पीएनबी से डीकेएस लोन की 105 पन्नों की फाइल जब्त, दो घंटे खंगाले दस्तावेज

Raipur News - डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के 64 करोड़ घोटाले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार दोपहर...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:26 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news 105 pages of dks loan seized from pnb two hours discovered documents
डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के 64 करोड़ घोटाले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार दोपहर पंजाब नेशनल बैंक(पीएनबी)के हैड क्वार्टर से लोन की फाइल जब्त कर ली है। डीकेएस के लोन की 105 पन्नों की फाइल को खंगालने करीब दो घंटे तक कई दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। पीएनबी के पूर्व एजीएम सुनील अग्रवाल की दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी। एजीएम अग्रवाल 20 मई को रायपुर कोर्ट में उपस्थित होंगे। उसी समय कोर्ट से उनकी रिमांड लेने की तैयारी है।

एसआईटी हेड सीएसपी नसर सिद्दीकी के साथ पुलिए टीम शुक्रवार को दोपहर बाद पीएनबी के कटोरातालाब स्थित हेड क्वार्टर पहुंची। बैंक के अधिकारियों का बयान लेने के बाद डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लोन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए। परीक्षण के बाद उन्हें जब्त किया गया। अफसरों ने संकेत दिए हैं कि बैंक लोन की फाइल में 30 पन्ने बेहद महत्वपूर्ण हैं। उसका अध्ययन किया जा रहा है। दस्तावेजों के प्रारंभिक परीक्षण से संकेत मिल रहे हैं कि कर्ज देने के लिए कई निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया गया। कई दस्तावेज अधूरे हैं, उसके बाद भी बैंक ने इतनी बड़ी रकम का लोन स्वीकृत कर दिया। बैंक की व्यवस्था का परीक्षण करने के बाद ऐसे तथ्य मिले हैं, जिससे अधूरे दस्तावेजों के आधार पर लोन स्वीकृत करने में पूर्व एजीएम अग्रवाल की मुख्य भूमिका सामने आ रही है। अफसरों का कहना है अभी अग्रवाल से पूछताछ नहीं हो पाई। ट्रांजिट रिमांड पर जब एजीएम पेश होंगे तब उन्हें पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। उनके हस्ताक्षर का सैंपल लिया जाएगा। उसका दस्तावेजों से मिलान किया जाएगा।

कर्ज की फाइल में हस्ताक्षर करने वाले भी फंसेंगे

डीकेएस अस्पताल के लोन फाइल में जिनके हस्ताक्षर हैं। उनके ऊपर भी कार्रवाई की तैयारी है। उसमें कुछ डॉक्टर भी शामिल है। वहां कर्ज लेने के बाद मशीनों की खरीदारी में जिन लोगों ने स्वीकृति दी, उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा। खासतौर पर खरीदी समिति और सीजीएमएससी के अधिकारी इसमें शामिल हैं। सभी ने दस्तावेजों में हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें गड़बड़ी का आरोप है।

कर्ज की फाइल में हस्ताक्षर करने वाले भी फंसेंगे

डीकेएस अस्पताल के लोन फाइल में जिनके हस्ताक्षर हैं। उनके ऊपर भी कार्रवाई की तैयारी है। उसमें कुछ डॉक्टर भी शामिल है। वहां कर्ज लेने के बाद मशीनों की खरीदारी में जिन लोगों ने स्वीकृति दी, उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा। खासतौर पर खरीदी समिति और सीजीएमएससी के अधिकारी इसमें शामिल हैं। सभी ने दस्तावेजों में हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें गड़बड़ी का आरोप है।

सात साल रायपुर में रहे एजीएम

पुलिस के अनुसार रायपुर पीएनबी में एजीएम सुनील अग्रवाल लगभग सात साल रहे हैं। वे विदेश में भी सेवा दे चुके हैं। अफगानिस्तान में उन्होंने बैंकिंग सिस्टम को मजबूत किया था। वहां बैंक शुरू कराया। उन्होंने ही डीकेएस अस्पताल के लिए 64 करोड़ का कर्ज स्वीकृत किया। जबकि कर्ज लेने के लिए बैंक में फर्जी ऑडिट रिपोर्ट के साथ कई अधूरे दस्तावेज जमा किए गए हैं। उसके बावजूद भी लोन स्वीकृत कर दिया। इतनी बड़ी रकम स्वीकृत करते समय दस्तावेजों का वेरिफिकेशन नहीं कराया गया। ये भी चेक नहीं कराया गया कि जो ऑडिट रिपोर्ट पेश की गई है वह सही है या नहीं? इसलिए पुलिस एजीएम की भूमिका की जांच कर रही है। उन्होंने किस आधार पर कर्ज पास किया था।

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