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ट्रेन की बोगी में युवक ने किया सुसाइड, फंदे पर लटकी डेडबॉडी करती रही ट्रैवल

ट्रेन की बोगी में युवक ने किया सुसाइड, फंदे पर लटकी डेडबॉडी करती रही ट्रैवल

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 01:09 PM IST
कोच में यूं लटका मिला शव। कोच में यूं लटका मिला शव।


रायगढ़। रेलवे स्टेशन पर पहुंची गोंडवाना एक्सप्रेस के विकलांग कोच में फंदे से लटका युवक का शव देख लोगों के होश उड़ गए। रायगढ़ रेलवे स्टेशन के जीआरपी और आरपीएफ को इसकी सूचना भी दी गई, लेकिन नियमों का हवाला देकर शव नहीं उतारा गया। डेड बॉडी यूं ही लटकी हुई बिलासपुर तक गई। जानिए पूरी घटना...


- नियमों का पेंच बताकर रेलवे अधिकारी व पुलिस ने मानवता को शर्मसार कर दिया। शुक्रवार की रात यार्ड में खड़ी गोंडवाना एक्सप्रेस के विकलांग कोच में एक युवक की लाश लटकी मिली।
- इसकी सूचना रात 12 बजे ही स्टेशन मास्टर ने जीआरपी व आरपीएफ को दे दी। पुलिस ने कहा रात को शव नहीं उतारा जाता है, बाद में देखेंगे।
- सुबह साढ़े तीन बजे स्टेशन मास्टर ने ट्रेन छोड़ दी और शव लटकता हुआ बिलासपुर तक गया। सुबह 6 बजे बिलासपुर जीआरपी ने शव को उतारा और आगे की कार्रवाई की।
- ये ट्रेन रायगढ़ से रायगढ़ से 3:30 बजे चलकर निजामुद्दीन तक जाती है।


सफाई कर्मचारी ने देखा शव


- रात को ट्रेन की सफाई करने वाले कर्मचारियों ने जब शव देखा तो उन्होंने स्टेशन मास्टर को बताया। रात को ही स्टेशन मास्टर ने जीआरपी-आरपीएफ को इस बात की सूचना दी।
- जीआरपी ने कहा रात को शव नहीं उतार सकते। जिस विकलांग कोच में युवक ने फांसी लगाई है उसे ट्रेन से अलग कर ट्रेन छोड़ दी जाए।
- इसके तीन घंटे बाद लगभग 3 बजे यार्ड से ट्रेन प्लेटफार्म पर लाई गई। अब तक युवक के शव को उतारा नहीं गया। विकलांग कोच को अलग कर देने से बाद में सवाल-जवाब के झमेले से बचने के लिए स्टेशन मास्टर ने कोच अलग नहीं कराया और बगैर शव उतारे ही ट्रेन को स्टेशन से रवाना कर दिया।

- 134 किमी तक लटकता हुआ शव बिलासपुर पहुंचा। यहां जीआरपी को सूचना मिलने पर टीम ने शव को उतारा। युवक की अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।
- स्टेशन मास्टर पीके राउत का कहना है कि घटना की जीआरपी और आरपीएफ को मेमो के जरिये दे दी गई थी। नियमों की बात कहकर जीआरपी ने रात को शव उतारने से मना कर दिया।
- मैंने बिलासपुर के अधिकारियों से भी बात की, उन्होंने निर्देश दिए कि कोच अलग न किया जाए और ट्रेन को रवाना किया जाए इसलिए मैंने शेड्यूल के हिसाब से ट्रेन रवाना करा दी।
- इधर जीआरपी के हेड कांस्टेबल दलसिंह ठाकुर का कहना है कि शुक्रवार की रात 12:10 में सूचना मिलने के बाद हमने स्टेशन मास्टर से कोच को अलग करने की बात की, लेकिन स्टेशन मास्टर ने ट्रेन को रवाना करा दिया।