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बकरी बेचकर शौचालय बनाई थी

बकरी बेचकर शौचालय बनाई थी

Danik Bhaskar | Feb 22, 2018, 10:53 AM IST
कलेक्टर आर प्रसन्ना ने सीएम डॉ कलेक्टर आर प्रसन्ना ने सीएम डॉ

धमतरी। देश भर में स्वच्छता की ब्रांड एम्बेसडर के रूप में विख्यात ग्राम कोटभर्री की 106 वर्ष की वयोवृद्ध कुंवर बाई यादव ये सीएम रमन सिंह से मिलने की इच्छा जताई। चूंकि सीएम दिल्ली में हैं ऐसे में उन्होंने कुंवर बाई से बुधवार की रात 9:45 बजे वीडियो कॉलिंग पर बात की। हालांकि उस दौरान कुंवर बाई सीएम की बातें सुन पाईं पर कोई जवाब नहीं दे पाईं। तब सीएम ने कुंवर बाई की बेटी सुशीला यादव और नातिन चंद्रकला यादव से भी बात की और उनका हाल जाना। सीएम ने कलेक्टर डा. सीआर प्रसन्ना को कुंवर बाई का बेहतर से बेहतर इलाज कराने और तबियत में सुधार नहीं होने पर रायपुर रेफर करने के निर्देश दिए। इधर गुरुवार को सुबह तबियत में सुधार न होता देख रायपुर बाई को रायपुर रेफर कर दिया गया है। यहां अंबेडकर अस्पताल के वार्ड नंबर14 में इन्हें रखा गया है। ध्यान देने वाली बात है कि कुंवर बाई काफी बीमार हैं और धमतरी में अस्पताल में भर्ती हैं। जानिए कौन हैं कुंवर बाई...

- कुंवर दाई के चिंता करेके जरूरत तुमन ल नई हे, हमन ओकर अच्छा इलाज कराबो।

- छत्तीसगढ़ी भाषा में यह दिलासा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन की दूत कुंवर बाई के परिजनों को वीडियो कॉलिंग पर दी।

- इधर स्वास्थ्य में सुधार न होता देख गुरुवार को बाई को रायपुर रेफर कर दिया गया। यहां अंबेडकर अस्पताल के वार्ड नंबर 14 में इनका इलाज चल रहा है।

- धमतरी अस्पताल के सीएमएचओ डीके तुर्रे ने बताया कि कुंवर बाई का ब्रेन काम नहीं कर रहा है। ऐसे में उन्हें रायपुर रेफर करना पड़ा।


4 दिन से बेहोश थीं कुंवर बाई


- कुंवर बाई की तबियत को लेकर पूरा शासन-प्रशासन और राज्य सरकार अलर्ट है। मंगलवार को उन्हें देखने के लिए स्वच्छ भारत मिशन की राज्य समन्वयक मोनिका सिंह भी अस्पताल में पहुंची थीं।

- बाई को श्वांस में तकलीफ होने पर 19 फरवरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले तीन दिन से धमतरी के जिला अस्पताल में बेहोशी की हालत में है। हालांकि उनकी हालत में पहले सुधार बताया जा रहा है। वह सप्ताहभर से कुछ खायी-पीयी नहीं थी। उन्हें शुगर भी है।


टॉयलेट बनाने के लिए बेच दीं थीं बकरियां

- कुंवर बाई रायपुर से करीब 90 किमी दूर धमतरी की रहने वाली हैं। 105 साल की उम्र में कुंवर बाई ने अपनी पाली हुई आधा दर्जन बकरियों को 22 हजार रुपए में बेचकर गांव का पहला टॉयलेट बनवाया था।
- इस उम्र में वह कोशिश में जुटी रहीं कि गांव की हर महिला का मान रहे, हर घर में टॉयलेट हो।
- गांव में जिनके पास पैसाें की कमी थी, कुंवर ने उनकी मदद भी की। आज कोटभर्री गांव में हर घर में टॉयलेट है।

जब बहू और नातिन की मजबूरी देखी तो लिया ये फैसला

- कुंवर बाई के दो बेटे थे। इनमें से एक की बचपन में ही मौत हो गई। दूसरा बेटा 30 साल पहले ही चल बसा।

- घर की आर्थिक हालत काफी खराब हो गई तो महिलाओं को गाड़ी तक खींचकर पैसा कमाना पड़ा।

- कुंवर बाई के लिए ये सब मंजूर था, लेकिन बहू और नातिन का खुले में शौच करने जाना मंजूर नहीं था।

- जब तक घर में बिल्कुल पैसे नहीं थे तब तो जैसे-तैसे जिंदगी चली।

- जब कुंवर बाई को बहू और नातिन की मजबूरी बर्दाश्त नहीं हुई तो उन्होंने बकरियां बेच दी और 22 हजार रुपए से गांव का पहला टॉयलेट बनवाया।

- फिर हर परिवार के पास पहुंची कि महिलाओं का मान बचाने टॉयलेट बनवाना चाहिए और इस काम में लोगों को मदद भी दी।

कदम उठे तो बढ़ी सरकार

- कुंवर बाई का टॉयलेट बनाने का फैसला जल्दी ही गांव की सरहद पार कर गया।

- खबर फैली तो सरकारी एजेंसियां सामने आईं और कुंवर बाई का काम आसान हो गया। कुंवर के गांव के सभी 18 घरों में शौचालय है।

पीएम मोदी ने मंच पर कुंवर के छुए पैर

- फरवरी 2016 में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पीएम नरेंद्र मोदी श्याम प्रसाद मुखर्जी शहरी मिशन के शुभारंभ समारोह में आए थे।

- यहां वे कुंवर बाई की कहानी से इतने प्रभावित दिखे कि जैसे ही वो मंच पर उनसे मिलने पहुंची तो पीएम ने झुककर उनके पैर छू लिए।

- इस मौके पर इन्हें स्वच्छ भारत अभियान का शुभंकर घोषित किया गया।

- इस घटना के बाद कुंवर बाई की ख्याति देश-विदेश तक फैल गई।

हवाई जहाज का नाम सुन घबरा गईं थी बाई

- सितंबर 2016 में दिल्ली में स्वच्छता मिशन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी इनका सम्मान करने वाले थे।

- कुंवर बाई को पता चला कि उन्हें हवाई जहाज से दिल्ली जाना है। वे घबरा गईं। वे सोचने लगीं कि कहीं प्लेन से गिर गई तो क्या होगा। ऐसे में उनकी घबराहट बढ़ गई थी और बीपी हाई हो गया।

- उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और फ्लाइट का टिकट कैंसिल करा दिया गया। कुछ दिनों बाद दिल्ली से एक टीम आई उनका सम्मान घर जाकर किया।

फोटो/ वीडियो : अजय देवांगन