सरकार की इस नीति से इतने प्रभावित हुए नक्सली पति-पत्नी कि कर दिया सरेंडर... नक्सलियों का नेटवर्क मजबूत करने का था जिम्मा, आत्मसमर्पण के बाद IG ने दिया उन्हें ये बड़ा इनाम / सरकार की इस नीति से इतने प्रभावित हुए नक्सली पति-पत्नी कि कर दिया सरेंडर... नक्सलियों का नेटवर्क मजबूत करने का था जिम्मा, आत्मसमर्पण के बाद IG ने दिया उन्हें ये बड़ा इनाम

9 घटनाओं में शामिल नक्सली दंपति पर 14 लाख रुपए था इनाम

dainikbhaskar.com

Feb 13, 2019, 08:44 PM IST
Chhattisgarh : naxal husband wife affected by the government rehabilitation policy surrendered in rajnandgoan

राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ 14 लाख रुपए के इनामी नक्सली दंपति ने बुधवार को राजनांदगांव पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पति-पत्नी पर 9 घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। दोनों नागपुर में रहकर शहरी नेटवर्क के लिए करते थे। दंपति को आईजी रतनलाल डांगी ने 10000 रु. प्रोत्साहन राशि दी। विवेक ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि नक्सलियों के साथ काम करते हुए वो थक चुके थे। जब छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति का पर पता चला, तो उन्होंने सरेंडर करने की सोचा।

- विवेक के मुताबिक 2004 में वो विद्यार्थी आंदोलन से जुड़े फिर नक्सलियों के साथ 2005 से 2009 तक नेटवर्क मजबूत किया। नक्सल दंपति विवेक बंटी और उसकी पत्नी कमला उर्फ कोमल ने राजनांदगांव पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। इसके बाद महाराष्ट्र के शहरी नेटवर्क में काम करते हुए वो नक्सलियों के सशस्त्र विंग केकेके एरिया कमेटी में शामिल हुए।साल 2013 से 2016 तक सीसीएम के गार्ड रहे। साल 2017 में उन्हें सीसी कमेटी का एरिया सचिव भी बनाया गयाइसके तहत उन्हें नागपुर शहर भेजा गया था। वहीं उनकी पत्नी कोमल ने बताया कि साल 2009 में नक्सली संगठन में वो शामिल हुई, फिर 2010 एरिया कमेटी में काम किया। साल 2011 से 13 तक काम करने के बाद उन्हें नर्मदा का गार्ड बनाया गया। वहीं साल 2016 से 2018 तक सीसीएम स्टाफ में काम किया।

X
Chhattisgarh : naxal husband wife affected by the government rehabilitation policy surrendered in rajnandgoan
COMMENT