Hindi News »Chhattisgarh News »Raipur News »News» A Man Become Maoist Due To Good Handwriting

अच्छी हैंडराइटिंग के चलते बनना पड़ा था नक्सली, ऐसी है इस शहीद की कहानी

dainikbhaskar.com | Last Modified - Nov 06, 2017, 12:50 PM IST

बीनागुंडा के जंगल में शहीद हुए जवान मोहित पटेल की कहानी बहुत अलग है। मोहित खुद 10 साल तक नक्सली थे।
  • अच्छी हैंडराइटिंग के चलते बनना पड़ा था नक्सली, ऐसी है इस शहीद की कहानी
    +2और स्लाइड देखें
    शहादत के बाद 2 साल के बेटे ने दी पिता को मुखाग्नि।

    कांकेर।बीनागुंडा के जंगल में शहीद हुए जवान मोहित पटेल की कहानी बहुत अलग है। मोहित खुद 10 साल तक नक्सली थे और नक्सलियों के लिए बैनर और पोस्टर लिखा करते थे। चूंकि इनकी राइटिंग अच्छी थी इसलिए नक्सली इन्हें अपने साथ ले गए और ये सब कराते थे। आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों का ये साथ उनके लिए नासूर बन गया और कइयों को मुठभेड़ में मार गिराया। जानिए इस शहीद की पूरी कहानी...


    - बीनागुंडा के जंगल में शुक्रवार को शहीद हुए जवान को आत्मसमर्पण के बाद अपने असली नाम मोहित पटेल से फिर से पहचान मिली थी।
    - नक्सलियों ने मोहित को अपने साथ शामिल करने के बाद उसे सूरज मंडावी का नाम दिया था। नक्सली ज्यादातर उससे बैनर पोस्टर लिखवाते थे। 10 साल बाद जब सूरज पुलिस में शामिल होकर फिर से मोहित पटेल बने तो नक्सली उनसे खौफ खाने लगे।
    - पुलिस आपरेशन के दौरान फ्रंट लाइन में चलने वाले मोहित अब नक्सलियों के लिए बड़ा खतरा बन गए थे।

    अच्छी राइटिंग के चलते बनना पड़ा था नक्सली

    - रावघाट थाना के गांव भैया साल्हेभाट के मोहित पटेल 12वीं तक पढ़ाई गांव व कोलर में पूरी की। इस दौरान उसके गांव में नक्सलियों का आंतक था।
    - आए दिन नक्सली आते और ग्रामीणों को धमकाते थे। मोहित के शिक्षित व राइटिंग अच्छी होने के कारण नक्सली उन्हें अपने साथ ले गए और उससे बैनर पोस्टर लिखवाते थे।
    - यहीं से उसके नक्सली बनने की कहानी शुरू हुई। नक्सली संगठन ने उसका नाम सूरज मंडावी रखा। शिक्षित होने के कारण वह जल्द ही रावघाट एरिया कमेटी का डिवीजन कमेटी मेंबर बन गए।
    - साथ ही इन्हें चारगांव रावघाट बचाओ संघर्ष समिति का प्रभारी बना इलाके की अहम जिम्मेदारी दी गई।
    - वर्ष 2004 से दस साल साथ में काम करने के बाद 2014 में उन्होंने नक्सलियों का साथ छोड़ दिया।
    - इसके बाद डीआरजी में शामिल हुए और पुलिस के साथ दर्जनों एनकाउंटर में शामिल होकर पुलिस को सफलता दिलाया।
    - कई गिरफ्तारी व आत्मसमर्पण कराया। जिससे वह नक्सलियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए। लगातार हो रहे नुकसान से मोहित नक्सलियों के हिट लिस्ट में था। जिसे लेकर नक्सलियों ने सूरज के नाम से कई बार पर्चे भी फेंके थे।

    पुलिस के आपरेशन में रहते थे सबसे आगे

    - पुलिस के कई आपरेशन मोहित के अगुवाई में चल रहे थे। वह हमेशा आपरेशन में फ्रंट लाइन में अपनी भूमिका निभाते थे।
    - जिस दिन घटना हुई उस दिन भी वह अटैक टीम के फ्रंट लाइन में ही शामिल थे। मोहित का शहीद होना पुलिस के लिए एक बड़ी क्षति मानी जा रही है।

    भेदभाव के चलते छोड़ा था संगठन

    - 28 अप्रैल 2014 को मोहित ने आत्मसमर्पण किया था। तब मोहित ने बताया था कि उसका बड़ा भाई नारायणपुर पुलिस में है। इसलिए नक्सली उसपर भरोसा नहीं करते थे।
    - खाने-पीने से लेकर हर चीज में भेदभाव किया जाता था, जिसके चलते उन्होंने नक्सलियों का साथ छोड़ दिया था।

    12 से ज्यादा एनकाउंटर 13 गिरफ्तारी, 8 समर्पण

    - मोहित पिछले तीन सालों में कई मुठभेड़ में शामिल थे। उन्होंने जोनल एक्शन कमेटी कमांडर हलाल उर्फ संतु समेत 13 नक्सलियों की गिरफ्तारी कराई।
    - 8 माओवादियों का समर्पण कराया। 10 दिन पहले कोयलीबेड़ा के कतनार में कैंप ध्वस्त करने में भी मोहित ने अहम भूमिका निभाई थी।
    फोटो : खालिद अख्तर खान
    आगे की स्लाइड्स में क्लिक करके देखिए खबर की और Photos...


  • अच्छी हैंडराइटिंग के चलते बनना पड़ा था नक्सली, ऐसी है इस शहीद की कहानी
    +2और स्लाइड देखें
    कभी जवानों के खिलाफ लड़ता था मोहित, फिर जवानों का दिया साथ तो सम्मान के साथ तिरंगे में आया पार्थिव शरीर।
  • अच्छी हैंडराइटिंग के चलते बनना पड़ा था नक्सली, ऐसी है इस शहीद की कहानी
    +2और स्लाइड देखें
    इस शहीद के ऐसी है कहानी।
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Raipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: A Man Become Maoist Due To Good Handwriting
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      रिजल्ट शेयर करें:

      More From News

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×