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दूधमुंहे बेटे को सीने से सटा सड़कों पर ये काम करती है ये महिला, चर्चा में है ये

दूधमुंहे बेटे को सीने से सटा सड़कों पर ये काम करती है ये महिला, चर्चा में है ये

Danik Bhaskar | Nov 29, 2017, 01:47 PM IST
अपने दुधमुंहे बेटे के साथ ई-रि अपने दुधमुंहे बेटे के साथ ई-रि


बिलासपुर। शहर की सड़कों पर एक महिला ई-रिक्शा लिए सवारियों के इंतजार में कभी बस स्टैंड तो कभी रेलवे स्टेशन पर देखी जाती है। लोग दूर से तो इस महिला को रिक्शा चलाते देखते हैं पर पास जाकर जो नजारा देखते हैं वो दंग करने वाला होता है। दुधमुंहे बच्चे को सीने से लगा ये महिला ई-रिक्शा चलाती है। यानी मां का कर्तव्य निभाते हुए रोजी-रोटी का जुगाड़ भी करती है। जो भी इस महिला को देखता है वो इसके ममता को सलाम करता है। जानिए कौन है ये महिला...


- शहर की इमलीभाठा काछीबाड़ा की रहने वाली मधु तिवारी के तीन बच्चे हैं। दो बड़े हैं और एक दुधमुंहा बेटा जो मां के आंचल में रहता है।
- मधु का आर्थिक हालत ठीक नहीं है। पति के काम करने मात्र से घर का खर्चा जब नहीं चला तो मधु ने ई-रिक्शा चलाना शुरु कर दिया। अब वे गर्मी, बारिश, ठंडी किसी भी मौसम में समय पर अपने रिक्शे को लेकर निकल जाती हैं।
- साथ में उनका मासूम भी होता है। यानी बेटे का केयर करने के साथ वो गृहस्थी चलाने के लिए पैसों का जुगाड़ भी करती हैं।


बेटे की सुरक्षा का ऐसे रखती हैं ख्याल


- ई-रिक्शे में सीट बेल्ट नहीं है। अचानक ब्रेक लेने पर मासूम के गिरने का भय रहता है।
- ऐसे में वे खुद से बच्चे को रस्सी से बांध देती हैं। खुद की सीट के पास एक छोटी सी कभी बांध रखी है।
- सवारियों को गंतव्य तक पहुंचाने के बीच बच्चे को खाने-पीने से लेकर उसके सोने तक का ख्याल रखती हैं।
- मधु कहती हैं कि पति ने हौसला बढ़ाया तब जाकर वे खुद पैसे कमाने निकली हैं। इनके पति महावीर मिस्त्री का काम करते हैं।
- मधु ने बताया कि कुछ महीने पहले सीटी बस की ट्रेनिंग कार्यक्रम चल रहा था। ये योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए था।
- इसी दौरान इन्होंने ट्रेनिंग ली थी। फिलहाल ये ई-रिक्शा चला रही हैं।