया कि उसकी आदतों के चलते पिता अक्सर डांटते थे पर मां हमेशा उसका फेवर करती थीं।
- शनिवार को भी रावलमल जैन ने अपने घर में स्थित मंदिर में अर्पण के लिए शिवनाथ नदी से पानी मंगाया तो संदीप ने टोका था।
- इस बात को लेकर पिता-पुत्र की लड़ाई हो गई और मां ने बीच-बचाव करते हुए बेटे संदीप का पक्ष ले लिया।
- इधर बेटे का पक्ष लेने के चलते मां को मार भी खानी पड़ी।


पिता के बर्थडे को चुना मौत का दिन


- संदीप ने वायदा कारोबार में पैसे लगा रखे थे, इसमें उसे करीब 7 करोड़ रुपए नुकसान हुआ था। संदीप को किसी को ७३ लाख रुपए देने थे।
- उसने पिता से पैसे मांगे, लेकिन उन्होंने उन्होंने इनकार कर दिया। इस वजह से पिता-बेटे में विवाद के हालात बने रहते थे। रविवार रात भी दोनों के बीच विवाद हुआ था।
- इसके बाद उसने पिता को मारने का प्लान बना लिया। रविवार को उसने गार्ड को छुट्टी दे दी। पत्नी को मायके भेज पिस्तौल और गोलियों का इंतजाम किया।
- संदीप ने पिता को उनके बर्थडे के दिन ही मारने का प्लान बनाया।


फिर मां को भी नहीं छोड़ा


- 31 दिसंबर की रात को सभी लोग न्यू ईयर का जश्न मना रहे थे। वहीं संदीप की नींद उड़ी हुई थी।
- प्लान के मुताबिक सुबह बाथरूम जाते हुए पिता को गोली मारनी थी। सोमवार की सुबह सीढ़ियों में छुपकर बैठ गया।
- पिता पीछे के दरवाजे से बाथरूम गए। उस वक्त वो चूक गया। तब उसने बाथरूम से निकलने का इंतजार किया।
- जैसे ही वो निकलने लगे तो मुंह पर नकाब लगाकर उसने पिता को दो गोलियां मार दी। गोली लगते ही रावलमल धड़ाम से गिर गए।
- आवाज सुन इनकी पत्नी सुरजी देवी आईं और पति को खून से सना देख बेटे को फोन लगाया। संदीप पास में ही था, लेकिन फोन उठाया नहीं।
- तभी उन्होंने अपने नाथी को फोन लगा दिया। संदीप को समझ अ गया कि उसका भांजा महज 10 मिनट में ही आ जाएगा और पोल खुल जाएगी।
- ऐसे में उसने दिन पर पत्थर रख मां पर भी तीन गोलियां दाग दी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।


ऐसे की पुलिस को गुमराह करने की कोशिश


- पुलिस को गुमराह करने संदीप ने पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस घर के पीछे खड़े लोडिंग ऑटो में रख दिए थे। आरोपी ने घटना के बाद घर की खिड़की को भी खोल दिया था। पुलिस ने संदीप से जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने गुनाह कबूल कर लिया।


कविता सुनाने लड़कियों को घर बुलाता था


- पुलिस के मुताबिक, आरोपी संदीप कवि बनना चाहता था। वह देश में अलग-अलग जगह कवि सम्मेलन आॅर्गनाइज कराता था। कविता सुनाने के लिए वह लड़कियों को अक्सर घर पर भी बुलाता था।
- संदीप ने वायदा कारोबार में भी पैसे लगा रखे थे, इसमें उसे करीब 7 करोड़ रुपए नुकसान हुआ था। उसे किसी को ७३ लाख रुपए देने थे। उसने पिता से पैसे मांगे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इस वजह से पिता-बेटे में विवाद के हालात बने रहते थे।


पार्श्वनाथ तीर्थ स्थापित किया मणि का खिताब मिला


- रावलमल मूल रूप से साजा के रहने वाले थे। 1966 में उन्होंने वीकली न्यूज पेपर छत्तीसगढ़ निकाला। 1979 में उन्होंने दुर्ग जिले के नगपुरा में पार्श्वनाथ तीर्थ की स्थापना की।

- आज पूरी दुनिया में नगपुरा एक जैन तीर्थ के तौर पर विख्यात है। रावलमल ने करीब 108 किताबें भी लिखीं हैं। उनके परिचितों ने उन्हें मणि का खिताब दिया था। रावलमल दुर्ग के राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार कमेटी के अध्यक्ष भी थे।


अंतिम संस्कार में पहुंचे सीएम और एमपी


- रावलमल जैन और सुरजी देवी का अंतिम संस्कार नगपुरा में किया गया। दोनों को मुखाग्नि पोते संयम (13) ने दी।

- अंतिम संस्कार के दौरान सीएम डॉ. रमन सिंह, सांसद अभिषेक सिंह, विधायक अरुण वोरा, मंत्री रमशीला साहू, सांसद ताम्रध्वज साहू समेत कई लोग मौजूद रहे।

- सीएम डॉ. रमनसिंह ने उनके निधन पर कहा कि नगपुरा तीर्थ को संवारने और आगे बढ़ाने में रावलमल का योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
- उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सालय, जैन गुरुकुल की स्थापना की। चिकित्सालय में आज भी जहां मरीजों का इलाज काफी कम फीस पर किया जा रहा। बच्चों को गुणवान और संस्कारवान बनाने में योगदान दिया।


रावलमल के थे अडानी ग्रुप से रिश्ते


- रावल मल जैन मूल रूप से साजा से आते हैं। उनके पिता का अनाज की खरीदी-बिक्री का कारोबार था। 1 जनवरी को ही उनका 75 वां जन्मदिन था। 1979 में उन्होंने नगपुरा में पार्श्वनाथ तीर्थ की स्थापना की।
- उन्होंने प्राचीन प्रतिमाओं का संग्रहण कर नगपुरा को जैन तीर्थ तक का सफर तय किया। आज पूरी दुनिया में नगपुरा एक जैन तीर्थ के तौर पर विख्यात है। रावलमल ने करीब 108 किताबें भी लिखी।
- दिवंगत रावलमल के देश के बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट गौतम अडानी से सीधे रिश्ते रहे। अडानी के पिता शांतिलाल जैन के नाम पर ही नगपुरा तीर्थ में प्राकृतिक चिकित्सालय व कॉलेज का संचालन हो रहा। गौतम अडानी भी इसके ट्रस्टी हैं।


फोटो/वीडियो : कोमल वर्मा


आगे की स्लाइड्स में क्लिक करके देखिए खबर की और Photos...

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Raipur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×