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गौ शाला

गौ शाला

Dainik Bhaskar

Feb 09, 2018, 11:30 AM IST
प्रतीकात्मक। प्रतीकात्मक।

रायपुर। विधान सभा के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को विपक्ष ने राज्य में गायों की मौत का मुद्दा उठा दिया। मामला इतना गरमाया कि गौ हत्या बंद करो के नारे लगने लगे। इस दौरान विपक्ष ने वॉकआउट भी कर दिया। सवाल उठाया गया कि सरकार की ओर से पशु क्रूरता अधिनियम के तहत उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती जो गायों की मौतों के जिम्मेदार हैं। जानिए पूरा मामला...

- शुक्रवार को विधान सभा के बजट सत्र के दौरान गौशालाओं में गायों की मौत को लेकर जमकर हंगामा हो गया।

- कांग्रेस विधायक दीपक बैज ने सवाल उठाया कि प्रदेश में किन-किन गौशालाओं को कितना अनुदान दिया गया है।

- इसके अलावा अनुदानों में जो गड़बड़ी हुई है इसमें क्या कार्रवाई की जाएगी।

- जवाब में मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पात्रता के आधार पर गौशालाओं को अनुदान दिया जाता है।

- जिसपर दीपक बैज ने सवाल उठाया कि जिन गौशालाओं में एक भी गाय नहीं थी वहां अनुदान क्यों दिया गया।

- इस सवाल को सिरे से खारिज करते हुए मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ऐसी किसी भी गौशालाओं को अनुदान नहीं दिया गया है।

- इस जवाब के बाद विपक्ष बिफर गया। आरोप लगाया कि गौशालाओं में गायों के जिम्मेदारों के खिलाफ सरकार कार्रवाई क्यों नहीं करती है।

- जवाब में मंत्री ने कहा कि पखांजुर के अलावा दुर्ग जिले के कुछ गौशालाओं में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की गयी है।

- इसके बाद नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव और वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा ने भी गौ शालों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।

विधान सभा में गूंजा पकौड़ा भी

- गुरुवार को विधानसभा में दिए गए राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत हुई।

- चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि, प्रदेश में कांग्रेस के लोग जगह-जगह पकौड़े का ठेला लगा रहे हैं।

- वह दिन दूर नहीं जब कांग्रेस के लिए 2018 में चुनाव हारने के बाद केवल पकौड़े बेचने का काम रह जाएगा।

- इसके बाद विपक्ष के विधायकों ने शर्मा को टोकते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री इसे रोजगार बता रहे हैं और आप पकौड़े की आलोचना कर रहे हैं।

- शर्मा ने बात सम्हालते हुए कहा कि, पकौड़े बेचना रोजगार है। उन्होंने कहा कि, मेरे क्षेत्र में एक गुपचुपवाले का बेटा इंजीनियर बना उसे 28 हजार रुपए प्रति माह सैलरी की नौकरी मिली।

- उसने कुछ दिन बाद नौकरी छोड़ दी। अब वह अपने गुपचुप वाले पिता के ठेले के सामने अपना ठेला लगाता है और वहां पकोड़े बेचता है।

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